राष्ट्रीय वक्फ सम्‍मेलन ने वक्फ से संबंधित योजनाओं और उनके क्रियान्वयन की समीक्षा की



नई दिल्ली, 07 मई 2018, इंडिया इनसाइड न्यूज़।

● अल्पसंख्यक मामलों के केन्द्रीय मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने कहा कि समाज की भलाई के लिए वक्फ की संपत्तियों के इस्तेमाल की प्रक्रिया को प्रधानमंत्री जनविकास कार्यक्रम से गति मिलेगी

अल्पसंख्यक मामलों के केन्द्रीय मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने कहा कि प्रधानमंत्री जनविकास कार्यक्रम (पीएमजेवीके) के तहत उनका मंत्रालय देशभर में वक्फ संपत्तियों में स्कूलों, कॉलेजों, आईटीआई, कौशल विकासकेन्द्रों, बहुउपयोगी सामुदायिक केन्द्रों (सद्भाव मंडप), हुनर हब, अस्पतालों और व्यवसाय केन्द्रों आदि का निमार्ण करेगा। देश में आजादी के बाद पहली बार ऐसा होगा।

नयी दिल्ली में एक दिवसीय वक्फ सम्मेलन को संबोधित करते हुए श्री नकवी ने कहा कि गत सप्ताह केन्द्रीय मंत्रिमंडल द्वारा जिस प्रधानमंत्री जन विकास कार्यक्रम को मंजूरी दी गयी उसके तहत वक्फ की परिसंपत्तियों का इस्तेमाल सामाजिक, आर्थिक और शैक्षणिक रूप से समाज को सशक्त बनाने के लिए आवश्यक आधारभूत संरचनाओं के निमार्ण के लिए किए जाने का प्रावधान है। उन्‍होंने कहा कि‍ 308 जिलों, 870 ब्‍लॉकों, 331 शहरों और हजारों गावों को इस योजना के दायरे में लाने की व्‍यवस्‍था की गयी है। इससे वक्‍फ की संपत्तियों का इस्‍तेमाल समाज की भलाई के लिए किया जा सकेगा। देश में इस समय वक्‍फ की करीब पांच लाख 71 हजार पंजीकृत संपत्तियां हैं।

श्री नकवी ने कहा कि वक्‍फ की परिसंपत्तियां के बेहतर इस्‍तेमाल त‍था दशकों से विवादों में उलझी कई वक्‍फ परिसंपत्तियों को इन विवादों से छुटकारा दिलाने के लिए वक्‍फ नियमों को सरल बनाया गया है। उन्‍होंने कहा कि‍ जटिल नियमों के कारण ही विभिन्‍न राज्‍यों में मौजूद वक्‍फ संपत्तियों का सही इस्‍तेमाल नहीं हो सका है। उन्‍होंने कहा कि‍ केन्‍द्र सरकार ऐसे मुतवल्लियों को पुरस्‍कृत करेगी जो समाज की भलाई और खासतौर से बालिकाओं को शिक्ष‍ित कर उन्‍हें सशक्‍त बनाने के लिए वक्‍फ की संपत्तियों का बेहतर प्रबंधन सुनिश्चित करेंगे। उन्होंने कहा कि यह पुरस्‍कार हर साल दिया जाएगा। उन्‍होंने कहा कि‍ वक्‍फ मुतव्‍वली देशभर में वक्‍फ संपत्तियों के संरक्षक होते हैं। ऐसे में उन्‍हें यह सुनिश्चित करना चाहिए कि‍ इन सपत्तियों का इस्‍तेमाल मुस्लिम समुदाय की बेहतरी के लिए भी हो।

श्री नकवी ने कहा कि केन्‍द्रीय वक्‍फ परिषद् राज्‍य के वक्‍फ बोर्डों को अपने रिकार्डों का डिजटलीकरण करने के लिए हर संभव मदद दे रही है। ऐसा इसलिए किया जा रहा है ताकि ये वक्‍फ बोर्ड निर्धारित समय में यह काम पूरा कर सकें। अब तक 84 प्रतिशत वक्‍फ संपत्तियों के रिकार्ड का डिजटलीकरण हो चुका है बाकी का काम भी जल्‍दी ही पूरा कर लिया जाएगा।उन्‍होंने कहा कि राज्‍य वक्‍फ बोर्डों को वक्‍फ संपत्तियों के संरक्षण और रखरखाव तथा उनके विकास और उन्‍हें कानूनी विवादों से छुटकार दिलाने के लिए केन्‍द्र की ओर से दो कानूनी सलाहकार अधिकारी, दो क्षेत्रीय वक्‍फ अधिकारी और दो सर्वेयर मुहैय्या कराए गए हैं। उन्होंने कहा कि उनका मंत्रालय तथा केन्‍द्रीय वक्‍फ परिषद् ऐसी संस्‍थाओं की मदद कर रही है जो वक्‍फ की संपत्तियों में बनाए गए हैं और शिक्षण गतिविधियों से जुड़े हैं और खासकर लड़कियों को शिक्षा देने का काम कर रहे हैं।

सम्मेलन में केंद्रीय वक्फ परिषद द्वारा लागू "कौमी वक्फ बोर्ड तरक्‍कीयाती योजना" की स्थिति की भी समीक्षा की गयी। सीडब्ल्यूसी और NAWADCO द्वारा क्रमशः दो योजनाएं लागू की गईं, जिन्हें "राज्य वक्फ बोर्डों के रिकॉर्ड् का कम्प्यूटरीकरण" और "राज्य वक्फ बोर्डों को सुदृढ़ बनाने की योजना" के रूप में अलग-अलग लागू किया गया था, अब इन्‍हें एक साथ जोड़ दिया गया है ताकि‍ राज्य वक्फ बोर्डों को सामाज की बेहतरी के लिए क्‍लयाणकारी योजनाएं लागू करने के वास्‍ते” ज्‍यादा से ज्‍यादा आत्‍मनिर्भर बनाया जा सके।

कौमी वक्‍फ बोर्ड तरक्‍कीयाती योजना, वक्‍फ बोर्डों की संपत्तियों के रिकार्डों के डिजटलीकरण तथा गैर कानूनी अतिक्रमण से ऐसी संपत्तियों को छुटकारा दिलाने के लिए उनकी जीआइएस तथा जीपीएस मैपिंग के लिए 48 करोड़ रूपए मंजूर किए गए हैं।

सम्‍मेलन में सांसद हुसैन दलवई, जम्‍मू कश्‍मीर के अल्‍पसंख्‍यक मामलों के मंत्री चौधरी जुल्‍फीकार अली, केन्‍द्रीय वक्‍फ परिषद् के सचिव बीएम जमाल तथा सभी राज्‍यों के वक्‍फ बोर्डों के अध्‍यक्ष और मुख्‍य कार्यकारी अधिकारियों समेत कई गणमान्‍य लोग उपस्थित थे।

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