नई दिल्ली, 13 फरवरी 2018, इंडिया इनसाइड न्यूज़।
(●) नितिन गडकरी ने पहली राजमार्ग क्षमता नियम पुस्तिका जारी की
(●) नियम पुस्तिका सड़क निर्माण में लगे इंजीनियरों तथा नीति निर्माताओं को मार्गदर्शन प्रदान करेगी
केंद्रीय परिवहन तथा राजमार्ग, शिपिंग व जल संसाधन, नदी विकास तथा गंगा संरक्षण मंत्री नितिन गडकरी ने 12 फरवरी को नई दिल्ली में पहली राजमार्ग क्षमता नियम पुस्तिका जारी की। इस नियम पुस्तिका का नाम इंडो-एचसीएम है। इसे सीएसआईआर-सीआरआरआई ने तैयार किया है। इसके लिए सीएसआईआर-सीआरआरआई ने सड़कों (एक लेन, दो लेन और बहु लेन), शहरी सड़कों तथा एक्सप्रेस वे पर ट्रैफिक के गुणों का देश स्तर पर विस्तृत अध्ययन किया है। इस अध्ययन में 7 शैक्षणिक संस्थान शामिल थे – आईआईटी रूडकी, मुम्बई और गुवाहाटी, स्कूल ऑफ प्लानिंग एंड आर्किटेक्चर, नई दिल्ली, इंडियन इस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड साइंस एंड टेक्नॉलाजी, शिवपुर, सरदार वल्लभ भाई पटेल नेशनल इस्टीट्यूट ऑफ टेक्नॉलाजी, सूरत तथा अन्ना विश्वविद्यालय, चेन्नई।
नियम पुस्तिका में विभिन्न प्रकार की सड़कों तथा चौराहों का विस्तार करने व संचालन करने से संबंधित दिशा-निर्देश दिये गए हैं। नियम पुस्तिका सड़क निर्माण में लगे इंजीनियरों तथा नीति निर्माताओं को मार्गदर्शन प्रदान करेगी। नियम पुस्तिका को तैयार करने में भारतीय सड़कों पर ट्रैफिक की विविधता को ध्यान में रखा गया है। अमेरीका, चीन, मलेशिया, इंडोनेशिया, ताइवान जैसे विकसित देशों में राजमार्ग क्षमता नियम पुस्तिका का बहुत पहले से ही उपयोग किया जा रहा है। भारत में पहली बार इस पुस्तिका को विकसित किया गया है।
इस अवसर पर अपने संबोधन में नितिन गडकरी ने कहा कि बहु प्रतीक्षित नियम पुस्तिका देश में सड़क अवसंरचना के विकास तथा योजना निर्माण में सहायता प्रदान करेगी। वैज्ञानिक समुदाय, डिजाइन बनाने वालों, नीति निर्माताओं तथा राजमार्ग परियोजनाओं से जुड़े लोगों का आह्वान करते हुए उन्होंने कहा कि अवसंरचना विकास में भारत को जल्द से जल्द विश्व की सबसे आधुनिक तकनीक अपनाने की आवश्यकता है, ताकि हम ऐसी विश्व स्तरीय अवसंरचना का विकास कर सकें जो सुरक्षित, सस्ती व पर्यावरण अनुकूल हो। उन्होंने सड़क निर्माण में फ्लाई एस, प्लास्टिक, ऑयल स्लैग और घरेलू कचरे का उपयोग करने की जरूरत पर बल दिया।
(●) एनएचएआई टोल प्लाजा के लिए रैंकिंग प्रणाली शुरू करेगा
भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) ने 10 फरवरी, 2018 को एक देशव्यापी अभियान शुरू किया, ताकि राजमार्गों का इस्तेमाल करने वालों पर प्रतिकूल असर डालने वाले मुद्दों को सुलझाया जा सके। इनमें टोलिंग संबंधी सहूलियत, इलेक्ट्रॉनिक टोलिंग/फास्टैग लेन, टोल प्लाजा पर साफ-सफाई, टोल प्लाजा पर कार्यरत लोगों का व्यवहार, मार्शलों की तैनाती, शौचालयों की सफाई, राजमार्ग नेस्ट (मिनी) का समुचित ढंग से कार्यरत रहना, राजमार्गों के किनारे सुविधाएं और राजमार्ग पर किसी आपातकालीन स्थिति आने पर एम्बुलेंस और क्रेन की उपलब्धता शामिल हैं। एनएचएआई के चेयरमैन दीपक कुमार ने 9 फरवरी, 2018 को वीडियो कांफ्रेंस के जरिए राजमार्ग परिचालन इकाई के सभी क्षेत्रीय अधिकारियों में से प्रत्येक को देश भर में कम से कम दो टोल प्लाजा का मुआयना करने और इसके इस्तेमालकर्ताओं को बेहतर सुविधा सुनिश्चित करने के लिए व्यक्तिगत तौर पर वहां उपर्युक्त सुविधाओं की उपलब्धता की पड़ताल करने का निर्देश दिया। तदनुसार, 10 फरवरी 2018 को राजमार्ग परिचालन प्रभाग द्वारा देश भर में एक साथ 300 से भी अधिक टोल प्लाजा पर एक व्यापक अभियान शुरू किया गया। राजमार्ग परिचालन अधिकारियों ने टोल प्लाजा का मुआयना किया और इस्तेमालकर्ताओं की सुविधाओं से जुड़े मसले सुलझाए तथा लोगों से जानकारियां (फीडबैक) लीं।
दीपक कुमार ने यह भी कहा कि एनएचएआई टोल प्लाजा के लिए एक रैंकिंग प्रणाली शुरू करेगा। हर तिमाही तीन सर्वोत्तम टोल प्लाजा की पहचान की जाएगी और उनके नाम एनएचएआई की वेबसाइट पर अपलोड किए जाएंगे। उन्होंने विश्वास जताया कि टोल प्लाजा की रैंकिंग से जो प्रतिस्पर्धी माहौल बनेगा, उससे राजमार्गों के इस्तेमालकर्ताओं के लिए सुविधाएं और सहूलियत बेहतर हो जाएंगीं।