इंडिया गठबंधन के सांसद राहुल के नेतृत्व में छात्रों के 'समर्थन' में गांधी स्मृति गए



--राजीव रंजन नाग
नई दिल्ली, इंडिया इनसाइड न्यूज।

परीक्षा पेपर लीक को लेकर सरकार और विपक्ष का विरोध प्रदर्शन तेज़ हो गया है। विपक्ष के नेता राहुल गांधी और कांग्रेस तथा इंडिया गठबंधन के सांसद 'तीस जनवरी मार्ग' स्थित गांधी स्मृति पहुँचे, ताकि उन छात्रों को याद किया जा सके जिन्होंने नीट पेपर लीक के बाद अपनी जान गँवा दी थी या जो विरोध प्रदर्शन के दौरान घायल हो गए थे।

अपनी जानी-पहचानी सफ़ेद टी-शर्ट पहने और हाथ में राष्ट्रीय ध्वज तथा संविधान लिए, उन्होंने गांधी स्मृति में मौन श्रद्धांजलि दी, जबकि अन्य सांसदों ने प्रतीकात्मक रूप से मोमबत्ती जलाने की तरह अपने मोबाइल की फ़्लैशलाइट जलाईं।

इससे पहले, जब विपक्ष के सांसद आज दोपहर बैठक के लिए गांधी के घर पहुँचे, तो घर के बाहर बैरिकेड लगा दिए गए थे। बैठक खत्म होने के तुरंत बाद, कांग्रेस नेता ने गांधी स्मृति जाने की योजना की घोषणा की, जो वहाँ से एक किलोमीटर से भी कम दूरी पर है। इसके बाद राहुल गांधी और अन्य सांसदों को ले जा रही तीन बसें गांधी स्मृति पहुँचीं।

उन्होंने कहा, "अभी, इंडिया गठबंधन के सांसद और नेता शांतिपूर्ण ढंग से 'तीस जनवरी मार्ग' स्थित गांधी स्मृति की ओर जा रहे हैं। हम उन छात्रों को याद करने जा रहे हैं जिन्हें हमने खो दिया - वे बच्चे जिन्हें नीट पेपर लीक के बाद अपनी जान देने के लिए मजबूर होना पड़ा। हम उन छात्रों के साथ खड़े होने जा रहे हैं जो आज घायल हैं - जिन्हें न्याय और जवाबदेही की शांतिपूर्ण माँग करने पर पीटा गया।"

अपनी पोस्ट में गांधी ने कहा कि भारत के छात्र अकेले नहीं हैं और पूरा विपक्ष उनके और उनकी मांगों के साथ खड़ा है। बाद में उन्होंने पत्रकारों को बताया कि इंडिया गेट जाने की उनकी शुरुआती योजना को पुलिस ने नामंज़ूर कर दिया था, और फिर उनकी बस को भी उनके घर से गांधी स्मृति जाने से रोका गया, लेकिन बाद में उन्हें जाने की अनुमति दे दी गई। उन्होंने बस के अंदर से अपना एक वीडियो पोस्ट करते हुए लिखा, "भारत के छात्रों के साथ खड़े होने से हमें कोई नहीं रोक सकता।"

इस बीच, प्रदर्शनकारियों पर की गई कार्रवाई को लेकर 'सुनहरी बाग' स्थित विपक्ष के नेता के आवास पर हुई बैठक के बाद, गुरुवार को विपक्षी सांसद और 'इंडिया' गठबंधन के नेता दिल्ली के 'तीस जनवरी मार्ग' स्थित गांधी स्मृति स्मारक पहुंचे।

विरोध प्रदर्शन के 34वें दिन भी सीजेपी और केंद्र सरकार के बीच बातचीत अटकी हुई है।

कांग्रेस अन्य मांगों के अलावा शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफ़े की मांग कर रही थी; दो दिन पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आवास के बाहर प्रदर्शन के दौरान गांधी भाई-बहन को हिरासत में भी लिया गया था।

बस में सवार होने से पहले, कांग्रेस सांसद कुमारी शैलजा ने बताया कि वे अपनी मांगों पर अडिग हैं। पेपर लीक के मुद्दे पर जंतर-मंतर पर 'कॉकरोच जनता पार्टी' (सीजेपी) की अगुवाई में एक अलग प्रदर्शन चल रहा है। इसबीच, राजधानी में छात्रों का विरोध प्रदर्शन जारी रहने के कारण जंतर-मंतर के 1.5 किलोमीटर के दायरे में आधी रात तक मोबाइल इंटरनेट सेवा बंद कर दी गई है। राजधानी के खासकर लुटियंस के इलाके में और उसके आस पास मेट्रो सेवायें 6 बजे बंद कर दी गई है। राजधानी के उन तमाम रास्तों पर बैरीकेट्स लगा दिए गए हैं जो जंतर-मंतर को जोड़ती है। जंतर मंतर 'कॉकरोच जनता पार्टी' (सीजेपी) का विरोध स्थल है। इन प्रतिबंधों के बावजूद हाजारों छात्रों का जंतर मंतर पहुंचना जारी है।

उधर, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के आवास के बाहर भी धारा 163 लागू कर दी गई है और पुलिस ने इलाके में चेतावनी जारी की है। केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात के बाद कहा कि "सरकार के दरवाजे छात्रों के साथ बातचीत के लिए हमेशा खुले हैं" और प्रदर्शनकारी चाहें तो जे.पी. नड्डा के आवास या कार्यालय में मिल सकते हैं। लेकिन पार्टी ने कहा कि वह केवल "जंतर-मंतर के पास किसी निष्पक्ष जगह पर" ही मुलाकात करेगी।

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