नई दिल्ली, 05 जुलाई 2018, इंडिया इनसाइड न्यूज़।
● पीयूष गोयल ने कोयला खान निगरानी एवं प्रबंधन प्रणाली (सीएमएसएमएस) और ‘खान प्रहरी’ एप लांच किए
केन्द्रीय कोयला, रेलवे, वित्त एवं कॉरपोरेट मामलों के मंत्री पीयूष गोयल ने 04 जुलाई 2018 को नई दिल्ली में आयोजित एक समारोह में सीआईएल की सहायक कंपनी रांची स्थित सीएमपीडीआई एवं भास्कराचार्य इंस्टीट्यूट ऑफ स्पेस एप्लीकेशन एंड जियो-इन्फॉरमैटिक्स (बिसाग) द्वारा विकसित मोबाइल एप्लीकेशन ‘खान प्रहरी’ और कोयला खान निगरानी एवं प्रबंधन प्रणाली (सीएमएसएमएस) लांच की।
पीयूष गोयल ने इस अवसर पर कहा कि देश में विशेषकर उन क्षेत्रों में अवैध खनन एक गंभीर समस्या है, जहां कोयला खनन का काम होता है। अवैध कोयला खनन से न केवल राष्ट्र के संसाधनों का भारी नुकसान होता है, बल्कि यह पर्यावरण के लिए भी नुकसानदेह है। उन्होंने कहा कि कोयला मंत्रालय इस तरह की गतिविधियों में हरसंभव कमी करने के साथ-साथ इनकी रोकथाम हेतु उपयुक्त कदम उठाने के लिए प्रतिबद्ध है। यह माना जाता है कि कोयला खनन वाले क्षेत्रों (बेल्ट) में रहने वाले अनेक गरीब परिवारों की आजीविका का एक मुख्य साधन कोयला ही है, लेकिन उनकी आजीविका पूरी तरह से अवैध कोयला खनन पर ही निर्भर नहीं रहनी चाहिए। उन्होंने कहा कि अवैध कोयला खनन की रोकथाम न केवल राष्ट्रीय संसाधनों की बचत करने, बल्कि इस तरह के लोगों का जीवन स्तर बेहतर करने के लिए भी जरूरी है।
उन्होंने कहा कि कोयला मंत्रालय ने ‘कोयला खान निगरानी एवं प्रबंधन प्रणाली (सीएमएसएमएस)’ नामक एक वेब जीआईएस एप्लीकेशन और ‘खान प्रहरी’ नामक एक मोबाइल एप विकसित करके इस दिशा में बड़ी पहल की है। उन्होंने यह भी कहा कि यह अंतरिक्ष विज्ञान का उपयोग करने की दिशा में एक अहम कदम है, जिसकी परिकल्पना माननीय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शांतिपूर्ण गतिविधियों के लिए की है। पीयूष गोयल ने यह भी कहा कि आज स्वामी विवेकानंद की पुण्यतिथि पर ‘कोयला खान निगरानी एवं प्रबंधन प्रणाली (सीएमएसएमएस)’ और ‘खान प्रहरी’ की लांचिंग उनके लिए बिल्कुल उचित श्रद्धांजलि है, क्योंकि वे ईमानदारी एवं सत्यनिष्ठा के प्रतीक थे।
इस अवसर पर उन्होंने उन सभी संबंधित लोगों के सामूहिक प्रयासों की सराहना की, जिन्होंने कोयला क्षेत्र के कामकाज में उल्लेखनीय बदलाव सुनिश्चित किया है। कोयला क्षेत्र की उपलब्धियों पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने कहा कि चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही में कोल इंडिया ने 136.87 एमटी कोयले का उत्पादन किया है, जो पिछले वर्ष की समान अवधि के मुकाबले 15.2 प्रतिशत अधिक है। उन्होंने यह भी कहा कि कोल इंडिया ने इस दौरान अकेले विद्युत क्षेत्र को 122.84 एमटी कोयले की ढुलाई की है, जबकि पिछले वर्ष की समान अवधि में यह आंकड़ा 106.46 एमटी कोयले का था।
कोयला मंत्रालय में सचिव डॉ• इन्दर जीत सिंह, कोल इंडिया लिमिटेड के चेयरमैन अनिल कुमार झा, सीआईएसएफ के अपर महानिदेशक आलोक पटेरिया, कोयला मंत्रालय में संयुक्त सचिव आशीष उपाध्याय भी इस अवसर पर उपस्थित थे। कोयला मंत्रालय के अधिकारियों के अलावा सीआईएल की सहायक कंपनियों के वरिष्ठ अधिकारियों और कोयला खनन वाले क्षेत्रों से संबंधित 42 जिलों के अन्य वरिष्ठ अधिकारियों ने भी वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये इस समारोह में भाग लिया।
सीएमएसएमएस का मुख्य उद्देश्य अनधिकृत कोयला खनन गतिविधियों के बारे में जानकारी देना, उनकी निगरानी करना और उपयुक्त कदम उठाना है। सीएमएसएमएस एक वेब आधारित जीआईएस एप्लीकेशन है, जिसके जरिये अनधिकृत खनन वाले स्थानों का पता लगाया जा सकता है। इस प्रणाली में जिस बुनियादी प्लेटफॉर्म का उपयोग किया गया है, वह इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के मैप से जुड़ा है, जो ग्रामीण स्तरीय सूचनाएं उपलब्ध कराता है।