कार्यान्वयन को सुगम बनाने के लिए पुनर्निर्मित साफ्टवेयर एवं नवीन दिशा-निर्देश आरंभ



भारत सरकार की महत्वाकांक्षी योजना “मेक इन इंडिया” कार्यक्रम को बढ़ावा देने तथा विदेशी पोत कारखानों के मुकाबले समान अवसर उपलब्ध कराने के जरिए घरेलू जहाज निर्माण को प्रोत्साहित करने के लिए, सरकार ने दिसंबर 2015 में भारतीय पोत कारखाने के लिए जहाज निर्माण वित्तीय सहायता नीति को मंजूरी दी थी। इस नीति में 01 अप्रैल 2016 एवं 31 मार्च 2026 के बीच (इन तिथियों समेत) प्रत्याभूत संविदाओं के लिए 10 वर्षों के लिए पोत कारखानों को 4 हजार करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता देने का प्रावधान है।

भारत के पोत कारखाना संगठन ने पिछले वेब आवेदन को लेकर कुछ मुद्दे उठाये थे जिन्हें इस नीति के तहत वित्तीय सहायता के लिए आवेदनों के प्रक्रमण के लिए जून 2016 में आरंभ किया गया था। जहाजरानी मंत्रालय ने हितधारकों के साथ कई बार परामर्श किये और अब उसने इस नीति के तहत आवेदन करने के लिए दिशा निर्देशों के एक संशोधित समूह के साथ वेब आवेदन का एक नवीन संस्करण आरंभ किया है।

संशोधित दिशा निर्देशों के तहत, इस नीति के तहत आवेदन करने तथा मूल्यांकन निर्धारण रिपोर्ट प्राप्त करने एवं जमा करने के लिए अब पोत कारखानों के पास अधिक संख्या में दिन उपलब्ध होंगे। अद्यतन वेब आवेदन में अंतर्राष्ट्रीय मूल्यांककों की एक व्यापक संख्या भी होगी जिसके द्वारा किसी पोत का मूल्याकंन किया जाएगा। वेब आवेदन के अद्यतन संस्करण का निर्धारण एवं निगरानी मुंबई के जहाजरानी निदेशालय द्वारा की जाएगी।

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