--अभिजीत पाण्डेय,
पटना-बिहार, इंडिया इनसाइड न्यूज़।
केंद्रीय मंत्री रामविलास पासवान ने कहा है कि देश के पास दो वर्षों का अन्न भंडार मौजूद है। कहीं कोई कमी या संकट की स्थिति नहीं है। सुदूर इलाकों में भी अनाज पहुंचाए जा रहे हैं। इस समय देश के पास 649 लाख मीट्रिक टन अनाज का भंडार है जो दो वर्षों के लिए पर्याप्त है।
पासवान ने कहा कि नॉर्थ इस्ट के राज्यों समेत सुदूर इलाकों में खाद्यान्न भेजा जा रहा है। कोरोना संकट में खाद्यान्न का संकट किसी क्षेत्र में नहीं होगा। अभी तक 2683 रैक खाद्यान्न विभिन्न क्षेत्रों में भेजा गया है। इसके माध्यम से 75 लाख टन खाद्यान्न भेजा गया है।
केंद्रीय मंत्री ने बताया कि सड़क, रेल और हवाई मार्गों के साथ-साथ समुद्री रास्ते से अनाज भेजने की व्यवस्था की जा रही है। नॉर्थ इस्ट के राज्यों को हेलीकॉप्टर से अनाज भेजा गया है। वहां अब तक 6.72 लाख मीट्रिक टन अनाज भेजा गया है। अंडमान-निकोबार में शिप से भेजा गया है। उन्होंने कहा कि केन्द्र सरकार दाल की जरूरतें भी हर स्तर पर पूरी कर रही है। तीन माह में 5.87 लाख मीट्रिक टन दाल की आपूर्ति की जानी है, अब तक 2.74 लाख मीट्रिक टन दाल भेजा जा चुका है। यह हमारी जरूरत का लगभग 50 फीसदी है।
पासवान ने कहा कि दाल का भी पर्याप्त भंडार है। चना, अड़हड़, मूंग, मसूर और उड़द दाल जरूरत के अनुसार हमारे पास मौजूद है। थोड़ी दिक्कत यह है कि राज्यों की जरूरतें अलग-अलग हैं। किसी राज्य को चना दाल चाहिए तो किसी को अड़हड़। कोई मूंग नहीं चाहता तो कोई उड़द नहीं। इसके अलावा कई राज्य दाल भी मिलिंग करके मांगते हैं। राज्य सरकारें प्रखंडों तक इसे पहुंचाने की भी मांग करती हैं। इन सबके कारण आपूर्ति में व्यावहारिक समस्या आती है। बावजूद हम सबकी जरूरतें पूरी कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि देश में अनाज का कोई संकट नहीं, कोई चिंता नहीं। हम इसके लिए आश्वस्त करते हैं।