2026 की जंग से पहले बंगाल का मूड, आंकड़ों में आगे तृणमूल



कोलकाता
पश्चिम बंगाल, इंडिया इनसाइड न्यूज।

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 की सरगर्मी तेज होने लगी है और इसी बीच एक ताजा प्री-पोल ओपिनियन सर्वे ने राज्य की सियासी तस्वीर को काफी हद तक साफ कर दिया है। विजन ओरिएंटेड लीडरशिप टीम द्वारा किए गए इस व्यापक सर्वे में ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस को स्पष्ट बढ़त मिलती दिख रही है, जबकि भारतीय जनता पार्टी मुख्य विपक्षी दल के रूप में मजबूती से खड़ी नजर आती है।

• सीटों का अनुमान, किसे कितनी बढ़त?

294 सदस्यीय विधानसभा के लिए जारी सीट अनुमान के मुताबिक तृणमूल कांग्रेस को 169 सीटें, भारतीय जनता पार्टी को 114 सीटें और अन्य दल (लेफ्ट फ्रंट, कांग्रेस, ईएसएफ व क्षेत्रीय पार्टियां) को 11 सीटें मिलती दिख रही है। यह सर्वे राज्य की सभी 294 विधानसभा सीटों पर आधारित है, जिसमें बूथ-स्तरीय डेटा, मतदाता रुझान, सामाजिक-क्षेत्रीय समीकरण और स्थानीय राजनीतिक परिस्थितियों का गहन विश्लेषण शामिल है।

• क्षेत्रीय समीकरण, कहां किसका पलड़ा भारी?

रिपोर्ट के अनुसार दक्षिण बंगाल, कोलकाता और मध्य क्षेत्रों में तृणमूल कांग्रेस की पकड़ मजबूत बनी हुई है। वहीं उत्तर बंगाल, आदिवासी बहुल इलाकों (झाड़ग्राम, पुरुलिया, बांकुड़ा) और सीमावर्ती क्षेत्रों में भाजपा का प्रभाव बढ़ा है। कई सीटों पर त्रिकोणीय या बहुकोणीय मुकाबले के संकेत भी सामने आए हैं, जो चुनाव को और रोचक बनाते हैं।

• क्या होंगे निर्णायक फैक्टर?

सर्वे की प्रमुख बातों में यह साफ उभरकर आया है कि स्थानीय नेतृत्व और बूथ प्रबंधन चुनावी नतीजों में निर्णायक साबित होंगे। मतदाता टर्नआउट और नैरेटिव कंट्रोल आधुनिक चुनावों में जीत-हार की दिशा तय कर रहे हैं। आखिरी चरण की रणनीति कई सीटों पर खेल पलट सकती है।

वोल्ट एलएलपी ने यह अध्ययन डेटा आधारित और क्षेत्र विशिष्ट रणनीति के तहत किया है। इसमें प्राथमिक मतदाता सर्वे, बूथ-स्तर पर संगठनात्मक आकलन, पिछले चुनावों के रुझानों का विश्लेषण, रियल-टाइम राजनीतिक फीडबैक शामिल हैं।

हालांकि सर्वे में तृणमूल कांग्रेस को बढ़त दिखाई गई है, लेकिन रिपोर्ट यह भी साफ करती है कि पश्चिम बंगाल का 2026 का चुनाव बेहद प्रतिस्पर्धात्मक होगा। क्षेत्रीय समीकरण, मतदाता सहभागिता और अंतिम दौर की रणनीतियां तय करेंगी कि सत्ता की चाबी आखिर किसके हाथ लगेगी। बंगाल की सियासत में फिलहाल एक बात तय है कि मुकाबला दिलचस्प है, और आखिरी फैसला अभी बाकी है।

वोल्ट एक पेशेवर चुनाव प्रबंधन और राजनीतिक रणनीतिक संस्था है, जो वोटर रिसर्च, डेटा एनालिटिक्स, ग्राउंड ऑपरेशंस और बूथ लेवल निष्पादन में विशेषज्ञता रखती है। इसकी स्थापना राहुल कुमार सिंह ने की है, जो संस्थापक और रणनीतिक नेतृत्वकर्ता हैं। उनके नेतृत्व में संस्था ने खुद को एक अनुशासित, नैतिक और परिणाम-केंद्रित राजनीतिक परामर्श संगठन के रूप में स्थापित किया है।

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