विश्व हिन्दू परिषद के बजरंग बागरा चंपत राय के उत्तराधारी होंगे



--राजीव रंजन नाग
नई दिल्ली, इंडिया इनसाइड न्यूज।

अयोध्या श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने अपने जनरल सेक्रेटरी चंपत राय का इस्तीफ़ा मंज़ूर कर लिया है। लेकिन ट्रस्ट ने उन्हें ट्रस्ट से बेदखल करने से परहेज किया है। ट्रस्ट में उनकी मौजूदगी बनी रहेगी। ट्रस्ट के सूत्रों के अनुसार चंपत राय को बचाने की भी कोशिश जारी है। मिल रही जानकारी के अनुसार आरएसएस उनके बचाव के पक्ष में है। मंदिर के लिए मिले दान में हेराफेरी को लेकर हुए बड़े विवाद के बीच चंपत राय ने पद छोड़ा था।

अयोध्या में राम मंदिर के निर्माण के लिए दिए गए पैसे के कथित गबन की उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा जांच के बीच, श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने अपने महासचिव चंपत राय का इस्तीफ़ा स्वीकार कर लिया है। इस विवाद को लेकर राय के इस्तीफ़े की बात सामने आई है, लेकिन माना जा रहा है कि वे अभी भी किसी अन्य भूमिका में ट्रस्ट के साथ काम कर रहे हैं।

सूत्रों के मुताबिक, ट्रस्ट कामकाज के एक नए दौर में प्रवेश कर रहा है और ऐसे में वह प्रशासन, वित्त और संस्थागत प्रबंधन में व्यापक अनुभव रखने वाले किसी नेता को नियुक्त करने पर विचार कर रहा है। इस कदम को ट्रस्ट के प्रशासनिक ढांचे को मजबूत करने और निगरानी व्यवस्था को बेहतर बनाने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है, खासकर ऐसे समय में जब दान में चोरी के मामले के बाद संगठन पर लोगों की नजरें टिकी हुई हैं। चंपत राय के ट्रस्टी बने रहने की संभावना है। चंपत राय, जिन्होंने महासचिव पद से इस्तीफा देने की घोषणा की थी, उन्हें उस भूमिका से मुक्त कर दिया गया है। हालांकि, ऐसी खबरें हैं कि वे श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के ट्रस्टी बने रहेंगे, बशर्ते वे उस भूमिका को भी छोड़ने की इच्छा न रखें।

ट्रस्ट में उनकी मौजूदगी से नए महासचिव के चुने जाने तक ट्रस्ट के कामकाज में निरंतरता बनी रहेगी। अंतिम फैसला विश्व हिन्दू परिषद (वीएचपी) की कार्यकारी बैठक के बाद हो सकता है। अगले महासचिव की नियुक्ति के बारे में जल्द ही कोई औपचारिक बयान आने की संभावना कम है। सूत्रों का कहना है कि विश्व हिंदू परिषद की अगली द्विवार्षिक राष्ट्रीय कार्यकारी बैठक 19 और 20 जुलाई को दिल्ली में होगी। बैठक में तबादलों और नियुक्तियों सहित संगठन से जुड़े अहम मुद्दों पर चर्चा होने की उम्मीद है, जिसके बाद ट्रस्ट नेतृत्व में बदलाव पर अंतिम फैसला ले सकता है।

मिल रही जानकारी के अनुसार, चंपत राय की जगह लेने वालों में बजरंग बागरा सबसे आगे हैं। बांगरा विश्व हिंदू परिषद के इंटरनेशनल जनरल सेक्रेटरी हैं, चार्टर्ड अकाउंटेंट हैं और भारत सरकार उपक्रम एनएएलसीओ (नेलको) के पूर्व प्रमुख रह चुके हैं। उन्हें ऐसे व्यक्ति के तौर पर देखा जाता है जिनके पास ट्रस्ट सूत्रों के अनुसार, योजना यह है कि जब ट्रस्ट अपने अगले चरण में प्रवेश कर रहा है, तो ऐसे व्यक्ति को लाया जाए जिसकी गवर्नेंस, फाइनेंस और संस्थागत एडमिनिस्ट्रेशन पर मज़बूत पकड़ हो। सूत्रों ने यह भी संकेत दिया कि चंपत राय के ट्रस्टी बने रहने की उम्मीद है, जब तक कि वह खुद ऐसा न चाहें। नए जनरल सेक्रेटरी के बारे में अंतिम फ़ैसला शायद तुरंत घोषित न किया जाए। चंपत राय और ट्रस्टी अनिल मिश्रा ने तब इस्तीफ़ा दिया जब मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दान की चोरी के मामले में कड़ा रुख अपनाया और मामले की जांच कर रही स्पेशल इन्वेस्टिगेटिंग टीम ने शुरुआती रिपोर्ट सौंपी। रिपोर्ट में बताया गया है कि कैसे कैश दान की गिनती करने वाले मंदिर के कर्मचारियों ने सीसीटीवी कैमरे लगे होने के बावजूद पैसे चुराए, क्योंकि फुटेज की नियमित रूप से जांच नहीं की जाती थी।

रिपोर्टों से पता चलता है कि लगभग 7 - 7.5 करोड़ रुपये गायब हैं। इस मामले में गिरफ्तार आठ लोगों में से एक चंपत राय का ड्राइवर राम शंकर यादव उर्फ टिन्नू यादव है। सूत्रों ने बताया कि राय ने अपने करीबी सहयोगियों से कहा है कि टिन्नू यादव दान चोरी के मामले का मुख्य आरोपी है। राय ने अपने करीबियों से कहा, "टिन्नू यादव ने धोखाधड़ी करने के लिए उनके भरोसे का फ़ायदा उठाया।" सूत्रों के मुताबिक, जब वह पकड़े जाने वाला था, तो उसने एक समाजवादी नेता को जानकारी लीक कर दी। पुलिस की गिरफ्त में आ चुके अन्य आरोपियों में अविनाश शुक्ला, अनुकल्प मिश्रा, लव कुश मिश्रा, मनीष कुमार यादव, करुणेश पांडे, रमाशंकर मिश्रा और सुभाष श्रीवास्तव शामिल हैं।

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