कोरोना से मौत होने पर सरकार चार लाख मुआवजा देगी : नीतीश



--अभिजीत पाण्डेय,
पटना-बिहार, इंडिया इनसाइड न्यूज़।

● कोरोना से ग्रसित मरीज का ईलाज राज्य सरकार करायगी

बिहार विधानसभा में सोमवार को सीएम नीतीश कुमार ने कोरोना पॉजिटिव मरीजों के इलाज के लिए राज्य सरकार की तरफ से मदद की घोषणा की। इस दौरान सीएम ने कहा कि प्रदेश सरकार मुख्यमंत्री चिकित्सा सहायता कोष से बीमारी से संक्रमित मरीजों के इलाज का खर्च उठाया जाएगा। इसके अलावा उन्होंने कोरोना से मौत के स्थिति में मृतक के नजदीकी रिश्तेदार को मुआवजा देने की भी घोषणा की। सीएम ने इस परिस्थिति में 4 लाख रुपए मुआवजा देने की घोषणा की है।

इसके साथ ही सीएम नीतीश ने कहा कि कोरोना संक्रमित व्यक्ति समय से हॉस्पिटल पहुंचे ताकि उसका सही तरीके से इलाज हो सके। इसके साथ ही उन्होंने जानकारी दी कि प्रदेश के मेडिकल कॉलेजों में आईसोलेशन सुविधा को विकसित किया जा रहा है। सीएम ने कोरोना के खतरों से निपटने के लिए सतर्क और तैयार रहने की जरूरत बताई।

इससे पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने निर्देश दिया है कि इसे लेकर दहशत नहीं फैलाई जाए। उन्होंने डीजीपी और मुख्य सचिव को सभी जिलों से धारा 144 को तत्काल हटाने का निर्देश दिया और कहा कि इससे राज्य में बेवजह दहशत का माहौल बन रहा है। मुख्यमंत्री ने बड़ी संख्या में लोगों के मास्क लगाने पर भी हैरानी जताई और कहा कि इससे आम लोगों के बीच भय पैदा हो रहा है।

विधानसभा की कार्यवाही में भाग लेने पहुंचे सीएम नीतीश ने सदन में मास्क बांटे जाने पर आपत्ति जताई और मास्क बांटने वालों की जमकर क्लास लगाई। इसके साथ ही उन्होंने इस मुद्दे पर विधानसभा अध्यक्ष से भी बात की। नीतीश कुमार ने विधान सभा कर्मचारियों को निर्देश देते हुए कहा कि कोरोना को लेकर बेवजह दहशत का माहौल ना बनाएं।

दरअसल, सोमवार को जैसे ही सीएम नीतीश कुमार विधान सभा पहुंचे, उन्होंने लोगों को मास्क लगाए देखा और देखते ही वो गुस्से से आग बबूला हो गए इसके साथ ही सीएम ने स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय को निर्देश भी दिया कि वे देखें कि लोगों के बीच पैनिक क्रिएट ना हो। सीएम ने कहा कि जिन्हें सर्दी खांसी या अन्य कोई बीमारी है सिर्फ वे ही मास्क का प्रयोग करें। जो स्वस्थ हैं उन्हें मास्क की कोई जरूरत नहीं है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि बचाव की दिशा में सरकार का प्रयास जारी रहेगा। उन्होंने आम लोगों से भी सतर्कता बरतने की अपील की। साथ ही यह भी कहा कि इसे लेकर अनावश्यक रूप से डर का वातावरण नहीं बनाना चाहिए।

दरअसल, कोरोना वायरस से बचाव के लिए सरकार ने एहतियाती तौर 31 मार्च तक राज्य के स्कूल-कालेजों, संस्थानों एवं भीड़-भाड़ वाली जगहों को बंद रखने का निर्देश जारी किया तो कुछ जिलों ने आगे बढ़कर धारा 144 लगा दिया। अभी तक बिहार के 11 जिलों में धारा 144 लागू है।

ताजा समाचार

National Report



Image Gallery
इ-अखबार - जगत प्रवाह
  India Inside News