पुनर्वित्त सीमा 24,000 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 30,000 करोड़ रुपये करने का फैसला



नई-दिल्ली, 09 अक्टूबर 2018, इंडिया इनसाइड न्यूज़।

राष्‍ट्रीय आवास बैंक (एनएचबी) ने वर्तमान परिदृश्‍य को ध्‍यान में रखते हुए पुनर्वित्‍त सीमा को बढ़ाकर 30,000 करोड़ रुपये करने का फैसला किया है। अब, पुनर्वित्‍त के लिए पात्र या योग्‍य मानी जाने वाली आवास वित्‍त कंपनियों और अन्‍य निकायों के लिए अपेक्षाकृत ज्‍यादा धनराशि उपलब्‍ध रहेगी।

राष्‍ट्रीय आवास बैंक ने पात्र या योग्‍य माने जाने वाले संस्‍थानों के पुनर्वित्‍त के लिए इस वर्ष (जुलाई 2018-जून 2019) 24,000 करोड़ रुपये की आरंभिक सीमा मंजूर की थी। अब तक 8,835 करोड़ रुपये मंजूर किये गये हैं। यह पुनर्वित्‍त आवास वित्‍त कंपनियों और अन्‍य संस्‍थानों के लिए एक तरह का ऋण प्रवाह है।

राष्‍ट्रीय आवास बैंक वर्तमान 97 आवास वित्‍त संस्‍थानों को बढ़ावा देने और पात्र या योग्‍य संस्‍थानों को वित्‍तीय सहयोग प्रदान करने वाली प्रमुख एजेंसी है। राष्‍ट्रीय आवास बैंक एक नियामक के रूप में आवास वित्‍त कंपनियों में तरलता (लिक्विडिटी) की स्थिति पर नियमित रूप से करीबी नजर रखता है।

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