--राजीव रंजन नाग
नई दिल्ली, इंडिया इनसाइड न्यूज।
संसद की सुरक्षा में चूक के मुद्दे पर विपक्षी दलों ने गुरुवार (14 दिसंबर) को लोकसभा और राज्यसभा में जमकर हंगामा किया। ये सांसद गृह मंत्री अमित शाह से बयान देने की मांग कर रहे थे। इस बीच लोकसभा स्पीकर ने हंगामा करने के आरोप में कांग्रेस सदस्यों टी एन प्रतापन, हिबी इडेन, जोतिमणि, रम्या हरिदास और डीन कुरियाकोस को शीतकालीन सत्र की बाकी बचे समय से निलंबित कर दिया है।
इसके बाद भी हंगामा नहीं थमा, 9 और सदस्यों को शीतकालीन सत्र से निलंबित कर दिया गया। इनमें बेनी बेहनन (कांग्रेस), मोहम्मद जावेद (कांग्रेस), पी आर नटराजन (सीपीआईएम), कनिमोझी (डीएमके), वीके श्रीकंदन (कांग्रेस), के सुब्रमण्यम, एसआर पार्थिबन (डीएमके), एस वेंकटेशन (सीपीआईएम) और मनिकम टैगोर (कांग्रेस) शामिल हैं।
संसदीय कार्य मंत्री प्रह्लाद जोशी ने लोकसभा में कहा कि हम सब सहमत हैं कि कल (बुधवार, 13 दिसंबर) की दुर्भाग्यपूर्ण घटना लोकसभा सदस्यों की सुरक्षा में गंभीर चूक थी और इस मामले में लोकसभा अध्यक्ष के निर्देश पर उच्चस्तरीय जांच शुरू कर दी गई है। उन्होंने कहा, ''इस मुद्दे पर किसी भी सदस्य से राजनीति की अपेक्षा नहीं की जाती है। हमें दलगत राजनीति से ऊपर उठकर काम करना होगा। संसद में सुरक्षा में चूक की इस तरह की घटनाएं पहले भी होती रही हैं और उस समय के लोकसभा अध्यक्षों के निर्देशानुसार कार्यवाही चलाई जाती रही है।''
सांसदों के निलंबन पर जेडीयू अध्यक्ष ललन सिंह ने कहा कि सरकार की नाकामी को छुपाने के लिए आज सांसदों को सस्पेंड किया गया है। सरकार अपनी नाकामी को छिपा रही है।
इससे पहले राज्यसभा से तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के सांसद डेरेक ओब्रायन को निलंबित कर दिया गया। उनके निलंबन को लेकर विपक्षी दलों के सांसदों ने राज्यसभा में जमकर हंगामा किया। इसके बाद राज्यसभा की कार्यवाही तीन बजे फिर 4 बजे तक के लिए सदन की कार्यवाही स्थगित कर दी गई।
आज सुबह संसद का शीतकालीन सत्र शुरू होने से पहले आगे की रणनीति को लेकर विपक्षी दलों की हुई बैठक के बाद कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने एक्स पर लिखा, ''इंडिया की पार्टियां मांग कर रही हैं: कल संसद में हुई बेहद गंभीर और ख़तरनाक सुरक्षा चूक पर दोनों सदनों में गृह मंत्री विस्तृत बयान दें और उसके बाद इसपर चर्चा हो।'' उन्होंने कहा, ''घुसपैठ करने वालों को विजिटर पास दिलवाने वाले भाजपा सांसद प्रताप सिम्हा के ख़िलाफ़ सख्त कार्रवाई हो। मोदी सरकार द्वारा इन पूरी तरह से वैध और उचित मांगों को मानने से इंकार करने के कारण आज सुबह लोकसभा और राज्यसभा की कार्यवाही स्थगित हो गई।''
उधर, तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) सांसद डेरेक ओ'ब्रायन को संसद के शीतकालीन सत्र के शेष भाग से सस्पेंड कर दिया गया है। ओ'ब्रायन पर सदन की कार्यवाही में बाधा डालने का आरोप है। जिस पर कार्रवाई करते हुए उन्हें राज्यसभा से सस्पेंड कर दिया गया। लोकसभा में बुधवार दोपहर हुई सुरक्षा में चूक के बाद गुरुवार (14 दिसंबर) को एक बार फिर से संसद दोबारा शुरू हुई। इस दौरान ओ'ब्रायन ने संसद की सुरक्षा में हुई चूक पर चर्चा की मांग की थी। लेकिन इस पर राज्यसभा सभापति जगदीप धनखड़ ने टीएमसी सांसद का नाम लिया और उन्हें तुरंत सदन से बाहर जाने का आदेश दिया। धनखड़ ने कहा, 'डेरेक ओ'ब्रायन को तुरंत सदन छोड़ने के लिए कहा जाता है। उनका कहना है कि वह सभापति की अवहेलना करेंगे। डेरेक ओ'ब्रायन का कहना है कि वह नियमों का सम्मान नहीं करेंगे। यह एक गंभीर कदाचार है। यह एक शर्मनाक घटना है।' धनखड़ ने कहा कि सांसद का आचरण ठीक नहीं है। सभापति ने कहा कि डेरेक ओ'ब्रायन नारेबाजी करते हुए सदन के वेल में आ गए। कल सुरक्षा में चूक की घटना को लेकर उन्होंने न सिर्फ नारेबाजी की, बल्कि सदन की कार्यवाही में बाधा डाली है। सभापति की तरफ से डेरेक ओ'ब्रायन के अलावा अन्य विपक्षी सांसदों को भी प्रदर्शन को लेकर चेतावनी दी गई। हालांकि, कोई भी सभापति की बात सुनने को तैयार नहीं था। फिलहाल राज्यसभा को स्थगित कर दिया गया है। वर्तमान में संसद का शीतकालीन सत्र चल रहा है, जो 4 दिसंबर से शुरू हुआ था और 22 दिसंबर तक चलने वाला है।
संसद की सुरक्षा में बुधवार को बड़ी चूक हुई। विजिटर्स पास लेकर सदन की कार्यवाही देखने वाले दोनों आरोपियों ने विजिटर्स गैलरी से छलांग लगाई और सीधे सदन में पहुंच गए। इस दौरान एक आरोपी ने अपने जूते से स्मॉक स्प्रे निकाला और उसे बिखेर दिया। इसकी वजह से सदन में पीले रंग का धुआं फैल गया। अभी तक सदन की सुरक्षा चूक मामले में 5 लोगों को गिरफ्तार किया गया है।
द्रमुक सांसद कनिमोझी उन पंद्रह सांसदों में से हैं जिन्होंने बुधवार की सुरक्षा उल्लंघन पर विरोध प्रदर्शन के बीच संसद के शेष शीतकालीन सत्र के लिए आज निलंबित किया गया है। कनिमझी ने सांसदों को जवाबदेह ठहराने में दोहरे मानकों को लेकर सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी की आलोचना की है।
एक टीवी चैनल से बात करते हुए, उन्होंने भाजपा सांसद प्रताप सिम्हा के खिलाफ कार्रवाई की नहीं किए जाने पर सवाल उठाया। उन्होंने संसद में छलांग लगाने वाले दो लोगों को पास जारी किए थे। इस संवाददाता से बात करते हुए लोक सभा में द्रमुक की सांसद कनिमोझी ने कहा- "मुझे नहीं पता कि कल की सुरक्षा उल्लंघन कैसे हुई? इस पर सरकार से स्पष्टीकरण मांगना हमारे लिए अनियंत्रित आचरण' है। लेकिन पास जारी करने वाले सांसद अभी भी संसद में हैं...।" कनिमोझी ने कहा- "क्या भाजपा लोकतंत्र का मतलब समझती है?"