--अभिजीत पाण्डेय,
पटना-बिहार, इंडिया इनसाइड न्यूज़।
● कहकशां परवीन जायगी विधान परिषद
बिहार से खाली हो रही राज्यसभा की पांच सीट में से दो सीट पर जदयू ने अपने उम्मीदवार का नाम तय कर लिया है। पार्टी ने हरिवंश नारायण सिंह और रामनाथ ठाकुर के नाम पर मुहर लगाई है। हरिवंश फिलहाल राज्यसभा के उपसभापति हैं और अगर पार्टी उन्हें फिर से राज्यसभा के लिए नहीं भेजती तो जदयू के हाथ से यह कुर्सी निकल जाती।
बिहार में इस साल होने वाले विधानसभा चुनाव को देखते हुए जदयू ने अपने अति पिछड़ा वोट बैंक को नाराज करने का जोखिम नहीं उठाया है। इस लिहाज से रामनाथ ठाकुर को दोबारा राज्यसभा भेजने का फैसला किया गया। पूर्व मुख्यमंत्री स्व• कर्पूरी ठाकुर के बेटे रामनाथ ठाकुर दूसरी बार राज्यसभा जाएंगे। कहकशां परवीन के नाम की भी चर्चा जोरों पर थी। जदयू भले ही कहकशां को राज्यसभा नहीं भेजी पाई, लेकिन उन्हें आगे एडजस्ट करने का भरोसा दिया गया है। माना जा रहा है कि विधान परिषद में कहकशां परवीन को जगह दी जा सकती है।
मुख्यमंत्री आवास में बुधवार को करीब तीन घंटे तक चली बैठक में हरिवंश और और रामनाथ ठाकुर के नाम पर मुहर लगी। बैठक में जदयू के प्रदेश अध्यक्ष वशिष्ठ नारायण सिंह, पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव आरसीपी सिंह समेत वरिष्ठ नेता मौजूद थे।
बिहार से पांच सीटें खाली हो रही है। एक सीट के लिए 41 विधायकों के समर्थन की जरूरत होगी। जदयू के पास अभी 70 और भाजपा के पास 54 विधायक हैं। एनडीए में यह तय हुआ है जदयू से दो और भाजपा की तरफ से एक नेता राज्यसभा जाएंगे। अगर वोटिंग की नौबत आई तो जदयू को कम पड़ रही सीटों पर भाजपा और लोजपा का समर्थन मिलेगा।
■ शिबू सोरेन ने आज राज्यसभा चुनाव के लिए किया नामांकन
रांची: जेएमएम अध्यक्ष और झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री शिबू सोरेन आज राज्यसभा चुनाव के लिए नामांकन करने पहुंचे। शिबू सोरेन ने महागठबंधन के उम्मीदवार के तौर पर राज्यसभा चुनाव के लिए नामांकन किया।
नामांकन के दौरान शिबू सोरेन के साथ उनके बेटे और झारखंड के सीएम हेमंत सोरेन भी मौजूद रहे। शिबू सोरेन के साथ हेमंत सोरेन के अलावा कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष और मंत्री रामेश्वर उरांव, मंत्री आलमगीर आलम, कांग्रेस विधायक राजेंद्र सिंह, मंत्री बादल पत्रलेख, मंत्री जगरनाथ महतो, मंत्री मिथलेश ठाकुर मौजूद थे।
सभी नेता शिबू सोरेन के साथ विधानसभा सचिव कार्यालय पहुंचे। आपको बता दें कि शिबू सोरेन की राज्यसभा चुनाव में जीत पक्की मानी जा रही है क्योंकि जेएमएम के पास 29 विधायक हैं जबकि चुनाव जीतने के लिए शिबू सोरेन को 27 वोट चाहिए।