नई दिल्ली, 10 सितम्बर 2018, इंडिया इनसाइड न्यूज़।
॥■॥ कर्नल राज्यवर्धन राठौर (सेवानिवृत्त) ने दूरदर्शन के 9 डीएसएनजी वाहनों को रवाना किया
केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण और खेल एवं युवा मामलों के राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) कर्नल राज्यवर्धन राठौर (सेवानिवृत्त) ने आज यहां दूरदर्शन के 9 डीएसएनजी वाहनों को झंडी दिखाकर रवाना किया। इस अवसर पर सूचना एवं प्रसारण सचिव अमित खरे, दूरदर्शन की महानिदेशक सुप्रिया साहू और मंत्रालय के अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद थे।
इस अवसर पर कर्नल राज्यवर्धन राठौर (सेवानिवृत्त) ने कहा कि उनकी सरकार का जोर एक्ट ईस्ट पॉलिसी पर है और इस दिशा में पूर्वोत्तर क्षेत्र में कई विकास कार्य चलाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि पूर्वोत्तर क्षेत्र में अधिक डीएसएनजी वाहनों के काम पर लगाए जाने से पूर्वोत्तर क्षेत्र के विकास से जुड़ी कहानियों को लोगों तक पहुंचाने में मदद मिलेगी।
दूरदर्शन से सीधा प्रसारण की क्षमता बढ़ाने के लिए इसमें 9 नए सी-बैंड डीएसएनजी वाहन शामिल किए गए जो एचडी सिग्नल जोड़ने में सक्षम हैं। इन वाहनों की वैश्विक निविदा के जरिए खरीद पर 22.83 करोड़ रुपये (2.54 करोड़ रुपये प्रति वाहन) की लागत आई।
इन डीएसएनजी ईकाइयों की मदद से दूरदर्शन की पूर्वोत्तर से सीधा प्रसारण करने की क्षमती बढ़ जाएगी क्योंकि 4 डीएसएनजी गंगटोक, कोहिमा, इम्फाल और अगरतला में तैनात किए जाएंगे। इसके अलावा नई डीएसएनजी ईकाइयां इलाहाबाद, विशाखापट्टनम, चंडीगढ़, जगदलपुर और पुणे में लगाई जाएंगी।
दूरदर्शन के पास अभी 34 डीएसएनजी ईकाइयां हैं जो देशभर में तैनात की गई हैं। इनमें से 16 ईकाइयां सी-बैंड पर काम करती हैं और 18 ईकाइयां कू-बैंड पर काम करती हैं। हालांकि इन 34 डीएसएनजी ईकाइयों में 2 ही एचडी सिग्नल को अपलिंक कर पाती हैं।
॥■॥ कर्नल राज्यवर्धन राठौर (सेवानिवृत्त) ने सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय सलाहकार समिति की बैठक की अध्यक्षता की
केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण और खेल एवं युवा मामलों के राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) कर्नल राज्यवर्धन राठौर (सेवानिवृत्त) ने भारतीय जन संचार संस्थान से जुड़े मुद्दों और कामकाज के बारे में विचार के लिए सूचना और प्रसारण मंत्रालय की सलाहकार समिति की बैठक की अध्यक्षता की।
कर्नल राठौर ने आईआईएमसी के कामकाज के बारे में समिति के सदस्यों को जानकारी दी। उन्होंने सदस्यों को आईआईएमसी के समक्ष मुद्दों के बारे में भी बताया और उनसे निपटने के उपायों के बारे में भी जानकारी दी। उन्होंने संस्थान को सर्वोत्कृष्ट दृश्य-श्रव्य उपकरण उपलब्ध कराने के लिए कैनन और सोनी से सहमति पत्र पर हस्ताक्षर करने के लिए की गई कोशिशों के लिए सराहना की।
समिति के सदस्यों ने संस्थान में संचार पर अनुसंधान कार्य की गुणवत्ता में सुधार के लिए मंत्रालय की सराहना की। सदस्यों ने फेक न्यूज जैसे विभिन्न समकालीन मुद्दों पर अनुसंधान कराने का सुझाव दिया। बैठक में पत्रकारों के कौशल विकास के लिए सेमीनार आयोजित कराने का भी सुझाव दिया गया।
बैठक में आईआईएमसी के महानिदेशक डॉ• के• जी• सुरेश ने आईआईएमसी के कामकाज और इससे जुड़े विभिन्न मुद्दों को लेकर एक प्रस्तुति दी।
बैठक में सांसद देव (मून मून सेन) वर्मा, डॉ• संजय जायसवाल, नीरज शेखर भी शामिल हुए। इस अवसर पर सूचना एवं प्रसारण सचिव अमित खरे और मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद थे।