--- हरेन्द्र शुक्ला, इंडिया इनसाइड न्यूज़।
(●) संकटमोचन मंदिर के महंत ने किया कलाकारों का सम्मान
नयी दिल्ली, 29 दिसंबर। हैविटेट सेंटर नयी दिल्ली में ठुमरी की रानी पद्मविभूषण स्व• गिरिजा देवी की स्मृति में "अर्पण" संगीत समारोह में देश के ख्यातिलब्ध कलाकारों ने सूरों और नर्तन से अपने महबूब मरहूम कलाकार को स्वारांजली दी। कार्यक्रम का आगाज गिरिजा देवी की शिष्या सुनंदा शर्मा के गायन से हुआ। उन्होंने ठुमरी, टप्पा सहित अन्य रागों की अवतारणा कर श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। गायन के दौरान सुनंदा की यह खासियत रही की वह स्वरलहरियों में अपनी गुरु गिरिजा देवी की गायकी की बारिकियों को उतारती नजर आयी।
इनके बाद प्रख्यात नृत्य साधक पं• राजेंद्र गंगानी का कथक भाव में नृत्य हुआ। उन्होंने कथक की परंपरागत भाव भंगिमाओं में परन, उठान, रेला, आदि की मनभावन प्रस्तुति कर दर्शकों को झूमने पर मजबूर कर दिया।
इसके पूर्व बतौर मुख्य अतिथि आईआईटी बीएचयू इलेक्ट्रॉनिक विभाग के प्रोफेसर एवं संकटमोचन मंदिर, वाराणसी के महंत प्रो• विश्वम्भरनाथ मिश्र ने पद्मश्री गिरिजा देवी के चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्वलित कर समारोह का आगाज किया। इस अवसर पर प्रो• मिश्र ने अतिथि कलाकारों को अंगवस्त्रम एवं पुष्प गुच्छ भेंटकर सम्मानित भी किया।