उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू ने भारत के संबंध में ‘सही दृष्टिकोण’ के निर्माण के लिए प्रभावी राजनयिक प्रयास की आवश्यकता पर बल दिया



नई दिल्ली, 26 मई 2018, इंडिया इनसाइड न्यूज़।

● राष्ट्रीय हितों को सुरक्षित रखने के लिए राजनयिकों को अस्थिर विश्व व्यवस्था के प्रति सतर्क रहना चाहिए

● भारत के पारंपरिक और आधुनिक ताककों को प्रभावी ढंग से व्यक्त किया जाना चाहिए

● 41 आईएफएस अधिकारियों (बैच 2017) ने श्री नायडू से बातचीत की

उपराष्ट्रपति एम• वेंकैया नायडू ने बहुपक्षीय व अंतर्राष्ट्रीय संबंधों के बदलते स्वरूप के संदर्भ में राष्ट्रीय हितों को सुरक्षित रखने के लिए भारतीय राजनयिकों से प्रभावी कूटनीति सुनिश्चित करने का आग्रह किया। उन्होंने 25 मई 2018 को भारत और विश्व विषय पर आधे घंटे का व्याख्यान दिया। भारतीय विदेश सेवा (बैच 2017) के 41 अधिकारियों ने उपराष्ट्रपति से उनके आवास पर मिलने आए थे।

श्री नायडू ने युवा अधिकारियों से बहु-पक्षीय तथा हमेशा बदलने वाली विश्व व्यवस्था के प्रति सतर्क रहने का आग्रह किया। इसके लिए भारतीय सभ्यता के मूल्यों तथा आधुनिक ताकतों जैसे लोकतंत्र, आर्थिक व अन्य क्षमताओं का उपयोग किया जा सकता है। समय की मांग है कि राष्ट्रीय हितों को आगे बढ़ाने के लिए सक्रिय तथा प्रभावी कूटनीति अपनाई जानी चाहिए।

श्री नायडू ने कहा कि प्रधानमंत्री भारत के नम्बर वन राजनयिक हैं और आप लोगों को उनके प्रयासों में विश्व के विभिन्न हिस्सों में अपने कार्यों से पूरकता प्रदान करनी चाहिए।

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