नई दिल्ली/कर्नाटक, 25 अगस्त 2018, इंडिया इनसाइड न्यूज़।
मुख्यधारा एवं सोशल मीडिया में रक्षा मंत्री (आरएम) के कर्नाटक में कोडागु जिले के दौरे के बारे में कुछ रिपोर्ट आई है जिसमें कहा गया है कि जिला प्रशासन द्वारा की जा रही बाढ़ की समीक्षा के दौरान रक्षा मंत्री कोडागु जिले के प्रभारी मंत्री सा रा महेश से नाराज हो गईं। रिपोर्ट में जिले के प्रभारी मंत्री को उद्धृत किया गया है कि उन्होंने रक्षा मंत्री के खिलाफ कुछ व्यक्तिगत टिप्पणियां कीं। इन टिप्पणियों ने राज्य सभा की मर्यादा भी गिराई है और भारतीय राजनीति के बारे में सम्मान और ज्ञान की नितांत कमी को प्रदर्शित किया है।
मामले को स्पष्ट करने के लिए यह जरुरी है कि घटनाओं का विस्तृत क्रमवार ब्यौरा प्रस्तुत किया जाए। रक्षा मंत्री के दौरे के कार्यक्रम को जन प्रतिनिधियों के परामर्श से कोडागु के जिला प्रशासन द्वारा अंतिम रूप दिया गया। इस कार्यक्रम को मंजूरी दी गई और रक्षा मंत्री के आगमन से दो दिन पहले इसे सभी संबंधित लोगों को वितरित कर दिया गया। इसके बाद, जिला प्रशासन के आग्रह पर इस कार्यक्रम में कुछ पूर्व सैनिकों को शामिल किया गया।
प्रक्षेत्र दौरों के संपन्न होने पर, कार्यक्रम के अनुरुप, रक्षा मंत्री उन पूर्व सैनिकों के साथ बातचीत कर रही थीं, जो बाढ़ से बुरी तरह प्रभावित हुए थे। इस पर जिले के प्रभारी मंत्री ने आपत्ति जताई और जोर देकर कहा कि पहले अधिकारियों के साथ बैठक आयोजित की जाए। रक्षा मंत्री ने स्पष्ट किया कि पूर्व सैनिकों का कल्याण रक्षा मंत्री का एक अनिवार्य हिस्सा है और इसका विवरण कार्यक्रम में भी है। तथापि, जिला मंत्री ने जोर दिया कि रक्षा मंत्री तत्काल बातचीत बंद करें एवं अधिकारियों के साथ बैठक करने के लिए वहां से रवाना हों।
हालांकि यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण था, लेकिन स्थिति को और बदतर बनने से बचाने के लिए रक्षा मंत्री ने तत्काल यह बैठक स्थगित की और अधिकारियों के साथ बैठक करने के लिए रवाना हो गईं। मीडिया के लोगों की उपस्थिति में आयोजित इस बैठक के बाद रक्षा मंत्री ने पूर्व सैनिकों की समस्याएं सुनीं।
जिला प्रशासन द्वारा कार्यक्रम को अंतिम रूप दिए जाने के बावजूद जिला मंत्री का इस प्रकार का बर्ताव बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। इसके बाद, रक्षा मंत्री के खिलाफ व्यक्तिगत टिप्पणियां भी अच्छी बात नहीं है।
इसके अतिरिक्त, रक्षा मंत्री द्वारा पूर्व सैनिकों के कल्याण के लिए उद्धृत ‘परिवार‘ शब्द का गलत अर्थ लिया गया जिसका कोई अन्य अर्थ नहीं है।