बेटियों के विवाह की उम्र बढ़ाए जाने की पहल स्वागत योग्य है



--विजया पाठक (एडिटर - जगत विजन),
भोपाल-मध्य प्रदेश, इंडिया इनसाइड न्यूज़।

मध्य प्रदेश की बेटियों की तरक्की और उनकी सुरक्षा को लेकर हमेशा संवेदनशील रहने वाली शिवराज सरकार ने भी केंद्र सरकार द्वारा जल्द ही बेटियों के हित में लिए जाने वाले बड़े फैसले का सर्मथन किया है। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने इस बात के संकेत भी दे दिए है। यदि केंद्र सरकार इस नियम को लागू करती है तो निश्चित ही मध्य प्रदेश इस फैसले में उसके साथ होगा। यह फैसला स्वागत योग्य है।

मुख्यमंत्री ने दो दिन पहले ही महिला अपराध के उन्मूलन में समाज की भागीदारी के लिए जागरुकता अभियान कार्यक्रम में कहा कि देश में लड़कियों की शादी की उम्र 21 साल होनी चाहिए। इसे मुद्दा बनाकर बहस करनी चाहिए। जब लड़के के लिए शादी की उम्र 21 साल है, तो फिर लड़की के परिपक्वता की उम्र भी 21 साल होनी चाहिए। दरअसल, मौजूदा कानून में लड़कियों की शादी की उम्र 18 साल और लड़कों की शादी की उम्र 21 साल है। समाज का बड़ा तबका मानता है कि दोनों की उम्र 21 साल होनी चाहिए। अगर दोनों कमाने लायक हो जाएंगे, तो आर्थिक स्थिति भी अच्छी होगी और अर्थव्यवस्था भी। उम्र बढ़ने से लड़की के पास समय होगा पूरी पढ़ाई करने का। अमूमन 21 साल तक लड़की ग्रेजुएट हो जाएगी, फिर नौकरी करने के अवसर भी मिलेंगे। यदि शिवराज सरकार इस फैसले का समर्थन करते हुए इसे मध्य प्रदेश में इसे सबसे पहले लागू करती है तो निश्चित ही इसका फायदा उन तमाम सैकड़ों बेटियों को मिलेगा जिनका बाल विवाह कर दिया जाता था और वो अपने सपनों की उड़ान को पंख लगने से वंचित रह जाती थी।

यूनिसेफ की रिपोर्ट के अनुसार देश में 15 लाख लड़कियों की 18 साल से कम उम्र में ही शादी हो जाती है। जाहिर है अब समय आ गया है जब समाज को अपनी सोच बदलना होगी और लड़कियों को लड़कों के समान अधिकार दिलाने की बात का स्वागत कर उसका समर्थन करना होगा। विश्व में देखा जाए तो इंडोनेशिया, मलेशिया, नाइजीरिया और फिलीपींस समेत दुनिया के कुल 20 देशों में लड़कियों को शादी के लिए कम से कम 21 साल रखी गई है। अब वह समय आ गया है जब यह बदलाव भारत के कानून में भी हो। क्योंकि अब समाज बदल गया है एक तरफ जहां चंद्रयान-2 की सफलता में मुथाया वनिता और रितु करिढाल का अहम योगदान रहा। वहीं विभिन्न क्षेत्रों में भी महिलाएं अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा चुकी हैं। फिर चाहे हिमा दास हो या किरण बेदी, महिलाएं किसी भी क्षेत्र में पुरुषों से कम नहीं हैं। दो दिन पहले ही एयर इंडिया की 4 महिला कैप्टन ने सैन फ्रांसिस्को से 16,000 किलोमीटर दूर स्थित बेंगलुरू के लिए उड़ान भरकर नई इबारत कायम की है। लड़कियों के विवाह की उम्र बढ़ाए जाने को लेकर पहली बार चर्चा पिछले साल बजट सत्र में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने की थी। इसके लिए टास्क फोर्स बनाई गई है जो सुझाव जल्द ही नीति आयोग को देगा।

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