पिछड़े जिलों को विकसित करने के लिए वैज्ञानिक समाधान ढूंढ़ने चाहिए : डॉ• हर्षवर्धन



हैदराबाद, 18 जनवरी 2018, इंडिया इनसाइड न्यूज़।

केंद्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन और पृथ्‍वी विज्ञान मंत्री डॉ• हर्षवर्धन ने यह सुझाव दिया कि वैज्ञानिकों को देश में 115 पिछड़े जिलों को विकसित करने के लिए उपयुक्‍त समाधान ढूंढ़ने के प्रयास करने चाहिए। सीएसआईआर के अधीनस्‍थ हैदराबाद स्थित राष्ट्रीय भूभौतिकीय अनुसंधान संस्थान (एनजीआरआई) में वैज्ञानिकों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि विकास संभावनाओं वाले ये जिले अतीत में उपेक्षित रहे थे, जिनमें से कई जिले पूर्वोत्‍तर भारत में हैं। डॉ• हर्षवर्धन ने कहा कि वैज्ञानिकों के साथ-साथ वैज्ञानिक प्रयोगशालाएं भी इन जिलों में विकास से जुड़ी अनेक समस्‍याओं का समाधान ढूंढ़ने में महत्‍वपूर्ण योगदान दे सकती हैं। उन्‍होंने यह भी कहा कि अब समय आ गया है कि देश के वैज्ञानिक 'मौलिक विज्ञान' और 'समाधान विज्ञान' को समान महत्व दें।

डॉ• हर्षवर्धन ने यह बात रेखांकित की कि खनिजों एवं भूजल का मानचित्र तैयार करने हेतु किए जाने वाले हेलिबॉर्न सर्वेक्षणों में एनजीआरआई की विशेषज्ञता का उपयोग इन जिलों में प्राकृतिक संसाधनों की खोज करने में किया जा सकता है। एनजीआरआई ने वर्ष 2013 में पहली बार केंद्रीय भूजल बोर्ड को हेलिबॉर्न सर्वेक्षण के लिए तकनीकी सहायता प्रदान की थी। राजस्थान में जलभृत मानचित्रण अथवा जमीन के नीचे जल स्‍तर का मानचित्रण करने के लिए यह तकनीकी सहायता दी गई थी। उन्‍होंने सरकार की पहलों के साथ अपनी अनुसंधान का उपयुक्‍त सामंजस्‍य बैठाने के लिए एनजीआरआई के प्रयासों की सराहना की।

डॉ• हर्षवर्धन ने कहा कि नई प्रौद्योगिकियां विकसित करने के लिए वैज्ञानिक संस्‍थानों के बीच समुचित सामंजस्‍य होना चाहिए, ताकि ‘नए भारत’ के सपने को साकार किया जा सके जिसकी परिकल्‍पना प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी ने की है। उन्‍होंने यह भी कहा कि भारत को फिलहाल युवा आबादी की दृष्टि से अच्‍छी बढ़त हासिल है और हमें इससे व्‍यापक लाभ उठाना चाहिए।

इसी माह के आरंभ में प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी ने 115 पिछड़े जिलों के जिलाधिकारियों की एक बैठक बुलाई थी, ताकि इन जिलों का तेज गति से विकास संभव हो सके। इस बैठक के दौरान छह विकास संकेतकों के बारे में निर्णय लिया गया था जिनमें शिक्षा, स्‍वास्‍थ्‍य, बुनियादी ढांचा, कृषि एवं जल संसाधन, वित्‍तीय समावेश और कौशल विकास शामिल हैं।

ताजा समाचार

National Report




Image Gallery
इ-अखबार - जगत प्रवाह
  India Inside News