--अभिजीत पाण्डेय,
पटना-बिहार, इंडिया इनसाइड न्यूज़।
• जल्द शुरू होगा इन नदियों को जोड़ने का काम
बिहार समेत पूरे देश में नदी जोड़ो परियोजना की बात सालों से होती आई है लेकिन धरातल पर ये काम आज तक नहीं उतर सका है। गरुवार को बिहार विधान परिषद में एक प्रश्न का जबाब देते हुए जल संसाधन मंत्री संजय झा ने बताया कि इसके लिए 18 योजनाओं को चिन्हित किया गया है जिसमें 8 योजनाओ को इंट्रा स्टेट नदी जोड़ो योजना के तहत चिन्हित किया गया है।
श्री झा ने परिषद को जानकारी देते हुए बताया कि सबसे पहले 8 योजनाओं पर काम शुरू होगा जिनमें सकरी नदी से नाटा नदी को जोड़ने का काम, बूढ़ी गंडक से नून बाया गंगा लिंक योजना, कोसी मेंची लिंक योजना, बागमती- बूढ़ी गंडक लिंक योजना, कोशी-गंगा लिंक योजना, कोशी-अधवारा बागमती योजना, कोहरा-चंद्रावत लिंक नहर योजना, धनारजे जलाशय और फुलवरिया नहर योजना शामिल हैं।
जल संसाधन मंत्री ने जानकारी देते हुए बताया कि कोशी मेंची लिंक योजना को भारत सरकार के वृहत एवं मध्यम सिंचाई और बाढ़ नियंत्रण के लिए गठित सलाहकार समिति से मंजूरी मिल गई है। वन पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय से भी वैधानिक मंजूरी मिल गई है। संजय झा ने जानकारी देते हुए बताया कि कोशी मेंची योजना के लिए केंद्रीय जल आयोग द्वारा 19- 20 फरवरी को स्थल जांच भी कर लिया गया है।
संजय झा ने बताया कि कोशी मेंची योजना को इन्वेस्टमेंट क्लियरेंस और राष्ट्रीय परियोजना में शामिल करने के लिए भी आग्रह किया गया है। इस योजना से 2 लाख 14 हजार 812 हेक्टेयर अतिरिक्त भूमि की सिंचाई हो पाएगी।
बिहार के 8 नदी जोड़ो परियोजना के पूरा होने पर बाढ़ और सुखाड़ से राहत मिल पाएगी। गौरतलब है कि लगभग हर साल दक्षिणी बिहार सुखाड़ के कारण ग्रसित रहता है वहीं उत्तर बिहार में हर साल बाढ़ की विभीषिका झेलनी पड़ती है। इस योजना के पूर होने पर फोनो से निजात मिल सकेगा।