--एकलव्य कुमार,
पटना-बिहार, इंडिया इनसाइड न्यूज़।
बिहार टीचर एडुकेटर्स एसोसिएशन (बीटा) के पूर्व महासचिव व नालंदा कॉलेज, बिहारशरीफ (पाटलिपुत्र विश्वविद्यालय) के बीएड विभागाध्यक्ष डॉ• ध्रुव कुमार ने बिहार के राज्यपाल - सह-कुलाधिपति से बीएड के नये सत्र 2020-22 में अंक के आधार पर नामांकन का आदेश देने का अनुरोध किया है।
कुलाधिपति को भेजे गए पत्र में डॉ• कुमार ने कहा है कि ऐसा करके न सिर्फ बीएड काॅलेजों के समक्ष उत्पन्न "सेशन गैप" के खतरे को टाला जा सकता है, बल्कि प्रदेश के साढ़े तीन सौ से अधिक निजी व स्ववित्तपोषित बीएड कॉलेजों में कार्यरत दस हजार से अधिक शिक्षक व शिक्षकेत्तर कर्मियों और उनके परिजनों को भूख से मरने से बचाया जा सकता है।
ज्ञात हो कि इस वर्ष संयुक्त प्रवेश परीक्षा आयोजित करने का जिम्मा ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय दरभंगा को सौंपा गया था, लेकिन कोविड-19 महामारी के कारण 29 मार्च को निर्धारित प्रवेश परीक्षा स्थगित कर दी गई। बाद में प्रवेश परीक्षा की तिथि 19 जुलाई घोषित हुई, लेकिन इसे भी गत सप्ताह कोरोना महामारी के प्रसार को देखते हुए अगले आदेश तक इसे स्थगित करने का फैसला लिया गया है।
पत्र में लिखा गया है कि जैसे-जैसे विलंब हो रहा है सेशन गैप का खतरा बढ़ रहा है। वहीं बीएड कोर्स में दाखिला लेने को उत्सुक छात्र-छात्राओं में मायूसी है साथ ही शिक्षक और शिक्षकेत्तर कर्मचारी भी दुखी हैं। उनके समक्ष नौकरी पर संकट उत्पन्न होता दिख रहा है।
डा• कुमार का मानना है कि चूंकि प्रवेश परीक्षा के आधार पर नामांकन प्रक्रिया शुरू होने से पूर्व बीए के प्राप्तांक के आधार पर ही बीएड में दाखिला होता रहा है। अतः वर्तमान कोरोना संकट के इस दौर में उसी प्रक्रिया को पुनः अपनाकर बीएड के सेशन को सामान्य बनाये रखा जा सकता है।
मालूम हो कि इस साल लगभग 35 हजार सीटों के लिए एक लाख, 25 हजार अभ्यर्थी संयुक्त प्रवेश परीक्षा में हिस्सा लेंगे।
डॉ• कुमार ने तमाम परिस्थितियों के मद्देनजर कुलाधिपति महोदय से छात्र, शिक्षक, कर्मियों और बीएड कॉलेजों के भविष्य को ध्यान में रखते हुए सहानुभूति पूर्वक विचार कर शीघ्र फैसला लेने का अनुरोध किया है।