नई दिल्ली, 19 नवम्बर 2018, इंडिया इनसाइड न्यूज़।
केन्द्रीय वाणिज्य, उद्योग तथा नागर विमानन मंत्री सुरेश प्रभु ने कहा है कि विश्व व्यापार संगठन (डब्ल्यूटीओ) में सुधार के लिए भारत अन्य सदस्य देशों के साथ कार्य करेगा ताकि वह विश्व व्यापार को नई गति प्रदान करता रहे। डब्ल्यूटीओ के लिए रणनीतिक गठबंधन और व्यापार उपायों के बारे में नई दिल्ली में एक सम्मेलन को संबोधित करते हुए, उन्होंने कहा कि बहुपक्षीय व्यापार व्यवस्था दबाव में है और अनेक नए व्यापार प्रतिबंधात्मक उपाय बढ़ रहे हैं जो वैश्विक व्यापार और अर्थव्यवस्था के विकास को प्रभावित करेंगे।
श्री प्रभु ने कहा कि डब्ल्यूटीओ के बिना व्यापार, अर्थव्यवस्था का विस्तार नहीं हो सकता क्योंकि वह एकमात्र संगठन है जो वैश्विक नियमों के सम्बन्ध में विभिन्न देशों से जुड़ा हुआ है। डब्ल्यूटीओ वैश्विक व्यापार व्यवस्था के अनिवार्य स्तम्भ के रूप में कार्य करते हुए आज 98 प्रतिशत वैश्विक व्यापार को मजबूती प्रदान कर रहा है। उम्मीद है कि यह विश्व व्यापार में स्थिरता और अपेक्षा के अनुरूप एक नियम आधारित व्यवस्था प्रदान करेगा।
उन्होंने बताया कि भारत किसी देश के पक्ष में अथवा किसी के खिलाफ नहीं है बल्कि वह चाहता है कि डब्ल्यूटीओ को एक प्रगतिशील संगठन बनाया जाए जो बेहतर वैश्विक व्यापार व्यवस्था को प्रोत्साहित कर सके। उन्होंने कहा कि पिछले कुछ महीनों में उन्होंने विभिन्न देशों के 100 से अधिक व्यापार और वाणिज्य मंत्रियों के साथ मूलभूत मुद्दों पर विचार-विमर्श किया ताकि डब्ल्यूटीओ के लिए एक नया सुधार एजेंडा तैयार किया जा सके जो अधिकतर देशों को स्वीकार्य हो।