67वां अखिल भारतीय पुलिस एथेलेटिक्स प्रतियोगिता



नई दिल्ली, 10 दिसम्बर 2018, इंडिया इनसाइड न्यूज़।

● तनावपूर्ण माहौल में सुरक्षा बलों की कार्य क्षमता बनाए रखने के लिए खेलकूद अपरिहार्य आवश्यकता - उपराष्ट्रपति

67वें अखिल भारतीय पुलिस एथेलेटिक्स प्रतियोगिता का उद्घाटन करते हुए उपराष्ट्रपति एम• वेंकैया नायडू ने कहा कि पुलिस बल लंबे समय तक दुरूह और तनावभरी परिस्थितियों में तैनात रहते है। उन्होंने कहा कि ऐसी परिस्थितियों में खेल कूद सुरक्षा बलों की कार्य क्षमता और मनोबल बनाए रखने के लिए आवश्यक हैं। उन्होंने कहा स्वस्थ शरीर में ही स्वस्थ मस्तिष्क का वास होता है। इसके लिए सुरक्षा बालों में योग और ध्यान को बढ़ावा दिया जा रहा है।

उन्होंने सुरक्षा बलों द्वारा खेल संस्कृति तथा खेल प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने की सराहना की। इस अवसर पर उपराष्ट्रपति ने हरियाणा जैसे प्रदेश पुलिस बल द्वारा प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को पुलिस सेवा में अवसर दिए जाने की भी सराहना की।

कश्मीर और पूर्वोत्तर में किए गए सफल प्रयोगों का उल्लेख करते हुए उपराष्ट्रपति ने कहा कि खेल कूद से स्थानीय समुदायों और युवाओं के बीच सुरक्षा बलों की भूमिका की स्वीकार्यता बढ़ी तथा परस्पर विश्वास विकसित हुआ। उन्होंने कहा ऐसे सफल प्रयोगों से स्थानीय खेल प्रतिभाओं को खोजने में सहायता मिली। उपराष्ट्रपति ने कहा कि सुरक्षा बलों के खिलाड़ियों को प्रशिक्षक के रूप में प्रशिक्षित किया जाना चाहिए।

पुलिस कर्मियों की सराहना करते हुए श्री नायडू ने कहा कि उनका अनुशासन, कौशल, कार्य क्षमता, नेतृत्व क्षमता तथा टीम वर्क की भावना उन्हें किसी भी संगठन या समुदाय का महत्वपूर्ण अपरिहार्य सदस्य बनाती है और समुदाय उनसे नेतृत्व कीअपेक्षा रखता है।

आईबी निदेशक की अध्यक्षता में ऑल इंडिया पुलिस स्पोर्ट्स कंट्रोल बोर्ड पुलिस बलों में खेल कूद को प्रोत्साहित करता है। केंद्रीय सुरक्षा बल क्रमशः अखिल भारतीय एथेलेटिक्स प्रतियोगिता का आयोजन करते हैं। इस वर्ष इस प्रतियोगिता का आयोजन केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल द्वारा किया जा रहा है। इन प्रतियोगिताओं में केंद्रीय और राज्य सुरक्षा बलों के लगभग 1100 प्रतियोगी भाग ले रहे हैं।

प्रतियोगी खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करते हुए उपराष्ट्रपति ने ओलंपिक के आदर्श वाक्य faster, higher, stronger का उल्लेख किया और कहा कि आपकी स्पर्धा सिर्फ साथी प्रतिभागियों से ही नहीं बल्कि स्वयं अपने आप से है कि आप अपनी क्षमताओं को किस सीमा तक बढ़ा सकते है। उपराष्ट्रपति ने आशा व्यक्त की कि इन खेलों से अन्तर्राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में देश का प्रतिनिधित्व कर सकने वाले प्रतिभाशाली खिलाड़ी मिल सकेंगे।

ताजा समाचार

National Report



Image Gallery
इ-अखबार - जगत प्रवाह
  India Inside News