--राजीव रंजन नाग
नई दिल्ली, इंडिया इनसाइड न्यूज।
■ज्ञानेश कुमार की इस्तीफे की मांग को लेकर इंडिया गठबंधन के नेता राष्ट्रपति से मिले
■राष्ट्रपति ने सबूत मांगा - राहुल गांधी
कांग्रेस के राहुल गांधी के नेतृत्व में विपक्षी सांसदों और पार्टी नेताओं के एक समूह ने संसद से राष्ट्रपति भवन तक मार्च किया। उनमें से एक समूह राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मिला और मांग की कि ज्ञानेश कुमार मुख्य चुनाव आयुक्त के पद से इस्तीफा दें। उनके तीन-सूत्रीय ज्ञापन में यह भी मांग की गई कि वोटर लिस्ट के विवादास्पद 'स्पेशल इंटेंसिव रिविजन' (एसआईआर) को रद्द किया जाए और ड्राफ्ट में हटाए गए 13 करोड़ मतदाताओं के नाम वापस जोड़े जाएं।
हालांकि 10 नेताओं का एक समूह बैठक के लिए अंदर गया, लेकिन बाकी नेताओं ने रास्ते में कर्तव्य पथ पर धरना दिया। उन्होंने "ज्ञानेश, बस हो गया भाई!" लिखे प्लेकार्ड पकड़े हुए थे और "वोट चोरी" तथा चुनाव आयोग और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की भाजपा सरकार के बीच "मिलीभगत" का आरोप लगाते हुए नारे लगाए।
●शुक्रवार को नई दिल्ली में कर्तव्य पथ पर प्रियंका गांधी, दीपेंद्र हुड्डा, महुआ मोइत्रा और अन्य सांसद
यह मार्च संसद के सेंट्रल हॉल में इंडिया ब्लॉक के लगभग 150 सांसदों और अन्य नेताओं की बैठक के बाद हुआ, जिसमें 16 अलग-अलग पार्टियों के 16 नेताओं ने राष्ट्रपति के लिए ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए और भारत के चुनाव आयोग के कामकाज पर चिंता जताई।
बैठक में गांधी ने कहा कि पिछले कुछ दिनों में विपक्ष के प्रदर्शनों ने "सरकार की नींव हिला दी है"। मार्च से पहले पत्रकारों से बात करते हुए, राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) के सांसद मनोज कुमार झा - जो राष्ट्रपति से मिलने वाले 11 नेताओं में शामिल थे - ने कहा, "मांग वही है जो पूरे देश की है। बेईमानी के पूरे ढांचे को खत्म करना, और ज्ञानेश कुमार एक ढाल की तरह खड़े हैं।"
कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई ने कहा, "सभी देशभक्त देश के लोकतंत्र को मजबूत करने में लगे हैं, चाहे वे किसी राजनीतिक दल के सदस्य हों या न हों... मैं उन सभी देशभक्तों को सलाम करता हूं जो सड़कों पर उतरे हैं।"
युवा आंदोलन 'कॉकरोच जनता पार्टी' - जिसने जुलाई में पेपर लीक मामले में शिक्षा मंत्री को इस्तीफा देने पर मजबूर किया था - ने शनिवार, 10 अक्टूबर को दिल्ली के बीचों-बीच जंतर-मंतर पर विरोध प्रदर्शन का आह्वान किया है। सरकार ने हजारों पुलिसकर्मियों को तैनात किया है और शुक्रवार रात 10 बजे से 24 घंटे के लिए जंतर-मंतर के आसपास 4 किलोमीटर के दायरे में इंटरनेट सेवा बंद कर दी है।
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने जंतर-मंतर विरोध प्रदर्शन के आह्वान के मद्देनजर मेट्रो स्टेशनों को बंद करने और ट्रेन सेवाओं को रद्द करने का जिक्र करते हुए सरकार पर डर के कारण ऐसा करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा, "जो व्यक्ति डरता है, वह आज नहीं तो कल मरेगा ही।" खड़गे ने कहा, "ज्ञानेश कुमार की गलतियों ने देश में डर का माहौल पैदा किया है और लोकतंत्र को खतरे में डाल दिया है। इसीलिए हम राष्ट्रपति से मिलने जा रहे हैं और उन्हें उनके किए गए कामों के बारे में बताएंगे।"
उधर, बीजेपी नेता जेपी नड्डा ने सत्ताधारी पार्टी के इस दावे को दोहराया कि कांग्रेस के नेतृत्व वाला गठबंधन सिर्फ एक ऐसा पक्ष है जो हार पचा नहीं पा रहा है और बहाने ढूंढ रहा है। उन्होंने एक्स पर पोस्ट किया, "नगांव में लोकसभा चुनाव और नंदीग्राम, रेजीनगर और थट्टनचावडी में विधानसभा चुनाव के नतीजे प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व, विज़न और नीतियों, तथा भाजपा-एनडीए के सुशासन और जन-कल्याण के एजेंडे में लोगों के भरोसे को फिर से साबित करते हैं।"