--अभिजीत पाण्डेय,
पटना-बिहार, इंडिया इनसाइड न्यूज़।
भारत के लोग जाति, धर्म, जमीन, मकान, गली, नली, के लिए आपस में लड़ते हैं। लेकिन कोई कानून का डर ही नही है। उन्होंने कहा कि कानून का भय होता है तब ही शासन चलता है। लेकिन हमारे देश के लोग न तो कानून की इज्जत करते हैं और न ही कानून का उनमें डर है।
बिहार के डीजपी गुप्तेश्वर पांडेय इन दिनों तीन दिवसीय दौरे पर लंदन गए हुए हैं। लंदन में उन्होंने इंग्लैंड की खूब तारीफ की और कहा कि यहां के लोगों में कानून का भय है। कानून की इज्जत करते हैं जबकि यह इतना छोटा देश है लेकिन देश में कितनी अनुशासन है। देशभक्ति कूट-कूटकर भरी हुई है। यहां के लोग काफी अनुशासित होते हैं। कानून बनाते हैं, तो उसका सख्ती से पालन करते हैं। छोटे बड़े कोई लोग हो कोई भेद भाव नही है। समानता का व्यवहार है। चाहे वो झाड़ू लगाने वाला हो या फिर दुकान में मजदूरी करने वाला। सभी मे सदभाव प्रेम की भावना है।
बता दें कि डीजीपी गुप्तेश्वर पांडे 3 दिवसीय 'सिक्युरिटी एंड पुलिसिंग 2020' कॉन्फ्रेंस के लिए लंदन गए हैं। लंदन में समाज सुधाकर राजाराम मोहन राय की प्रतिमा पर श्रद्धांजलि दी और इंग्लैंड की तारीफ की।
लेकिन इस तारीफ के बीच भारत देश के अनुशासन पर ही सवाल खड़ा करते हुए कहा कि भारत देश के लोग न तो कानून की इज्जत करते हैं। और न ही उनके दिल में कानून का डर है। जाति और धर्म के नाम पर आपस में लड़ते हैं। जाति और धर्म के नाम पर लड़ना छोड़ दें, तो भारत से अच्छा दुनिया में कोई दूसरा देश नहीं है।
हालांकि डीजीपी गुप्तेश्वर पांडे की सुर्खियों में आना कोई नई बात नहीं है। पहले भी बिहार में शराबबंदी को लेकर कई बार बिहार पुलिस पर ही सवाल खड़े कर चुके हैं। कानूनी लचर व्यवस्था, जात पात की लड़ाई को लेकर सवाल उठाना गुप्तेश्वर पांडेय के लिए कोई नई बात नहीं है।
अपने संबोधन के अंत मे गुप्तेश्वर पांडेय ने सारे जहां से अच्छा हिन्दोस्तां हमारा का नारा बुलंद किया। उन्होंने कहा कि हमारे भारत देश से अच्छा कोई देश हो नहीं सकता है। भारतीय जाति और धर्म के नाम पर लड़ना, छोटी-छोटी बातों पर हत्या कर देने जैसी चीजों को छोड़ दें तो अपने देश से बड़ा कोई देश नहीं हो सकता है।