--अभिजीत पाण्डेय (ब्यूरो),
पटना-बिहार, इंडिया इनसाइड न्यूज़।
बिहार में भीषण गर्मी और साथ ही आम और लीची जैसे फलों को खाने मौसम भी आ गया है। कोरोना काल में जहां लोग घरों में अधिक रह रहे हैं वहीं, अच्छी बात ये है कि इस बार आप घर बैठे खूब लीची का लुत्फ उठा सकते हैं। दरअसल, इस बार आपको मुजफ्फरपुर की शाही लीची हमेशा के मुकाबले और भी अधिक मीठी लगने वाली है।
दरअसल, पिछले कई सालों से मुजफ्फरपुर की शाही लीची में वो स्वाद नहीं आ पा रहा था, जिसके लिए उसको जाना जाता है। लेकिन कोरोना काल में जब मौसम ने साथ दिया, तो शाही लीची ने भी सरकार द्वारा तय किए गए मानकों पर खुद को खरा साबित किया। इस बार शाही लीची की मिठास से लेकर साइज तक सब मानक के मुताबिक है। जिसको लेकर किसानों के चेहरे खिले हैं, लेकिन परेशानी सिर्फ बजार की है, क्योंकि लॉकडाउन की वजह से इस बार खरीदार बहुत कम आए हैं।
मुजफ्फरपुर की शाही लीची का नाम देश नहीं विदेशों तक में है। लीची के शहर के नाम से मुजफ्फरपुर की पहचान भी है, लेकिन पिछले चार-पांच सालों से लीची पर प्रकृति का प्रकोप देखने को मिल रहा था। दो साल पहले तो सालों की परंपरा टूट गयी थी। देश के राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री को मुजफ्फरपुर की लीची नहीं भेजी जा सकी थी, क्योंकि मानक के मुताबिक लीची मिली ही नहीं थी। कभी लीची का पल्प कम रहता, तो कभी कीड़े की मार से लीची की चमक फीकी पड़ रही थी, लेकिन इस बार ये सब नहीं है।