नई दिल्ली, 30 जुलाई 2018, इंडिया इनसाइड न्यूज़।
॥●॥ रेलों में यात्री सुविधाओं और रेलों/शौचालयों में स्वच्छता की व्यवस्था
यात्री सुविधाएं प्रदान करना और साफ-सफाई की व्यवस्था करना एक निरंतर प्रक्रिया है। कोच और इसके शौचालयों को साफ सुथरा रखने का हर संभव प्रयास किया जाता है। हालांकि समय-समय पर कोच में गंदगी और शौचालय में बदबू की शिकायतें मिली हैं। जैव शौचालयों में बदबू की वजह यह है कि यात्री सही तरीके से शौचालय का इस्तेमाल नहीं करते हैं। कोचों में साफ-सफाई की व्यवस्था के लिए भारतीय रेल ने कई कदम उठाए हैं। इनमें से प्रमुख हैं -
• प्रारंभ और गंतव्य दोनों ही स्टेशनों पर कोचों के साफ-सफाई की व्यवस्था।
• राजधानी, शताब्दी सहित 1000 से अधिक ट्रेनों में यात्रा के दौरान साफ-सफाई की व्यवस्था (ओबीएचएस)।
• 'मेरे कोच की सफाई' योजना के तहत कोई भी यात्री मोबाइल एसएमएस के जरिये संदेश भेज कर साफ-सफाई का अनुरोध कर सकता है।
• 'मेरे कोच की सफाई' योजना को अपग्रेड करके 'कोच मित्र' बनाया गया है। कोच मित्र के तहत यात्री साफ-सफाई, पानी की व्यवस्था, एसी की व्यवस्था, चादर-तौलिये आदि की जरूरतों से संबंधित जानकारी दे कर सकते हैं।
• एसी और शयनयान श्रेणी के कोचों में डस्टबीन की व्यवस्था की गई है।
• 210 प्रमुख ट्रेनों में साफ-सफाई की व्यवस्था का मूल्यांकन तीसरे पक्ष के द्वारा किया जा रहा है।
उक्त जानकारी केंद्रीय रेल राज्य मंत्री राजेन गोहेन ने राज्यसभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में दी।
॥●॥ यात्री रेलों में डिस्प्ले बोर्ड और उदघोषणा-मशीनों की स्थापना
ईएमयू और हमसफर, तेजस जैसी प्रतिष्ठित ट्रेनों में डिस्प्ले बोर्ड और जन उदघोषणा प्रणाली की व्यवस्था की गई है। इसके अलावा अनुभूति कोच में एलसीडी स्क्रीन पर जीपीएस आधारित यात्री सूचना प्रणाली की व्यवस्था की गई है। कोच में एलसीडी स्क्रीन छत से टंगे रहेंगे। एलसीडी स्क्रीन पर आने वाले स्टेशनों, गंतव्य स्टेशन, ट्रेन की अद्यतन स्थिति तथा सुरक्षा संबंधी जानकारियां उपलब्ध होंगी।
वर्तमान में राजधानी और शताब्दी ट्रेनों में अगले स्टेशन की सूचना दी जाती है। इस प्रणाली का उपयोग वाद्य यंत्र आधारित संगीत तथा ताजा समाचारों के लिए भी किया जा रहा है।
भारतीय रेल के नए कोचों में दृष्टि बाधित व्यक्तियों के लिए एकीकृत ब्रेल संकेत की व्यवस्था की गई है। हाल ही में आरडीएसओ (अनुसंधान डिजाइन और मानक संगठन), लखनऊ ने एसएचबी कोचों में जीपीएस आधारित यात्री सूचना प्रणाली का परीक्षण किया है।
उक्त जानकारी केंद्रीय रेल राज्य मंत्री राजेन गोहेन ने राज्यसभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में दी।