नई दिल्ली, 26 फरवरी 2018, इंडिया इनसाइड न्यूज़।
(●) केन्द्रीय गृह मंत्री ने बिहार, गुजरात, केरल, राजस्थान, तमिलनाडु, उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल और मध्य प्रदेश को केन्द्रीय सहायता के लिए उच्चस्तरीय समिति की बैठक की अध्यक्षता की
केन्द्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने विभिन्न राज्यों यथा बिहार (वर्ष 2017-18 के दौरान बाढ़ से प्रभावित), गुजरात (वर्ष 2017-18 के दौरान बाढ़ से प्रभावित), केरल (वर्ष 2017 के दौरान ओखी तूफान से प्रभावित), राजस्थान (वर्ष 2017-18 के दौरान बाढ़ से प्रभावित), तमिलनाडु (वर्ष 2017 के दौरान ओखी तूफान और पूर्वोत्तर मानसून से प्रभावित), उत्तर प्रदेश (वर्ष 2017 के दौरान बाढ़ से प्रभावित), पश्चिम बंगाल (वर्ष 2017 के दौरान बाढ़ से प्रभावित), छत्तीसगढ़ (वर्ष 2017 के दौरान खरीफ सीजन में सूखे से प्रभावित) और मध्य प्रदेश (वर्ष 2017 के दौरान खरीफ सीजन में सूखे से प्रभावित) को केन्द्रीय सहायता देने के लिए आयोजित उच्चस्तरीय समिति (एचएलसी) की बैठक की अध्यक्षता की।
केन्द्रीय वित्त एवं कॉरपोरेट मामलों के मंत्री अरुण जेटली, केन्द्रीय गृह सचिव राजीव गाबा और गृह, वित्त एवं कृषि मंत्रालयों तथा नीति आयोग के वरिष्ठ अधिकारियों ने भी इस बैठक में भाग लिया।
उच्चस्तरीय समिति (एचएलसी) ने बिहार राज्य के संदर्भ में 1711.66 करोड़ रुपये की सहायता को मंजूरी दी। एचएलसी ने एनडीआरएफ की ओर से गुजरात के लिए 1055.05 करोड़ रुपये, केरल के लिए 169.63 करोड़ रुपये, राजस्थान के लिए 420.57 करोड़ रुपये, तमिलनाडु के लिए 133.05 करोड़ रुपये, उत्तर प्रदेश के लिए 420.69 करोड़ रुपये, पश्चिम बंगाल के लिए 838.85 करोड़ रुपये, छत्तीसगढ़ के लिए 395.91 करोड़ रुपये और मध्य प्रदेश के लिए 836.09 करोड़ रुपये की सहायता को भी मंजूरी दी है।
(●) जम्मू और कश्मीर सरकार द्वारा सीमावर्ती क्षेत्र के पीड़ितों को दी जाने वाली मुआवजा राशि की भरपाई गृह मंत्रालय करेगा
जम्मू कश्मीर मे सीमापार गोलीबारी से प्रभावित लोगों को राज्य सरकार की ओर से दी जाने वाली मुआवजा राशि की भरपाई केन्द्रीय गृह मंत्रालय करेगा। पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) तथा प्रधानमंत्री कार्यालय ,कार्मिक, लोक शिकायत और पेंशन, परमाणु ऊर्जा तथा अंतरिक्ष मंत्रालय में राज्य मंत्री डॉ• जितेंद्र सिंह ने यह जानकारी देते हुए बताया कि यह निर्णय गृह मंत्रालय के अनुरोध पर लिया गया है।
डॉ• सिंह ने कहा कि केंद्र से शीघ्र प्रतिपूर्ति पाने के लिए राज्य सरकार को एक सक्षम तंत्र विकसित करने की प्रक्रिया तेज करनी चाहिए। इससे सीमावर्ती क्षेत्र के पीड़ितों को मुआवजा राशि अदा करने में होने वाली देरी या अपर्याप्त मुआवजे से संबधित राज्य सरकार की मांगों को हल करने में मदद मिलेगी।
डॉ• सिंह ने सीमावर्ती क्षेत्रों की मांगों पर अत्यंत संवेदनशीलता के साथ तुरंत कार्रवाई करने के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह का शुक्रिया अदा किया।
गृह मंत्रालय की ओर से जारी आदेश के अनुसार जम्मू कश्मीर सरकार की ओर से मुआवजे के रूप में दी गयी राशि की भरपाई गृहमंत्रालय सुरक्षा से जुड़े खर्चों के तहत करेगा। आदेश में आगे कहा गया है कि राज्य सरकार सीमापार से होने वाली गोलीबारी से प्रभावित लेागों को उनके मकान और फसल नष्ट होने, मवेशियों के मारे जाने, राहत शिविरों में रहने तथा विस्थापन जैसे मामलों में मुआवजा राशि राष्ट्रीय आपदा मोचन बल द्वारा समय समय पर निर्धारित दरों के अनुसार दे सकती है।
आदेश में राज्य सरकार से कहा गया है कि वह अलग अलग श्रेणियों में किए गए दावों और अदा की गयी मुआवजा राशि का पूरा ब्यौरा समय समय पर केन्द्र सरकार को देती रहे ताकि केन्द्र की ओर से समय पर इसकी प्रतिपूर्ति की जा सके।