नई दिल्ली, 04 अगस्त 2018, इंडिया इनसाइड न्यूज़।
वर्ष 2017 में सीआईएल ने सरकार के स्वामित्व वाले 12 विद्युत संयंत्रों का स्रोत सुव्यवस्थीकरण किया। सुव्यवस्थित की गई मात्रा लगभग 13 एमटी थी। इन विद्युत संयंत्रों द्वारा ढुलाई लागत में संभावित वार्षिक बचत लगभग 774 करोड़ रुपये की गई।
54.76 एमटी कोयला ढुलाई का युक्तिकरण किया गया है जिससे 3354 करोड़ रुपये की संभावित वार्षिक बचत हुई है।
जुलाई, 2017 में एक अंतर-मंत्रालय कार्यदल (आईएमटीएफ) का गठन किया गया था जिसे लिंकेज हासिल करने वाले स्वतंत्र विद्युत उत्पादकों (आईपीपी) के मौजूदा कोयला स्रोतों की व्यापक समीक्षा करने और इन स्रोतों के युक्तिकरण की संभावनाओं पर विचार करने की जिम्मेदारी सौंपी गई थी, ताकि विभिन्न तकनीकी बाधाओं को ध्यान में रखते हुए ढुलाई लागत को अनुकूल बनाया जा सके। इसका मुख्य उद्देश्य ढुलाई लागत में कमी की बदौलत कोयले को उतारने की लागत में कमी करना था।
इस आशय की जानकारी रेल, कोयला, वित्त एवं कॉरपोरेट मामलों के मंत्री पीयूष गोयल ने राज्यसभा में एक लिखित प्रश्न के उत्तर में दी।