--अभिजीत पाण्डेय,
पटना-बिहार, इंडिया इनसाइड न्यूज़।
वित्तीय अनियमितता और गांवों के विकास में बाधा डालने वाले 52 मुखिया के खिलाफ अब तक शिकायत मिली है जिसमें दोषी 14 मुखिया को बर्खास्त कर दिया गया है। 7 मुखिया के खिलाफ जांच अंतिम चरण में है। अब तक की जांच में 18 मुखिया के खिलाफ आरोप प्रमाणित नहीं हो पाया है। पंचायती राज मंत्री कपिलदेव कामत पत्रकारों को संबोधित कर रहे थे।
पंचायती राज विभाग के निदेशक चंद्रशेखर सिंह ने बताया कि विभाग ने नाली-गली और पेयजल निश्चय योजना के लिए तय पूरी राशि 22006 करोड़ पंचायतों को दे दिए है। अब तक पेयजल योजना में 98 फीसदी काम शुरू हुआ है जिसमें 65.6 फीसदी पूरा हो गया है। वहीं नाली-गली योजना में 86 फीसदी काम शुरू हुआ है और 65 फीसदी पूरा हो गया है। कुल 1.14 लाख वार्डों में से 74113 वार्डों में नाली-गली और विभाग द्वाया क्रियान्वयन कराये जा रहे 58612 वार्डों में से 38262 वार्डों में पेयजल पहुंच रहा है। स्थानीय लोगों से प्राप्त जानकारी के मुताबिक पेयजल योजना से गांव के लोगों में गैस की बीमारी कम हो गई है। ऐसी व्यवस्था की जा रही है कि जिला मुख्यालय में बैठे अधिकारी जान सकेंगे कि कौनसी पेयजल निश्चय योजना चल रही है और कौन बंद है।