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नई दिल्ली, 18 जुलाई 2018, इंडिया इनसाइड न्यूज़।

परियोजना के लिए पर्यावरण क्लीयरेंस ले लिया गया है। वन्यजीव क्लीयरेंस और तमिलनाडु प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के लिए आवेदन जमा कर दिए गए हैं। एक 85 टन प्रोटोटाइप मिनी-आईसीएएल डिटेक्टर निर्मित कर लिया गया है और वह मदुरै में आईआईसीएचईपी परिसर में काम कर रहा है।

लगभग दो किलोमीटर लम्बी सुरंग और प्रयोगशाला गुफा की आवश्यकता है, जिसे नियंत्रित विस्फोट के इस्तेमाल से बनाया जाएगा। इसे तीन वर्ष में पूरा कर लिया जाएगा। विस्फोट स्थल से लगभग 200 मीटर की दूरी तक कंपन स्वीकृत सीमा से अधिक नहीं होगा। यह स्वीकृत सीमा 1 एमएम/प्रति सेकेंड है। कंपन नगण्य स्तर तक होगा, जो 30 किलोमीटर की दूरी पर स्थित वाईगाई तथा मुल्लैपेरियार बांध पर कोई असर नहीं डालेगा। आस-पास के गांवों पर भी कंपन का कोई असर नहीं होगा। इन गांवों में वास्तव में कंपन को महसूस ही नहीं किया जाएगा। आईएनओ स्थल पर काम से किसी प्रकार की भूकंपीय गतिविधि नहीं होगी।

यह सूचना आज पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार), प्रधानमंत्री कार्यालय में राज्य मंत्री, लोक शिकायत एवं पेंशन, परमाणु ऊर्जा और अंतरिक्ष राज्य मंत्री डॉ• जितेन्द्र सिंह ने लोकसभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में दी।

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