पर्यटन सत्र की पहली यात्रा पर “पैलेस ऑन व्हील्स”



नई दिल्ली/जयपुर, 07 सितम्बर। भारतीय रेल और राजस्थान पर्यटन विकास निगम (आर०टी०डी०सी०) द्वारा संचालित विश्व प्रसिद्ध शाही रेलगाड़ी पैलेस ऑन व्हील्स अपने नये रूप रंग में इस वर्ष के पर्यटन सत्र की पहली यात्रा पर 30 यात्रियों को लेकर बुधवार 6 सितम्बर को सायं नई दिल्ली के सफदरजंग रेल्वे स्टेशन से गंतव्य स्थानों के लिए रवाना हुई। यात्रियों में यू०एस० और यू०के० सहित अन्य देशों के पर्यटक शामिल हैं।

शाही रेलगाड़ी के महाप्रबंधक प्रदीप बोहरा ने बताया कि अब तक चल रही पैलेस ऑन व्हील्स के 23 वर्ष पुरानी हो जाने के कारण इस बार रॉयल राजस्थान ऑन व्हील्स ट्रेन को ‘पैलेस ऑन व्हील्स’ के रूप में बदल कर उसकी ब्रांड पहचान को भुनाने के लिए चलाया जा रहा है। रेल मंत्रालय ने इसकी विशेष मंजूरी दी है। इससे पर्यटकों को कम टिकट पर बेहतर सुविधाएं मिलेंगी। चूंकि इस ट्रेन में पुरानी ट्रेन के मुकाबले बड़े कोच और अधिक सुविधाएं मौजूद है। पुरानी ट्रेन में एक कूपे में चार कोच थे जबकि इसमें तीन कोच होने से पर्यटकों को अधिक जगह वाले व आरामदायक कोच उपलब्ध होंगे।

82 यात्रियों की क्षमता से युक्त इस ट्रेन में 19 कोच है, जिसमे डीलक्स सैलून हैं। जिनके नाम राजस्थान की पूर्व रियासतों अलवर, भरतपुर, बीकानेर, बून्दी, धौलेपुर, डूंगरपुर, जैसलमेर, जयपुर, झालावाड़, जोधपुर, किशनगढ़ कोटा, सिरोही और उदयपुर के नाम पर रखे गये हैं। ट्रेन में सुइट्स भी है जिनके नाम झालावाड़ ‘ए’ और ‘बी’ रखे गए हैं। इसके अलावा ट्रेन में दो खूबसूरत रेस्टोरेन्ट ‘महाराजा’ और ‘महारानी’ और ‘रिशेप्सन कम बार लॉंज’ के अलावा एक ‘स्पा’ कोच भी है। प्रत्येक सैलून के साथ एक छोटे लांज की सुविधा भी है जिसमें पर्यटक अपने हमराही सैलानियों से मित्रता बढ़ाने के साथ ही पत्र-पत्रिकाओं का अध्ययन और विभिन्न आमोद-प्रमोद की सुविधाओं का लाभ उठा सकते हैं। प्रत्येक सेलून के साथ टॉयलेट, गर्म पानी और अन्य सुविधाओं से युक्त बाथरुम आदि सुविधाएं उपलब्ध हैं। सैलानियों की जरुरतों की देखरेख के लिए हर कोच में एक अटेण्डेंट’ (खिदमतगार) भी मौजूद रहता है। ट्रेन के हर सैलून को राजस्थानी अंदाज से सजाया संवारा गया है। साथ ही इनके इंटरकाम, चैनल्स, म्यूजिक, मिनरल वाटर आदि सुविधाए भी हैं। रेस्टोरेंट में कोटिनेन्टल, चाईनीज, इन्डियन, राजस्थानी व्यंजनों के स्वाद पर्यटकों के सफर का आनन्द चौगुना करते हैं।

“पैलेस ऑन व्हील्स” में एक सप्ताह के सफर की शुरुआत दिल्ली के चाणक्यपुरी में दूतावासों से सबसे नजदीक स्थित सफदरजंग रेल्वे स्टेशन पर राजसी अगवानी के साथ सैलानियों की यात्रा से शुरु होती है। एक बार ट्रेन में बोर्ड होने के बाद यात्रियों को न अपने सामान की देखरेख की चिंता सताती है और न ही खाने-पीने, धूमने और ऎशोआराम की चिंता क्योंकि हर प्रकार की सुख सुविधाओं के लिए राजस्थानी वेशभूषाओं में सजे-धजे आर०टी०डी०सी० के ‘‘अटेंडेंट’’ (खिदमतगार) हर वक्त तैयार होते हैं। पहले दिन बुधवार को दिल्ली से प्रस्थान कर पर्यटक जयपुर पहुचते हैं और दूसरे दिन गुरूवार को पिंकसिटी जयपुर का भ्रमण करने के बाद तीसरे दिन शुक्रवार को रणथम्भौर टाईगर डेन के लिए प्रसिद्ध सवाई माधोपुर और चित्तौड़गढ़ दुर्ग और चौथे दिन शनिवार को झीलों की नगरी उदयपुर, पाचवें दिन रविवार को जैसलमेर के सोनार किले और पटवों की हवेली के दर्शन पश्चात सम के धोरों पर कैमल सफारी सैलानियों को रोमांचित करती है। छठे दिन सोमवार को सूर्य नगरी जोधपुर उनका पडाव होता है। इन रमणीय स्थलों की सैर करने के बाद अंतिम सातवें दिन मंगलवार को विश्व धरोहर में शामिल भरतपुर धना पक्षी अभ्यारण्य और आगरा में दुनिया के सातवें अजूबे ‘ताजमहल’ का भ्रमण कर सैलानी अपनी विस्मरणीय यात्रा पूरी कर बुधवार को सवेरे पुनः नई दिल्ली पहुंचते हैं। हनीमून जोड़ों सहित हर उम्र के पर्यटकों के लिए पटरियों पर दौडती रेलगाडी में पांच सिंतारा होटल्स जैसी विलासिता के चरम आनन्द की अनुभूति सैलानियों के जीवन की एक अविस्मरणीय यात्रा बन जाती है। उन्होंने बताया कि यह ट्रेन अपनी एक सप्ताह के शाही सफर पर सितम्बर 2017 से अप्रैल 2018 तक प्रत्येक बुधवार को नई दिल्ली से जयपुर, सवाईमाधोपुर, चित्तौड़गढ,उदयपुर, जैसलमेर, जोधपुर, भरतपुर, आगरा होती हुई पुनः नई दिल्ली पहुँचेगी।

राजस्थान पर्यटन विकास निगम के दिल्ली में महाप्रबंधक संजीव शर्मा ने बताया कि ट्रेन का सितम्बर व अप्रैल माह का किराया रियायती दर पर 500 यू०एस० डॉलर प्रति यात्री प्रति रात्रि रखा गया है जबकि शेष माह में 650 यू०एस० डॉलर (भारतीय रूपये में 39 हजार रु०) प्रति यात्री प्रति रात्रि होगा। डबल ओक्यूपेंसी पर यह किराया 500 यू०एस० डॉलर (भारतीय रूपये में 30 हजार रु०) प्रति यात्री प्रति रात्रि होगा। इसी प्रकार सुपर डीलक्स सेलून का किराया 1800 यू०एस० डॉलर (भारतीय रूपये में 1लाख 8 हजार रू०)। उल्लेखनीय है कि विगत 23 वर्षों से चल रही पुरानी पैलेस ऑन व्हील्स को हैरिटेज ट्रेन के रूप में चलाने का प्रस्ताव रेल मंत्रालय के विचारार्थ है।

इस मौके पर पूर्व केंद्रीय पर्यटन सचिव विनोद जुत्शी, राजस्थान पर्यटन विकास निगम के प्रबंध निदेशक प्रदीप बोहरा, कार्यकारी निदेशक ललित वर्मा और अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।
( साभार - hellorajasthan.com )

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