सैयद सलाहुद्दीन पर अमेरिकी घोषणा से उसकी फंडिंग को रोकने में मदद मिलेगी : गृह सचिव



महर्षि ने कहा कि कश्मीरी आतंकवादी संगठन हिज्बुल मुजाहिदीन का प्रमुख सैयद सलाहुद्दीन एक ''कायर है जो पाकिस्तान भाग गया.''
भाषा की रिपोर्ट , अंतिम अपडेट: जून 27, 2017 14:36

नई दिल्ली: केंद्रीय गृह सचिव राजीव महर्षि ने मंगलवार को कहा कि सैयद सलाहुद्दीन को वैश्विक आतंकवादी घोषित करने के अमेरिकी सरकार के फैसले से उस आतंकवादी की गतिविधियों और वित्‍त पोषण पर रोक लगाने में मदद मिलेगी. महर्षि ने कहा कि कश्मीरी आतंकवादी संगठन हिज्बुल मुजाहिदीन का प्रमुख सैयद सलाहुद्दीन एक ''कायर है जो पाकिस्तान भाग गया.'' सीमा सुरक्षा बल आईटीबीपी के एक कार्यक्रम से इतर महर्षि ने संवाददाताओं से कहा, ''वह (सैयद सलाहुद्दीन) एक आतंकवादी है और उसे अब घोषित भी कर दिया गया है. अमेरिका की इस घोषणा से उसकी गतिविधियों और वित्‍त पोषण के बारे में पता चल सकता है.'' अमेरिका ने सोमवार को सलाउद्दीन को विशेष रूप से नामित वैश्विक आतंकवादी घोषित किया. भारत ने इस कदम का स्वागत करते हुए कहा कि यह इस बात को दिखाता है कि दोनों देश आतंकवाद के खतरे का सामना कर रहे हैं.

विदेश सचिव एस जयशंकर ने वाशिंगटन में कहा था कि यह घोषणा ''प्रशासन की ओर से आ रहा कड़ा संदेश है कि वह सभी रूपों में आतंकवाद को खत्म करने के लिए प्रतिबद्ध है.'' उन्होंने कहा था, ''हमें इसके लिए कदम उठाना चाहिए. यह तय जिम्मेदारी है जो समस्या को दर्शाती है. इससे संकेत मिल रहा है, यह एक खास संगठन और व्यक्ति पर केंद्रित है. हमारे में से कोई भी उस संदेश को नजरअंदाज नहीं कर सकता.'' अमेरिका के विदेश मंत्रालय का यह कदम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच व्हाइट हाउस में होने वाली पहली मुलाकात से कुछ घंटे पहले आया था.

सलाउद्दीन को आतंकवादी घोषित करने के बाद अमेरिकी नागरिकों का सैयद सलाहुद्दीन के साथ लेनदेन करना निषिद्ध हो गया है और सलाउद्दीन की सभी संपत्तियां तथा संपत्तियों में उसके हित अमेरिकी न्यायाधिकार क्षेत्र के तहत अवरुद्ध हो गए हैं.

ताजा समाचार

National Report



Image Gallery
इ-अखबार - जगत प्रवाह
  India Inside News