विकास और पर्यावरण संरक्षण एक साथ होना चाहिए : नितिन गडकरी



▪☆▪ एनएच 24 परियोजना का पहला चरण वर्ष के अंत तक पूरा होगा

▪☆▪ रिकॉर्ड 14 महीने में परियोजना का कार्य पूर्ण

सड़क परिवहन एवं राजमार्ग, जहाजरानी, जल संसाधन, नदी विकास एवं गंगा संरक्षण मंत्री नितिन गडकरी ने कहा है कि सरकार दिल्ली एनसीआर में राजमार्ग परियोजनाओं को तेजी से पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध है, ताकि क्षेत्र में भीड़भाड़ कम हो और वाहनों से होने वाले प्रदूषण के स्तर को 50 प्रतिशत तक कम किया जा सके। नितिन गडकरी ने एक ऐसी ही परियोजना एनएच 24 का मौके पर जाकर निरीक्षण किया और अक्षरधाम मंदिर के नजदीक संवाददाताओं से बातचीत की।

इस अवसर पर उन्होंने कहा कि एनएच 24 परियोजना का पहला चरण, जिसके तहत अक्षरधाम मंदिर से दिल्ली-यूपी सीमा तक कार्य हो रहा है इस वर्ष दिसंबर तक पूरा हो जाएगा। 9 किलोमीटर, 14 लेन वाला राजमार्ग रिकॉर्ड 14 महीनें में तैयार हो रहा है, जो कि 30 महीने में पूरा होने का अनुमान था। इस राजमार्ग में कई ऐसी विशेषताएं हैं, जिससे प्रदूषण को कम करने में मदद मिलेगी। राजमार्ग में 2.5 मीटर चौड़ा साईकिल ट्रैक, यमुना पुल पर एक उद्यान, सौर प्रकाश व्यवस्था और ड्रिप सिंचाई के माध्यम से पौधों को पानी देने की व्‍यवस्‍था शामिल है। उन्होंने कहा कि यह राजमार्ग लखनऊ तक विकसित किया जाएगा, जोकि उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश के लोगों के लिए जीवन रेखा के तौर पर साबित होगा। इस राजमार्ग से दिल्ली-मेरठ मार्ग पर जाम कम होगा, जिससे इस क्षेत्र में प्रदूषण के स्तर में कमी आएगी।

उन्होंने बताया कि दिल्ली के चारों ओर पूर्वी और पश्चिमी एक्सप्रेसवे का काम भी तेजी से चल रहा है और यह अगले वर्ष 26 जनवरी से पहले पूरा होने की उम्‍मीद है। एनएच-24 और एक्सप्रेसवे के चालू होने के बाद, पड़ोसी राज्यों की ओर आने-जाने वाले वाहन दिल्ली से बाईपास होकर जाएंगे, जिससे प्रदूषण में 50 प्रतिशत तक कमी आएगी।

उन्‍होंने कहा कि दिल्ली को जाम मुक्‍त करने के लिए 40,000 करोड़ रुपये की परियोजनाएं शुरू की जा रही हैं। इसमें धौला कुआं खंड, द्वारका एक्सप्रेसवे और दिल्ली के लिए एक रिंग रोड की योजना शामिल है, इसकी निर्माण लागत का भुगतान केंद्र और दिल्ली सरकार संयुक्त रूप से करेंगी।

मंत्रालय राजमार्गों के तेजी से निर्माण के अलावा इस क्षेत्र से होने वाले प्रदूषण को कम करने के लिए भी कदम उठा रहा है। इसके तहत जैव ईंधन चलित वाहनों और इलेक्ट्रिक वाहनों के उपयोग को सक्रियता से प्रोत्‍साहित करना, राजमार्गों को हराभरा बनाना, धूल को रोकने के लिए निर्माण स्थलों को ढ़कना और जलमार्गों के उपयोग को बढ़ावा दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि यमुना नदी से गाद को निकालने और जलमार्ग से दिल्ली और आगरा को जोड़ने के लिए निविदाएं जारी की गई हैं।

उन्होंने कहा कि पर्यावरण, अर्थव्यवस्था और विकास साथ-साथ चलना चाहिए। यह परियोजनाएं विकास, रोजगार सृजन, साफ-सुथरा वातावरण और लोगों के लिए सुविधाजनक यात्रा का मार्ग प्रशस्त करेंगी।

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