नई दिल्ली, 30 अक्टूबर 2018, इंडिया इनसाइड न्यूज़।
॥■॥ प्रधानमंत्री ‘स्टैच्यू ऑफ यूनिटी’ को राष्ट्र को समर्पित करेंगे
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी बुधवार 31 अक्टूबर, 2018 को गुजरात के केवड़िया में विश्व की सबसे ऊंची प्रतिमा ‘स्टैच्यू ऑफ यूनिटी’ को राष्ट्र को समर्पित करेंगे।
सरदार वल्लभभाई पटेल की 182 मीटर ऊंची प्रतिमा उनकी जयंती पर गुजरात के नर्मदा जिले स्थित केवड़िया में राष्ट्र को समर्पित की जाएगी।
इस अवसर पर आयोजित समारोह के दौरान प्रधानमंत्री और अन्य गणमान्य व्यक्ति ‘स्टैच्यू ऑफ यूनिटी’ को राष्ट्र को समर्पित करने के मद्देनजर मिट्टी एवं नर्मदा के जल को एक कलश में डालेंगे।
प्रधानमंत्री इस अवसर पर उपस्थित जन समूह को संबोधित करेंगे।
प्रधानमंत्री इसके बाद ‘वाल ऑफ यूनिटी’ पर पहुंचेंगे और इसका उदघाटन करेंगे। प्रधानमंत्री ‘स्टैच्यू ऑफ यूनिटी’ के सामने प्रार्थना करेंगे। वह संग्रहालय एवं प्रदर्शनी के साथ-साथ दर्शक दीर्घा का भी अवलोकन करेंगे। 153 मीटर ऊंची इस दर्शक दीर्घा में एक समय में अधिकतम 200 आगंतुक उपस्थित हो सकते हैं। यहां से सरदार सरोवर बांध, इसके जलाशय और सतपुड़ा एवं विंध्य पर्वत श्रृंखलाओं का मनोरम दृश्य नजर आता है।
इस प्रतिमा को राष्ट्र को समर्पित करने के अवसर पर आयोजित समारोह के दौरान भारतीय वायु सेना के विमान फ्लाईपास्ट करेंगे। इसके साथ ही विभिन्न सांस्कृतिक दल इस अवसर पर अपनी-अपनी अद्भुत कलाओं का प्रदर्शन भी करेंगे।
॥■॥ प्रकाश जावड़ेकर नई दिल्ली में ‘केवीएस राष्ट्रीय एकता शिविर- एक भारत श्रेष्ठ भारत’ का उद्घाटन करेंगे
मानव संसाधन विकास मंत्री प्रकाश जावड़ेकर बुधवार 31 अक्टूबर 2018 को नई दिल्ली में विज्ञान भवन के प्रांगण में ‘केवीएस राष्ट्रीय एकता शिविर- एक भारत श्रेष्ठ भारत’ का उद्घाटन करेंगे। यह कार्यक्रम 31 अक्टूबर से 2 नवम्बर 2018 तक तीन दिनों के लिए जनता के लिए खुला रहेगा। इसका समय 10 बजे से लेकर शाम 5 बजे तक का है।
राष्ट्रीय एकता शिविर का विचार कई तरह से अनोखा है। केवीएस के 25 क्षेत्र, भारत के 25 राज्यों और 25 देशों की सांस्कृतिक धरोहर को प्रस्तुत करेंगे, जिसमें नृत्य, संगीत, गीत और सामाजिक-आर्थिक प्रगति शामिल है।
इस विशाल मंच के जरिए छात्रों को अपनी रचनात्मकता, मौलिकता, कलात्मक कौशल इत्यादि को प्रदर्शित करने का अवसर मिलेगा। उन्हें भारत के अन्य राज्यों के साथ दुनिया के विभिन्न देशों की संस्कृति, परम्परा, कला और वास्तुशिल्प को जानने का भी मौका मिलेगा। छात्रों को सूचना प्राप्त करने की प्रक्रिया में तमाम चुनौतियों, भाषायी और भौगोलिक बाधाओं को पार करने का आवसर मिलता है और वे राष्ट्रीय गौरव से ओतप्रोत होकर बेहतर वैश्विक दृष्टिकोण अपनाने में सक्षम होते हैं। संक्षेप में यह कार्यक्रम न सिर्फ मंचीय कलाओं को समेटे है, बल्कि सीखने और ज्ञान हासिल करने के जरिए प्रक्रियाओं की झलक भी इसमें निहित है।
इस वर्ष ‘केवीएस राष्ट्रीय एकता शिविर- एक भारत श्रेष्ठ भारत’ और ‘लिट-फेस्ट’ के दौरान निम्नलिखित स्पर्धाएं होंगी-
● ‘एक भारत श्रेष्ठ भारत’
समूह गान
समूह नृत्य (राज्य एवं अंतर्राष्ट्रीय)
थियेटर
स्पॉट-पेंटिंग
एकल गान
एकल क्लासिकल नृत्य
कलात्मक वस्तुओं की प्रदर्शनी
● ‘लिट-फेस्ट’
डिबेट (हिन्दी और अंग्रेजी)
संस्कृत श्लोक पाठन
हिन्दी काव्यपाठ
अंग्रेजी वाक् कुशलता
रचनात्मक लेखन
स्पेल-बी
इस वर्ष इस विशाल आयोजन में भाग लेने के लिए 1600 छात्र आ रहे हैं। इस कार्यक्रम की अनोखी बात यह है कि इसमें देश के प्रत्येक भाग से हिस्सा लेने वाले छात्र और विश्व के अन्य देशों से आने वाले छात्र अलग-अलग सांस्कृतिक विविधता का प्रतीक हैं।
केवीएस राष्ट्रीय सामाजिक विज्ञान प्रदर्शनी-सह-राष्ट्रीय एकता शिविर हर वर्ष स्कूली, सामूहिक, क्षेत्रीय और राष्ट्रीय स्तर पर आयोजित किया जाता है। केवीएस के सभी 25 क्षेत्रों को एक राज्य का आवंटन होता है, जो उनके अपने राज्य और उस देश से भिन्न होता है। छात्र आवंटित राज्य और देश से संबंधित संस्कृति, रिवाज, पोषाक, फसल, अर्थव्यवस्था, जलवायु पर प्रदर्शनी/प्रोजेक्ट तैयार करते हैं। हर साल राज्यों और देशों में बदलाव किया जाता है।