12 दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम, ‘निर्वाचन प्रबंधन हेतु क्षमता संवर्द्धन’



नई दिल्ली, 08 मार्च 2018, इंडिया इनसाइड न्यूज़।

● आईआईआईडीईएम ने विदेश मंत्रालय के सहयोग से आईटीईसी देशों के लिए 12 दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम, ‘निर्वाचन प्रबंधन हेतु क्षमता संवर्द्धन’ आयोजित किया

● कार्यक्रम में 21 आईटीईसी देशों के प्रतिनिधि

भारत अंतर्राष्‍ट्रीय लोकतंत्र व निर्वाचन प्रबंधन संस्‍थान (आईआईआईडीईएम), विदेश मंत्रालय के भारत तकनीकी और आर्थिक सहयोग (आईटीईसी) कार्यक्रम के तहत 12 दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम, ‘निर्वाचन प्रबंधन हेतु क्षमता संवर्द्धन’ का आयोजन कर रहा है। यह कार्यक्रम 05 से 16 मार्च, 2018 तक चलेगा। 21 आईटीईसी देशों के 29 वरिष्‍ठ अधिकारी इस कार्यक्रम में हिस्‍सा ले रहे हैं।

कार्यक्रम का उद्घाटन करते हुए उप चुनाव आयुक्‍त सुदीप जैन ने प्रति‍भागियों का स्‍वागत किया। प्रतिनिधि अपने देशों के सबसे अच्‍छी चुनाव प्रक्रियाओं पर चर्चा कर रहे हैं। सुदीप जैन ने आशा व्‍यक्‍त करते हुए कहा कि इससे हमारे अनुभव में वृद्धि होगी और हमारी निर्वाचन प्रबंधन प्रणाली बेहतर होगी। आईआईआईडीईएम के संबंध में उन्होंने कहा कि संस्‍थान ने अब तक 37 अंतर्राष्‍ट्रीय कार्यक्रम आयोजित किये हैं और इनमें 85 देशों ने भाग लिया है। उन्‍होंने प्रतिनिधियों से इस अवसर पर लाभ उठाने और कार्यक्रम समाप्ति के बाद भी आपसी बातचीत जारी रखने का आग्रह किया।

उन्होंने कहा कि प्रत्‍येक भारतीय चुनाव का संचालन करने में नई चुनौतियां सामने आती है और इनसे नया अनुभव भी प्राप्‍त होता है। स्‍वतंत्र व निष्‍पक्ष चुनाव सुनिश्चित करने के लिए हमें चुनाव प्रक्रिया को बेहतर बनाने की प्रेरणा मिलती है। हाल में ही समाप्‍त तीन राज्‍यों के चुनावों में हमें कई नई चुनौतियों का सामना करना पड़ा। हमने त्‍वरित और प्रभावी प्रतिक्रिया दी।

विदेश मंत्रालय के उप सचिव (डीपीए-2) एस•के• डुडेजा ने कहा कि विदेश मंत्रालय के अंतर्गत विकास सहयोग प्रशासन (डीपीए) का गठन जनवरी 2012 में किया गया। उन्‍होंने कहा कि डीपीए-2 विदेश मंत्रालय की नोडेल एजेंसी है, जो क्षमता निर्माण कार्यक्रमों का आयोजन करती है। इसमें आईटीईसी भी शामिल है। सामान्‍य तौर पर आईटीईसी कार्यक्रम की प्रकृति द्विपक्षीय है। लेकिन हाल के वर्षों में आईटीईसी संसाधनों का उपयोग क्षेत्रीय और अंतर-क्षेत्रीय कार्यक्रमों के संदर्भ में भी किया जा रहा है।

आईआईआईडीईएम के वरिष्‍ठ सलाहकार डॉ• भगवनप्रकाश ने कहा कि इस कार्यक्रम को ऐसे तरीके से विकसित किया गया है कि वे निर्वाचन प्रबंधन प्रक्रिया के प्रत्‍येक आयाम पर प्रकाश डाले। निर्वाचन आयोग की संरचना और कार्यप्रणाली, इसकी स्‍वतंत्रता व पारदर्शिता आदि तत्‍व इन आयामों में शामिल हैं। डॉ• भगवनप्रकाश ने प्रतिभागियों से कहा कि उन्‍हें अपने देशों के चुनाव संचालन प्रक्रियाओं की जानकारी साझा करनी चाहिए, ताकि वे केवल कार्यक्रम से ही नहीं, बल्कि एक-दूसरे से भी जानकारी प्राप्‍त कर सकें।

आईआईआईडीईएम के निर्वाचन विशेषज्ञ डॉ• नूर मोहम्‍मद ने कहा कि प्रशिक्षण कार्यक्रम में चुनाव प्रक्रिया पर आधारित एक मूलभूत पाठ्यक्रम शामिल किया गया है। चुनाव संचालन में क्षेत्रीय स्‍तर पर समस्‍याएं आती है, इसलिए चुनाव कर्मियों का प्रशिक्षण अत्‍यधिक आवश्‍यक है। यह इसलिए भी जरूरी हैं क्‍योंकि निर्वाचन प्रबंधन के विभिन्‍न चरणों में प्रौद्योगिकी का उपयोग बढ़ता जा रहा है। डॉ• मोहम्‍मद ने प्रतिनिधियों को कार्यक्रम के दौरान चर्चा की जाने वाली विभिन्‍न विषयों की जानकारी दी।

निर्वाचन आयोग के निदेशक (प्रशिक्षण) विवेक खरे ने अपने संबोधन में कहा कि इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में चुनाव प्रक्रिया के सभी आयामों को शामिल किया गया है। यह भारतीय संस्‍कृति की झलक भी प्रस्‍तुत करता है। उन्‍होंने आईआईआईडीईएम को यह कार्यक्रम आयोजित करने का अवसर प्रदान करने के लिए विदेश मंत्रालय को धन्‍यवाद दिया।

ताजा समाचार

National Report



Image Gallery
इ-अखबार - जगत प्रवाह
  India Inside News