भारत के आधुनिक सड़क विकास के शिल्पकार हैं कमलनाथ



--विजया पाठक
एडिटर - जगत विजन
भोपाल - मध्यप्रदेश, इंडिया इनसाइड न्यूज।

■कमलनाथ के विजन को ही पूरा कर रही मोदी सरकार

■साकार हो रही बेहतर सड़क नेटवर्क की परिकल्‍पना

भारत के आर्थिक विकास की सबसे मजबूत आधारशिला यदि किसी क्षेत्र ने तैयार की है तो वह देश का सड़क एवं परिवहन नेटवर्क है। सड़कें केवल एक स्थान से दूसरे स्थान तक पहुंचने का साधन नहीं होतीं, बल्कि वे विकास, व्यापार, शिक्षा, स्वास्थ्य, पर्यटन और रोजगार की जीवनरेखा होती हैं। पिछले तीन दशकों में भारत में सड़क अवसंरचना के जिस व्यापक विस्तार की शुरुआत हुई, उसमें अनेक नेताओं और सरकारों का योगदान रहा है। इन्हीं प्रमुख नेताओं में वरिष्ठ कांग्रेस नेता एवं मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ का नाम भी उल्लेखनीय है। कमलनाथ ने केंद्र सरकार में सड़क परिवहन एवं राजमार्ग तथा पर्यावरण एवं वन मंत्रालय जैसे महत्वपूर्ण विभागों का दायित्व संभाला। मई 2009 से 2011 तक सड़क परिवहन एवं राजमार्ग तथा पर्यावरण एवं वन मंत्रालय के मंत्री रहे। कैबिनेट मंत्री उनके कार्यकाल में सड़क अवसंरचना के विस्तार, ग्रामीण संपर्क बढ़ाने, राष्ट्रीय राजमार्गों के आधुनिकीकरण तथा विकास परियोजनाओं को गति देने के लिए कई महत्वपूर्ण पहलें की गईं। उनकी कार्यशैली का मूल उद्देश्य था कि भारत का विकास गांवों से लेकर महानगरों तक समान रूप से पहुंचे और सड़कें आर्थिक समृद्धि की नई राह बनें।

●राष्ट्रीय राजमार्गों के विस्तार की मजबूत शुरुआत

कमलनाथ के केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री के रूप में कार्यकाल के दौरान राष्ट्रीय राजमार्गों के विस्तार और उनके उन्नयन पर विशेष बल दिया गया। उस समय देश की बढ़ती अर्थव्यवस्था के अनुरूप बेहतर सड़क नेटवर्क की आवश्यकता महसूस की जा रही थी। उन्होंने मंत्रालय की कार्यप्रणाली में तेजी लाने, लंबित परियोजनाओं को गति देने तथा निजी निवेश को प्रोत्साहित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाए। उनके कार्यकाल में अनेक राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं को स्वीकृति मिली और कई परियोजनाओं का निर्माण कार्य प्रारंभ हुआ। चार लेन और छह लेन सड़कों के विस्तार ने न केवल यात्रा को आसान बनाया बल्कि माल परिवहन की लागत कम करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। बेहतर सड़क संपर्क ने औद्योगिक विकास, कृषि उत्पादों के विपणन और पर्यटन को नई गति प्रदान की। आज जिन अनेक राष्ट्रीय राजमार्गों पर देश की अर्थव्यवस्था निर्भर है, उनके विकास की प्रक्रिया में कमलनाथ के कार्यकाल का योगदान महत्वपूर्ण माना जाता है।

●प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना को मिली नई गति

प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना को कमलनाथ के कार्यकाल में प्रभावी रूप से आगे बढ़ाने पर विशेष ध्यान दिया गया। हजारों गांवों को सर्व मौसमीय सड़कों से जोड़ने का अभियान तेज हुआ। ग्रामीण क्षेत्रों में सड़क पहुंचने का अर्थ केवल परिवहन सुविधा उपलब्ध कराना नहीं था, बल्कि किसानों के लिए बाजार तक पहुंच, विद्यार्थियों के लिए विद्यालय, मरीजों के लिए अस्पताल तथा ग्रामीण युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर भी सुनिश्चित करना था।

●एक्सप्रेस-वे संस्कृति की आधारशिला

भारत में आधुनिक एक्सप्रेस-वे नेटवर्क का विस्तार एक लंबी प्रक्रिया का परिणाम है। कमलनाथ के कार्यकाल में देश में उच्च गुणवत्ता वाली नियंत्रित प्रवेश (कंट्रोल्ड एक्सेस) सड़कों की आवश्यकता पर गंभीरता से काम किया गया। कई महत्वपूर्ण एक्सप्रेस-वे परियोजनाओं की प्रारंभिक योजना, स्वीकृति और प्रक्रियाओं को आगे बढ़ाने में उनकी भूमिका रही। इन प्रयासों ने भविष्य में देश के विभिन्न हिस्सों को जोड़ने वाले आधुनिक एक्सप्रेस-वे नेटवर्क के विस्तार का मार्ग प्रशस्त किया। आज देश जिन अत्याधुनिक एक्सप्रेस-वे परियोजनाओं का लाभ उठा रहा है, उनकी अवधारणा और प्रारंभिक प्रक्रियाओं को गति देने में उस दौर की नीतिगत पहल का महत्वपूर्ण योगदान रहा।

●पर्यावरण और विकास के बीच संतुलन

कमलनाथ ने पर्यावरण एवं वन मंत्री के रूप में भी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी निभाई। उनके कार्यकाल में विकास परियोजनाओं और पर्यावरण संरक्षण के बीच संतुलन स्थापित करने का प्रयास किया गया। उन्होंने यह सुनिश्चित करने का प्रयास किया कि औद्योगिक विकास और आधारभूत संरचना निर्माण पर्यावरणीय मानकों के अनुरूप हो। वन संरक्षण, पर्यावरणीय स्वीकृतियों में पारदर्शिता तथा टिकाऊ विकास की अवधारणा को बढ़ावा देने के लिए कई नीतिगत पहल की गईं। उनकी सोच स्पष्ट थी कि विकास और पर्यावरण एक-दूसरे के विरोधी नहीं बल्कि पूरक हो सकते हैं।

●मध्यप्रदेश सहित देश के विभिन्न राज्यों को मिला लाभ

कमलनाथ ने अपने कार्यकाल में मध्यप्रदेश सहित देश के अनेक राज्यों में सड़क परियोजनाओं को प्राथमिकता दिलाने का प्रयास किया। विशेष रूप से पिछड़े और आदिवासी क्षेत्रों तक सड़क पहुंचाने के प्रयासों ने क्षेत्रीय विकास को गति दी। बेहतर सड़क संपर्क के कारण शिक्षा, स्वास्थ्य और व्यापार की सुविधाएं पहले की तुलना में अधिक सुलभ हुईं। इससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था मजबूत हुई और सामाजिक विकास को नई दिशा मिली।

●दीर्घकालिक सोच का परिणाम

सड़क निर्माण का वास्तविक लाभ वर्षों बाद दिखाई देता है। किसी भी राष्ट्रीय राजमार्ग या एक्सप्रेस-वे परियोजना की योजना, स्वीकृति, भूमि अधिग्रहण, वित्तीय व्यवस्था और निर्माण में कई वर्ष लगते हैं। इसलिए आज दिखाई देने वाली अनेक परियोजनाओं की नींव पूर्ववर्ती सरकारों और मंत्रियों के कार्यकाल में रखी गई थी। कमलनाथ ने इसी दीर्घकालिक सोच के साथ सड़क अवसंरचना के विस्तार पर कार्य किया। उनके द्वारा शुरू की गई अनेक प्रक्रियाएं आगे चलकर देश के आधुनिक सड़क नेटवर्क के निर्माण में सहायक बनीं। सड़क परिवहन एवं पर्यावरण मंत्री के रूप में उनका कार्यकाल विशेष रूप से आधारभूत संरचना विकास की दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जाता है।

ताजा समाचार


National Report



Image Gallery
इ-अखबार - जगत प्रवाह
  India Inside News