खबरें विशेष : भारतीय रेल



नई दिल्ली, 20 जुलाई 2018, इंडिया इनसाइड न्यूज़।

॥●॥ नई रेल लाइनों की शुरूआत

2009-14 के दौरान नई रेल लाइनों की शुरूआत, गेज परिवर्तन और दोहरीकरण की औसत प्रगति 4.1 किलोमीटर प्रति दिन थी। 2014-18 के दौरान कुल 9528 किलोमीटर लंबी रेल लाइन का कार्य पूरा हुआ जिसमें नई लाइन की शुरूआत, गेज परिवर्तन और दोहरीकरण शामिल हैं। इसकी औसत प्रगति दर 6.53 किलोमीटर प्रति दिन है।

रेल परियोजनाओं को पूरा करने में राज्य सरकार के विभिन्न विभागों तथा विभिन्न केंद्रीय मंत्रालयों से स्वीकृति लेनी पड़ती है। जैसे- भूमि अधिग्रहण, वन और वन्य जीवन, उपयोगी वस्तुओं/ भवनों का स्थानांतरण आदि। इनके कारण परियोजनाओं को पूरा करने में विलंब होता है।

परियोजनाओं को समय पर पूरा करने के लिए भारतीय रेल राज्य सरकार और केंद्रीय सरकार के अधिकारियों के साथ नियमित बैठकें कर रहा है।

उक्त जानकारी केंद्रीय रेल राज्य मंत्री राजेन गोहेन ने राज्यसभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में दी।


॥●॥ रेलवे में नये टिकट पुष्टिकरण प्रक्रिय

टिकट की बुकिंग के समय और यात्री नाम रिकॉर्ड (पीएनआर) के जरिए पूछताछ के दौरान प्रतीक्षा सूची में शामिल टिकटों के कंफर्म होने की संभाव्यता का पता लगाने के लिए एक उपकरण विकसित की गई है। इस उपकरण का विकास पिछले 2 वर्षों के प्रतीक्षासूची वाले पीएनआर डेटा का उपयोग करके विकसित किया गया है। यह मॉडल विभिन्न प्रतीक्षासूची परिदृश्यों के लिए पैटर्न बनाता है और भावी यात्रा तारीख की संभाव्यता की भविष्यवाणी करता है। वर्तमान में यह सुविधा केवल भारतीय रेलवे खानपान और पर्यटन निगम (आईआरसीटीसी) की वेबसाइट से जुड़ा हुआ है। आईआरसीटीसी वेबसाइट पर यह सुविधा निम्नानुसार 13 जून, 2018 से मिल रही है।

• जब यूजर टिकट बुक कराता है और उसकी टिकट प्रतीक्षा सूची में शामिल होती है तब यूजर टिकट के पुष्टिकरण की संभाव्यता की जांच कर सकता है।

• प्रतीक्षा सूची में शामिल टिकटों की पीएनआर जांच में यूजर टिकट की पुष्टिकरण की संभाव्यता की जांच कर सकता है।

जहां तक टिकट के पुष्टिकरण और रद्दीकरण की संभाव्यता के रूख बात है तो यह पाया गया है कि यह पीक एंड लीन पीरियड, छोटी दूरी की ट्रेनें, लंबी दूरी की ट्रेनें और सीमित ठहराव की ट्रेनों पर निर्भर करता है।

यह जानकारी राज्यसभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में रेल राज्यमंत्री राजेन गोहेन ने दी।


॥●॥ रेल दुर्घटनाओं की संख्या में कमी

रेल दुर्घटनाओं की संख्या 2013-14 में 118 थी, जो 2017-18 में घटकर 73 हो गई है। रेल दुर्घटनाओं की संख्या का वर्षवार ब्यौरा :

दुर्घटनाओं के प्रकार
2013-14
2014-15
2015-16
2016-17
2017-18

टक्कर
4
5
3
5
3

पटरी से उतरना
53
63
65
78
54

मानव युक्त रेल क्रासिंग दुर्घटनाएं
4
6
6
3

मानव रहित रेल क्रासिंग दुर्घटनाएं
47
50
29
20
10

आग
7
6
1
3

अन्य दुर्घटनाएं
3
5
4

योग
118
135
107
104
73

2009-10 से 2013-14 के दौरान तुलनात्मक औसत वार्षिक पूंजीगत परिव्यय, 2014-15 से 2017-18 के दौरान तुलनात्मक औसत वार्षिक पूंजीगत परिव्यय :

(करोड़ रुपये में )
पूंजीगत परिव्यय 2009-10 से 2013-14
वर्ष
2009-10
2010-11
2011-12
2012-13
2013-14
योग
औसत वार्षिक सीई
सीई

39671.85
40792.74
45061.02
50383.45
53989.26
229898.32
45979.66

(करोड़ रुपये में )
पूंजीगत परिव्यय 2014-15 से 2017-18

वर्ष
2014-15
2015-16*
2016-17*
2017-18*(अनंतिम)
योग
औसत वार्षिक सीई सीई

58718.93
93519.79
108290.14
101988.53
362517.39
90629.35

* सार्वजनिक निजी साझेदारी (पीपीपी) शामिल

उक्त जानकारी केंद्रीय रेल राज्य मंत्री राजेन गोहेन ने राज्यसभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में दी।

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