जेपीसी ने विभिन्न भत्तों पर न्यायिक अधिकारियों से सुझाव मांगा



नई दिल्ली, 31 जुलाई 2018, इंडिया इनसाइड न्यूज़।

दूसरे राष्ट्रीय न्यायिक वेतन आयोग (जेपीसी) का गठन उच्चतम न्यायालय के 9.5.2017 के आदेश से किया गया, जिसके बाद भारत सरकार के विधि विभाग द्वारा 16.11.2017 को गजट प्रस्ताव जारी किया गया। इस आयोग ने 9.3.2018 को उच्चतम न्यायालय को अपनी अंतरिम रिपोर्ट सौंपी। इसमें वर्तमान मूल वेतन पर 30 प्रतिशत की अंतरिम राहत का प्रस्ताव है और 3.6.2018 के अनुपालन आदेशों से इसे स्वीकार कर लिया गया है।

परामर्श पत्र में काम कर रहे तथा सेवा-निवृत्त न्यायिक अधिकारियों और अन्य हितधारकों को मौद्रिक प्रोत्साहन देने, परिलब्धियाँ तथा सेवा-निवृत्ति के बाद भत्ते देने सहित सेवा शर्तों को शामिल किया है। आयोग ने एकरूप वेतनमान का प्रस्ताव किया है ताकि निचली न्यायपालिका के न्यायाधीश वेतन भत्ते और सेवा शर्तों के मामले में अलग समझे जाएं और इनकी तुलना प्रशासनिक अधिकारियों के वेतन मानों से नहीं की जाएगी।

देश के कुछ उच्च न्यायालयों ने न्यायिक अधिकारियों के लिए 7वें सीपीसी वेतनमान को अपनाया जिसमें सिविल जज (जूनियर डिविजन) के 73,200 रुपये (वेतन स्तर -10) से जिला जज (सुपरटाइम स्केल) 2,24,1000 रुपये (वेतन स्तर -15) शामिल हैं। न्यायमूर्ति पद्मनाभन समिति द्वारा अपनाए गए तरीके के अनुसार मास्टर पे स्केल आया जिसके अंतर्गत निचली न्यायपालिका के जजों का वेतनमान 77840 रुपये -2160-92960-2590-113680-3030-137920-3460-165600-3880-188880 से 214486 आया। आयोग ने प्रस्ताव किया कि कुछ वर्षों के लिए इंक्रीमेंट के बिना मास्टर पे स्केल में वेतनमान ढांचे को तय करने का काम उच्च न्यायालय के जजों के वेतन मॉडल के अनुसार किया जाना चाहिए। हाई कोर्ट के वेतन मॉडल में सिविल जज (जूनियर डिविजन) (जेसीजे) - 1,00,000 रुपये, जेसीजे – पहला चरण, एसीपी स्केल – 1,10,000 रुपये, जेसीजी-चरण 2 एसीपी स्केल – 1,20,000 रुपये, सिविल जज (सीनियर डिविजन) (एससीजे) -1,35,000, एससीजे पहला चरण एसीपी स्केल – 1,50,000, एससीजे दूसरा चरण एसीपी वेतनमान – 1,65,000, जिला जज (प्रवेश स्तर) (डीजे) – 1,85,000 डीजे-सलेक्शन ग्रेड -2,05,000, डीजे-सुपरटाइम स्केल – 2,24,000 रुपये है।

आयोग परामर्श पत्र के साथ संलग्न किए गए प्रश्नावली के माध्यम से न्यायिक अधिकारियों से उन्हें मिलने वाले 16 प्रकार के भत्तों पर सुझाव मांगेगा।

आयोग निकट भविष्य कुछ शहरों में क्षेत्रीय सम्मेलन आयोजित करेगा। अगले भाग में आयोग न्यायिक प्रशासन कार्य के तरीके तथा कामकाजी वातावरण पर विचार करेगा।

इस प्रेस नोट के साथ 69 पन्नों का परामर्श पत्र के साथ प्रश्नावली संलग्न है जो परामर्श पत्र का भाग है और सातवें सीपीसी वेतन मैट्रिक्स के अनुसार संभावित न्यायिक वेतनमान हैं।

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