पूर्वोत्‍तर में पिछले चार वर्षों के दौरान क्रांतिकारी रूपांतरण हुआ : डॉ• जितेंद्र सिंह



नई दिल्ली, 29 दिसम्बर 2018, इंडिया इनसाइड न्यूज़।

केंद्रीय पूर्वोत्‍तर क्षेत्र विकास राज्‍य मंत्री (स्‍वतंत्र प्रभार), प्रधानमंत्री कार्यालय, कार्मिक, लोक शिकायत एवं पेंशन, परमाणु ऊर्जा विभाग एवं अंतरिक्ष विभाग मंत्री डॉ• जितेन्‍द्र सिंह ने शुक्रवार 28 दिसम्बर को पूर्वोत्‍तर क्षेत्र विकास मंत्रालय (डोनर) के पूर्वोत्‍तर परिषद (एनईसी) के कैलेंडर का अनावरण किया। दीवार कैलेंडर को पूर्वोत्‍तर की स्‍थानीय कलाओं की थीम पर एवं टेबल कैलेंडर को पूर्वोत्‍तर क्षेत्र के आभूषणों की थीम पर तैयार किया गया है। इस अवसर पर सचिव (डोनर) नवीन वर्मा, ओएसडी (डोनर) इंद्रजीत सिंह एवं एनईसी के सचिव राम मुईवाह भी उपस्थित थे।

इस अवसर पर डॉ• जितेन्‍द्र सिंह ने कहा कि प्रधामंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्‍व में उत्‍तर पूर्व में क्रांतिकारी बदलाव देखने में आया है। उन्‍होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने स्‍वयं कई बार उत्‍तर पूर्व क्षेत्र का दौरा किया है। उन्‍होंने कहा कि अब पूर्वोत्‍तर क्षेत्र अन्‍य राज्‍यों के लिए रोल मॉडल बन गया है। उन्होंने कहा कि हाल ही में सरकार ने औद्योगिक संवर्धन के लिए पूर्वोत्‍तर राज्‍यों की तर्ज पर जम्‍मू एवं कश्‍मीर के लिए लाभ के विस्‍तार को मंजूरी दी है।

श्री सिंह ने पूर्वोत्‍तर क्षेत्र के लिए अन्‍य कई पहलों जैसे पूर्वोत्‍तर के लिए पहला क्षेत्र आधारित नीति फोरम, पूर्वोत्‍तर विशिष्‍ट अवसंरचना विकास योजना, क्षेत्र आधारित पूर्वोत्‍तर सड़क क्षेत्र विकास योजना, सिक्किम (पाक्‍योंग) में अब तक का पहला हवाई अड्डा, पूर्वोत्‍तर उद्यम कोष, भारतीय वन अधिनियम में संशोधन, जिसके अनुसार बांस अब पेड़ नहीं रहा, वन समुदायों को आजीविका के लिए सक्षम बनाना इत्‍यादि की चर्चा की। उन्‍होंने कहा कि डोनर मंत्रालय ने डेस्टिनेशन नार्थ-ईस्‍ट सीरीज, नॉर्थ ईस्‍ट कॉलिंग इत्‍यादि जैसे पूर्वोत्‍तर क्षेत्र की संस्‍कृति एवं पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए कई कार्यक्रम आयोजित किए हैं। अवसंरचना विकास की चर्चा करते हुए उन्होंने असम के उत्‍तर पूर्व भारतीय राज्‍य में ब्रह्मपुत्र नदी के ऊपर बोगीबिल सेतु पर बने सड़क एवं रेल पुल का जिक्र किया। उन्‍होंने कहा कि उत्‍तर पूर्व क्षेत्र अब देश के अन्‍य हिस्‍सों से बेहतर तरीके से जुड़ गया है।

डोनर मंत्रालय ने पूर्वोत्‍तर क्षेत्र के विकास के लिए कई कदम उठाए हैं। पिछले कुछ वर्षों के दौरान डोनर मंत्रालय को बजटीय आवंटन का रुझान प्रदर्शित करता है कि 2015-16 के वास्‍तविक आवंटन की तुलना में 2018-19 के बजट अनुमान में आवंटन में 51 प्रतिशत की वृद्धि की गई है। डोनर मंत्रालय को वर्ष 2015-16, 2016-17, 2017-18 एवं 2018-19 के लिए क्रमश: 1986.80 करोड़ रुपए (वास्‍तविक), 2495.84 करोड़ रुपए (वास्‍तविक), 2682.45 करोड़ रुपए (संशोधित अनुमान) एवं 3000 करोड़ रुपए (बजट अनुमान) आवंटित किया गया।

एक अग्र‍णी मंत्रालय होने के कारण डोनर मंत्रालय शुरुआत से ही गैर-छूटप्राप्‍त मंत्रालयों/विभागों द्वारा 10 प्रतिशत के अनिवार्य जीबीएस के तहत व्‍यय की निगरानी करता है एवं उस पर नजर रखता है।

वर्ष के दौरान अन्‍य पहलों के रूप में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने एनईसी के पुन:स्थितीयन (रिपोजिशनिंग) को मंजूरी दी है, जिसमें केंद्रीय गृहमंत्री पदेन अध्‍यक्ष होंगे तथा डोनर राज्‍यमंत्री उपाध्‍यक्ष होंगे। उत्‍तर पूर्व सड़क क्षेत्र विकास योजना (एनईआरएसडीएस) को एक हजार करोड़ रुपए के परिव्‍यय के साथ मार्च 2020 तक विस्‍तारित कर दिया गया है।

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