कोल इंडिया लिमिटेड का शुद्ध लाभ



नई दिल्ली, 30 जुलाई 2018, इंडिया इनसाइड न्यूज़।

● कोल इंडिया लिमिटेड का शुद्ध लाभ

वित्त वर्ष 2017-18 की चौथी तिमाही के लिए कोल इंडिया लिमिटेड का कर पश्चात लाभ (संचित) 1295.34 करोड़ रुपये रहा। वित्त वर्ष 2016-17 की चौथी तिमाही में कोल इंडिया का कर पश्चात लाभ 2718.80 करोड़ रुपये था। इस तरह इसमें 1423.46 करोड़ रुपये की यानी 52 प्रतिशत की कमी आई। शुद्ध लाभ में इस गिरावट का प्रमुख कारण 7384.37 करोड़ रुपये की पूर्व की सेवा लागत के प्रभाव के कारण हुआ। यह सेवा लागत ग्रेच्युटी सीमा 10 लाख रुपये से बढ़ाकर 20 लाख रुपये करने के कारण आई थी। ग्रेच्युटी भुगतान अधिनियम में 29 मार्च, 2018 में संशोधन करके यह व्यवस्था की गई। यह वित्त वर्ष 2017-18 की चौथी तिमाही के वित्तीय वक्तव्य में शामिल था। यद्पि कंपनी का कोयला उत्पादन और कोयला उठाव बढ़ा और कोयले की बिक्री से अधिक राजस्व मिला और 2017-18 की चौथी तिमाही में विभिन्न मदों में लागत में कमी आई, लेकिन 7384.37 करोड़ रुपये के उपरोक्त प्रावधान के कारण मुनाफे में 52 प्रतिशत की कमी आई। कोल इंडिया लिमिटेड का लाभ (संचित) पिछले पांच वर्षों में इस प्रकार रहा-

(करोड़ रुपये में)

●वर्ष
कर पूर्व लाभ
कर पश्चात लाभ

●2017-18
10726.44
7020.22

●2016-17
14446.33
9279.77

●2015-16
21589.09
14274.33

●2014-15
21583.92
13726.70

●2013-14
22879.54
15111.67

वर्तमान खदानों का विस्तार और आधुनिकीकरण, जहां संभव है, का काम कोयला उत्पादन बढ़ाने के लिए किया जा रहा है।

यह जानकारी राज्यसभा में रेल, कोयला, वित्त तथा कार्पोरेट मामलों के मंत्री पीयूष गोयल ने एक प्रश्न के लिखित उत्तर में दी।


● पिछले चार वर्षों में सीआईएल कोयला उत्पादन (लगभग) 105 एमटी बढ़ा

पिछले चार वर्षों में कोल इंडिया लिमिटेड (सीआईएल) का कोयला उत्पादन (लगभग) 105 एमटी बढ़ा है। वर्ष 2010-11 से 2013-14 (चार वर्ष) के दौरान सीआईएल कोयला उत्पादन में 31 एमटी की वृद्धि हुई थी। इसी तरह सीआईएल से कोयले के उठाव में पिछले चार वर्षों में 109.12 एमटी की वृद्धि हुई है। 2010-11 से 2013-14 (चार वर्षों में) कोयला उठान में 55.04 एमटी की वृद्धि हुई। कोयला खानों को खोलने की कार्रवाई एक नियमित कार्रवाई है, जो कोयले की बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए नियमित रूप से की जाती है।

कोल इंडिया लिमिटेड और उसकी सहायक कंपनियां निम्नलिखित ग्रीनफील्ड परियोजनाएं लाने जा रही हैं।

#क्र.सं.
विषय.
राज्य
कोल फील्ड
परियोजना
प्रकार
शीर्ष क्षमता (मिलियन टन/वर्ष)

#1
ईसीएल
झारखंड
राजमहल
हुरा सी ओसीपी
ओसी
3

#2
एसईसीएल
छत्तीसगढ़
सीआईसी
केतकी
यूजी
0.42

#3
एसईसीएल
छत्तीसगढ़
सीआईसी
जगन्नाथपुर
ओसी
3

#4
एसईसीएल
छत्तीसगढ़
सीआईसी
मदन नगर
ओसी
12

#5
एसईसीएल
छत्तीसगढ़
सेंदूरगढ़
विजय पश्चिम
ओसी
3

#6
एसईसीएल
मध्य प्रदेश
सीआईसी
अमृतधारा ओसी
ओसी
2

#7
एसईसीएल
मध्य प्रदेश
सीआईसी
मलछुआ
ओसी
3

#8
एसईसीएल
छत्तीसगढ़
केआरबी
सरायपाली
ओसी
1.4

#9
एसईसीएल
छत्तीसगढ़
केआरबी
करताली पूर्व
ओसी
2.5

#10
एसईसीएल
छत्तीसगढ़
आरएआई
पेल्मा
ओसी
15

#11
एसईसीएल
छत्तीसगढ़
आरएआई
बिजारी
ओसी
1.5

#12
एसईसीएल
छत्तीसगढ़
आरएआई
दुर्गापुर ओसी
ओसी
6

#13
एसईसीएल
मध्य प्रदेश
सीआईसी
बतुरा
ओसी
2

#14
एमसीएल
ओडिशा
आईबी घाटी
गर्जनबहल ओसीपी
ओसी
10

#15
एमसीएल
ओडिशा
आईबी घाटी
सियारमल ओसीपी
ओसी
40

कुल
104.82

यह जानकारी राज्यसभा में रेल, कोयला, वित्त तथा कार्पोरेट मामलों के मंत्री पीयूष गोयल ने एक प्रश्न के लिखित उत्तर में दी।

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