नई-दिल्ली/गोवा, 12 अक्टूबर 2018, इंडिया इनसाइड न्यूज़।
समुद्री सीमा से लगते पड़ोसियों के साथ मित्रवत रिश्तों को मजबूत करने के लिए भारतीय नौसेना 16 अक्टूबर 2018 को नेवल वॉर कॉलेज, गोवा में गोवा समुद्री परिसंवाद-2018 का आयोजन कर रही है। ये समारोह 2017 में शुरू हुए गोवा समुद्री परिसंवाद का अगला चरण है। इस परिसंवाद में हिंद महासागर के तटों से लगे 16 देशों के नौसेना के वरिष्ठ अधिकारी हिस्सा लेंगे। इन देशों में दक्षिण पूर्व एशिया के इंडोनेशिया, मलेशिया, सिंगापुर और थाइलैंड, जबकि भारत के पड़ोसी देश बांग्लादेश, म्यांमार और श्रीलंका के अलावा सेशेल्स के द्विपीय देश, मॉरिशस और मालदीव के साथ ही पश्चिमी एशिया से ओमान और अफ्रीका से दक्षिण अफ्रीका, मेडागास्कर, केन्या, तंजानिया और मोजांबिक हिस्सा लेंगे।
विशिष्ट शैक्षणिक संस्थान स्थापित करने और भारत के तटवर्ती देशों के साथ जानकारी के आदान-प्रदान को ध्यान में रखकर बुलाया गया ये परिसंवाद भारतीय उप महाद्वीप के देशों के नौसेना अधिकारियों के बीच सभी के समुद्री हितों के लिए बेहतर तालमेल बनाने में मदद करेगा। 21वीं सदी के रणनीतिक परिदृश्य में हिंद महासागर की बढ़ती उपयोगिता को देखते हुए ये परिसंवाद उन सभी संबंधित देशों के लिए अहम होगा जिनका इस उप महाद्वीप के विकास की रणनीति, उसकी नीति और उसे लागू करने के तरीकों को लेकर अहम योगदान है।
उत्तरी गोवा के बेहद खूबसूरत वातावरण आईएनएस मांडोवी, और उससे लगे एगुआडा किला में इस परिसंवाद का आयोजन हमारे दो शताब्दी ईसा पूर्व की बेहद समृद्ध गोवा के समुद्री इतिहास, संस्कृति और परंपरा को दर्शाता है।
इस एक दिवसीय परिसंवाद का थीम होगी ''भारतीय उपमहाद्वीप में मजबूत समुद्री साझेदारी का निर्माण''। इस परिसंवाद का उद्देश्य भारतीय उपमहाद्वीप की नौसेनाओं के बीच समुद्री खतरों से लड़ने की क्षमता विकसित करना है। साथ ही सहकारी रणनीति पर विचार कर समुद्री एजेंसियों के बीच एक दूसरे के साथ मिलकर काम करने की क्षमता को बढ़ाना। परिसंवाद के दौरान विशिष्ट वक्ता वर्तमान समय की महत्वपूर्ण समस्याओं पर अपने विचार रखेंगे।
परिसंवाद का उद्घाटन एडमिरल सुनील लांबा, पीवीएसएम, एवीएसएम, एडीसी, चीफ ऑफ नेवल स्टाफ करेंगे।