महादेव सट्टा ऐप मामले में बुरे फंसे भूपेश बघेल



--विजया पाठक (एडिटर - जगत विजन),
रायपुर - छत्तीसगढ़, इंडिया इनसाइड न्यूज।

● ईडी का दावा: मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को मिले 508 करोड़ रुपए

● ऐप के प्रमोटर ने भूपेश बघेल को भेजी थी रकम

● क्या मुख्यमंत्री बघेल हो सकते हैं गिरफ्तार?

● क्या पाप के पैसों से भूपेश कांग्रेस लड़ेगी चुनाव?

छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव के चंद दिन पहले प्रदेश के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल महादेव आनलाईन सट्टा ऐप मामले में बुरे फंसते नजर आ रहे हैं। इस मामले की जांच कर रही ईडी का दावा है कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को 508 करोड़ रूपये दिये गये हैं। दुबई से आये असीम दास से ईडी की पूछताछ में यह बात कबूली है। प्रवर्तन निदेशालय ने दावा किया कि उसने एक कैश कूरियर का बयान दर्ज किया है, जिसने आरोप लगाया है कि महादेव सट्टेबाजी ऐप के प्रमोटरों ने अब तक छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को 508 करोड़ रुपए का भुगतान किया है।

अब सवाल उठता है कि क्याभ चुनाव के पहले मुख्यमंत्री भूपेश बघेल गिरफ्तार होंगे। क्योंकि यह ऐसा मामला है जिस पर सारे देश की निगाहें टिकी हुई हैं। असीम दास की बघेल को पैसे देने की बात कबूल करना बहुत बड़ी बात है। निश्चित तौर पर इस पैसे का उपयोग चुनाव में होना था। महादेव आनलाईन सट्टा ऐप में मुख्यामंत्री की संलिप्तिता जाहिर करती है कि इस ऐप को फलने फूलने में भूपेश बघेल की बड़ी भूमिका रही है। हालांकि पहले से ही शंका जाहिर की जा रही थी कि इस ऐप के प्रमोटर्स को प्रदेश की सरकार का पूरा सहयोग मिल रहा है। आज जब ईडी के हत्थे चढ़े असीम दास ने कबूल ही कर लिया है। एजेंसी को इस मामले में छत्तीसगढ़ सरकार के कुछ सरकारी अधिकारियों की भूमिका का शक है। ईडी के मुताबिक़ ये पैसे चुनावों के लिये महादेव एप के प्रोमोटर की तरफ से दुबई से कुरियर के जरिये कार में भेजे जा रहे थे। बताया जा रहा है कि असीम दास उर्फ बप्पा दास पेशे से ड्राइवर है और ऑनलाइन सट्टा ऐप की आईडी संचालित करता है। ईडी को आशंका है कि उसके घर से मिला पैसा ऑनलाइन सट्टा ऐप का है, जिसे चुनाव में खर्च करने के लिए रखा गया था।

पिछले दिनों ईडी की रायपुर और भिलाई में कार्रवाई में कुल 05 करोड़ 39 लाख रुपए की रकम जब्त की गई है। साथ ही 15 करोड़ की रकम फ्रीज भी गई है। भिलाई का रहने वाला असीम दास ड्राइवर है जिसके पास से पांच करोड़ 39 लाख कैश मिला था। आपको बता दें कि इस पूरे गोरखधंधे का मास्टरमाईंड सौरभ चंद्राकर है। सौरभ भिलाई में ही 'जूस फैक्ट्री’ के नाम से एक छोटी सी जूस की दुकान चलाता था। इसी दौरान 2017 में रवि और सौरभ ने मिलकर ऑनलाइन सट्टेबाजी के जरिए पैसा कमाने के लिए एक वेबसाइट बनाई। कहा जा सकता है कि इस ऐप को फलने फूलने में छत्तीसगढ़ का बहुत बड़ा रोल है। ईडी को अब तक मिली कामयाबी से यही लगता है कि प्रदेश की सरकार और शासन प्रशासन से काफी मदद भी मिली है। क्योंकि इस ऐप को लेकर प्रदेश के कई प्रशासनिक अधिकारी या तो जेल में हैं या ईडी की रडार पर हैं। अब नया नाम मुख्यमंत्री तक का जुड़ गया है।

• भूपेश बघेल के विस क्षेत्र से ही फला-फूला महादेव ऐप

अब तक मिले सबूतों और गिरफ्तारियों से पता चला है कि इस पूरे महादेव आनलाईन सट्टा ऐप के तार मुख्येमंत्री भूपेश बघेल के विधानसभा क्षेत्र भिलाई दुर्ग पाटन से जुड़े हैं। इस क्षेत्र से ही ज्यादातर गिरफ्तारियां हुई हैं। और यह सट्टा वर्षों से चल रहा है। लेकिन यह बात समझ से परे लग रही है कि मुख्यिमंत्री के क्षेत्र में सट्टा ऐप चल रहा था और सरकार को पता तक नहीं था। मैंने भी महादेव आनलाईन सट्टा ऐप को लेकर जगत विजन पत्रिका में स्टोरी प्रकाशित की थी। इस स्टोरी को लेकर मुझे भूपेश सरकार ने काफी परेशान किया है और धमकी तक दी हैं। यहां तक कि सीएम बघेल भी महादेव सट्टा ऐप को लेकर कई बार बयान दे चुके हैं कि महादेव सट्टा की जांच होनी चाहिए लेकिन आज वह खुद इसमें फंसते नजर आ रहे हैं। कहा जा सकता है कि इसी पैसे से वह प्रदेश में विस चुनाव लड़वाना चाहते थे। पर ईडी की कार्रवाही में उनके मंसूबे खत्म हो गये हैं।

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