--प्रदीप फुटेला,
गदरपुर-उत्तराखंड, इंडिया इनसाइड न्यूज़।
भूतपूर्व सैनिक एवं स्वतंत्रता सेनानी के पुत्र की जिला अस्पताल में उपचार के लिए ले जाए जाने पर संदिग्ध मौत के मामले में जिलाधिकारी एवं मुख्य चिकित्सा अधिकारी को दिए गए प्रार्थना पत्र पर कोई कार्यवाही न किए जाने पर परिजनों में रोष बना हुआ है। गदरपुर सकेनिया रोड गायत्री विहार स्थित राजकीय विशेष आवासीय बालिका छात्रावास की प्रभारी वार्डन प्रभा वती शाह ने जिलाधिकारी एवं मुख्य चिकित्सा अधिकारी को भेजे गए पत्र के माध्यम से बताया कि उनके पति जयप्रकाश शाह 55 वर्ष (पुत्र स्व• विश्वनाथ शाह पूर्व सैनिक द्वितीय विश्व युद्ध) निवासी वर्तमान सकैनिया रोड गायत्री बिहार गदरपुर को गत 15 नवंबर को सांस लेने में तकलीफ होने पर प्रातः 4 बजे रुद्रपुर के जिला अस्पताल लाया गया जहां ड्यूटी पर कोई चिकित्सक नहीं था जबकि उस समय डॉ• गौरव कुमार की ड्यूटी थी, उनकी अनुपस्थिति में मौजूद 3 कर्मचारियों ने जय प्रकाश शाह को भर्ती कर लिया। सांस लेने में दिक्कत होने पर मौजूद तीन कर्मचारियों ने उनका चेकअप शुरू किया और उनकी कमर में दो इंजेक्शन लगा कर चले गए। कुछ समय पश्चात जयप्रकाश की हालत और बिगड़ गई उनका शरीर पसीने से तरबतर हो गया। तीनों कर्मचारियों को अवगत कराने पर उन्हें अन्य अस्पताल ले जाने के लिए कहां गया। परिजनों ने घबराकर कर्मचारियों के सहयोग से वाहन में लेटा दिया व तत्काल मेडिसिटी अस्पताल ले गए जहां चिकित्सकों ने वाहन में ही चेकिंग करते हुए उन्हें मृत घोषित कर दिया। जिस पर परिजनों में कोहराम मच गया वह मृतक जयप्रकाश के शव को घर ले आए।
परिजनों का कहना है कि जयप्रकाश की मृत्यु के लिए कोई जवाबदेह बनने को तैयार नहीं है। इसी सरकारी अस्पताल में एएनएम के रूप में मृतक जयप्रकाश की पुत्री प्रिया शाह भी तैनात है। जब उन्होंने फोन करके डॉ• गौरव अग्रवाल से वार्ता की तो उन्होंने स्वयं को दीपावली की छुट्टी पर होना बताया वही कोई जिम्मेदार चिकित्सक ड्यूटी पर तैनात ना होने के बावजूद 3 कर्मचारियों द्वारा बिना किसी चेकअप के उन्हें इंजेक्शन लगाया जाना मामले को संदिग्ध बनाता है जबकि 3 माह पूर्व रूटीन स्वास्थ्य चेकिंग के लिए जयप्रकाश इसीअस्पताल में आए थे तो उन्हें डायबिटीज की शिकायत बताई गई थी जिस पर उपचार चल रहा था। उन्होंने बताया कि जयप्रकाश को रेफर करने के लिए भी अस्पताल से कोई स्लिप नहीं दी गई। अधिकारियों तक को प्रार्थना पत्र देकर उपचार में लापरवाही करने वाले कर्मचारियों पर कानूनी कार्रवाई किए जाने के संबंध में अभी तक कोई तसल्लीजनक जवाब तथा कोई कार्यवाही नहीं होने से परिजनों में रोष बना हुआ है। उन्होंने आरोपी कर्मचारियों पर कार्रवाई ना होने पर धरना प्रदर्शन की चेतावनी भी दी है।
इस मामले की शिकायत मुख्यमंत्री पोर्टल पर भी की गई है।