अपनी जड़ों, परंपराओं और पूर्वजों को स्मरण करने का पर्व है पितृपक्ष : डाॅ. प्रेम कुमार



--अभिजीत पाण्डेय
पटना - बिहार, इंडिया इनसाइड न्यूज।

भारतीय संस्कृति में माता-पिता और पूर्वजों के प्रति कृतज्ञता एवं सम्मान का विशेष स्थान है। पितृपक्ष हमें अपनी जड़ों, परंपराओं और पूर्वजों को स्मरण करने का संदेश देता है।

विश्व प्रसिद्ध पितृपक्ष मेला-2026 के शुभारंभ कार्यक्रम में बिहार विधान सभा के अध्यक्ष डॉ. प्रेम कुमार ने अपने न्यूजीलैंड प्रवास के दौरान वर्चुअल माध्यम से भाग लिया। इस अवसर पर उन्होंने देश-विदेश से गयाजी पहुंचे श्रद्धालुओं का स्वागत एवं अभिनंदन करते हुए कहा कि गयाजी केवल एक तीर्थस्थल नहीं, बल्कि सनातन आस्था, श्रद्धा और मोक्ष की पवित्र भूमि है।

विधानसभाध्यक्ष ने कहा कि फल्गु नदी के पावन तट पर भगवान विष्णु के चरणचिह्न, विष्णुपद मंदिर, अक्षयवट, सीताकुंड, प्रेतशिला, रामशिला सहित अनेक पवित्र स्थलों पर देश-विदेश से श्रद्धालु अपने पितरों की आत्मा की शांति और मोक्ष की कामना से पिंडदान एवं तर्पण करने आते हैं।

डॉ. कुमार ने कहा कि गयाजी के विकास के लिए सड़क, यातायात, जलापूर्ति, स्वच्छता, सौंदर्यीकरण और पर्यावरण के क्षेत्र में लगातार कार्य किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में गयाजी के धार्मिक एवं पर्यटन महत्व को ध्यान में रखते हुए कई महत्वपूर्ण विकास कार्य हुए हैं। इसके तहत ब्रह्म सरोवर, वैतरणी, सीताकुंड सहित अन्य वेदियों के सौंदर्यीकरण का कार्य कराया गया है।

उन्होने गयाजी के नागरिकों से अपील करते हुए कहा कि देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं के साथ ‘अतिथि देवो भवः’ की भावना से व्यवहार करें तथा स्वच्छता और सुव्यवस्था बनाए रखने में प्रशासन का सहयोग करें। उन्होंने कहा कि गयाजी की धरती पर आने वाला प्रत्येक श्रद्धालु यहां से आस्था, शांति और सुखद अनुभव लेकर अपने घर लौटे, यही सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। हम सभी मिलकर पितृपक्ष मेला-2026 को श्रद्धा, सेवा, स्वच्छता और सुव्यवस्था का आदर्श बनाएं तथा गयाजी की गौरवशाली परंपरा को और मजबूत करें।

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