--अभिजीत पाण्डेय,
पटना-बिहार, इंडिया इनसाइड न्यूज़।
पूर्णिया जिले के बनमनखी में होलिका दहन बहुत धूमधाम से राजकीय महोत्सव के रूप में मनाया जाता है। मान्यता है कि इसी जगह से होलिकादहन की शुरुआत हुई है। बताया जाता है कि बनमनखी के सिकलीगढ़ धरहरा में भगवान नरसिंह ने अवतार लेकर राक्षस राज हिरण्यकश्यप का वध किया था और भक्त प्रहलाद की रक्षा की थी। पूर्णिया के बनमनखी में स्थित सिकलीगढ़ धरहरा कई मायनों में ऐतिहासिक औऱ खास रहा है। यहां पर वह खंभा आज भी मौजूद है जिसके बारे में धारणा है कि इसी पत्थर के खंभे से भगवान नरसिंह ने अवतार लेकर हिरण्यकश्यप का वध किया था।
मान्यता है कि बनमनखी के सिकलीगढ़ धरहरा में होलिका ने भक्त प्रहलाद को आग में जलाकर मारने का प्रयास किया था, लेकिन भगवान विष्णु की कृपा से होलिका, जिन्हें वरदान था कि वह आग में नहीं जलेगी, उसी की जलकर मौत हो गयी थी और प्रहलाद सुरक्षित बच गये थे।
मंदिर के पुजारी लक्ष्मण ऋषि कहते हैं कि उसी समय से पूरे देश में होलिका दहन त्योहार मनाया जाता है। उन्होंने कहा कि यहां हर साल भव्य तरीके से होलिका दहन मनाया जाता है। पुजारी ने कहा कि इसी जगह भगवान नरसिंह का अवतार हुआ था और उसने हिरण्यकश्यप का वध किया था।
■ विकास कार्य की मांग
यहां पर दूर-दूर से श्रद्धालु दर्शन और पूजा अर्चना के लिये आते हैं। श्रद्धालु पिंकू कुमार और राजेश मंडल कहते हैं कि उनलोगों को इस देवस्थल पर काफी आस्था है। वे लोग काफी दूर से यहां पूजा के लिये आये हैं। राजेश मंडल ने कहा कि इस देवस्थल की महत्ता को देखते हुये इसका विकास होना चाहिये।
बनमनखी के सिकलीगढ धरहरा में इस बार भी भव्य होलिकादहन समारोह की तैयारी शुरु हो चुकी है। सूबे के पर्यटन मंत्री व बनमनखी के विधायक कृष्ण कुमार ऋषि कहते हैं कि पिछले तीन सालों से इस जगह राजकीय महोत्सव के रुप में होलिका दहन किया जाता है। उन्होंने कहा कि नरसिंह अवतार मंदिर को पर्यटन स्थल बनाया जा रहा है। आनेवाले दिनों में इसका और अधिक विकास होगा।
बता दें कि बनमनखी की धरती शुरु से ऐतिहासिक और धार्मिक रुप से समृद्ध रही है। यहां की नरसिंह अवतार मंदिर और धीमेश्वर महादेव मंदिर राज्यभर में प्रसिद्ध है। बहरहाल पर्यटन मंत्री ने इसे पर्यटन स्थल बनाने का दावा तो किया है लेकिन देखना है कि इस स्थल का कबतक विकास हो पाता है।