2024 लोकसभा चुनाव तक अध्यक्ष बने रहेंगे जगत प्रकाश नड्डा



--राजीव रंजन नाग,
नई दिल्ली, इंडिया इनसाइड न्यूज़।

भारतीय जनता पार्टी द्वारा अपने राष्ट्रीय अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा के कार्यकाल को एक साल के लिए बढ़ा दिया गया है। अब वह 2024 के लोक सभा चुनाव तक पार्टी अध्यक्ष बने रहेंगे। भाजपा की कार्यकारिणी की बैठक में इस फैसले पर मुहर लगा दी गयी है। गृह मंत्री अमित शाह ने इस फैसले की घोषणा एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में की। उन्होंने कहा कि जेपी नड्डा जून 2024 तक बीजेपी अध्यक्ष के रूप में काम करते रहेंगे।

बीजेपी में जेपी नड्डा की अहमियत का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि हिमाचल प्रदेश से ताल्लुक रखने वाले नड्डा अपने गृह राज्य में भी बीजेपी को जीत नहीं दिला पाए। उसके बाद भी उन्हें अध्यक्ष बनाए रखा गया। नड्डा ने अपने राजनीति करियर की शुरुआत छात्र नेता के रूप में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) से की थी। नड्डा को राज्य और केंद्रीय संगठन में काम करने का लंबा अनुभव भी है।

● कौन हैं जेपी नड्डा?

मूल रूप से हिमाचल प्रदेश के रहने वाले जगत प्रकाश नड्डा का जन्म बिहार की राजधानी पटना में 2 दिसंबर 1960 को हुआ था। पटना विश्वविद्यालय से बीए करने के बाद हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय से एलएलबी की पढ़ाई की। इस दौरान उन्होंने जय प्रकाश नारायण के विभिन्न आदोलनों में सक्रियता से हिस्सा लिया। इसके अलावा, नड्डा एबीवीपी से जुड़े रहे और साल 1989 में एबीवीपी के राष्ट्रीय मंत्री चुने गए। साल 1991 में भारतीय जनता युवा मोर्चा के अध्यक्ष बनाए गए।

साल 1993 में पहली बार हिमाचल प्रदेश विधान सभा में विधायक बने और नेता प्रतिपक्ष चुने गए। साल 1998 में दोबारा चुनाव जीते और बीजेपी सरकार में स्वास्थ्य मंत्री बने। साल 2010 में भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय महामंत्री बनाए गए। 2012 में राज्यसभा सदस्य के रूप में चुने गए और साल 2014 - 2019 तक भारत सरकार में स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय की कमान संभाली। जून 2019 में नड्डा को भारतीय जनता पार्टी का राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष और जनवरी 2020 में भारतीय जनता पार्टी का राष्ट्रीय अध्यक्ष चुना गया।

गृह मंत्री अमित शाह ने सोशल मीडिया के जरिए कहा कि देश के सभी राजनीतिक दलों में सबसे ज्यादा लोकतांत्रिक तरीके से चलने वाला दल भाजपा है। जनसंघ की स्थापना से लेकर आज तक भाजपा में बूथ से लेकर राष्ट्रीय अध्यक्ष तक के चुनाव हमेशा समय पर पार्टी संविधान के अनुकूल होते रहे हैं। उन्होंने बताया कि जेपी नड्ड़ा के नाम पर राष्ट्रीय कार्यकारिणी ने सर्वानुमत प्रस्ताव किया और सभी भाजपा के सदस्यों ने सर्वसम्मति से उनको जून 2024 तक पार्टी का राष्ट्रीय अध्यक्ष स्वीकार किया है।

नड्डा तीसरे ऐसे अध्यक्ष होंगे, जिन्हें दूसरी बार पार्टी की कमान मिलेगी। इससे पहले राजनाथ सिंह, लालकृष्ण आडवाणी दो या उससे अधिक कार्यकाल के लिए अध्यक्ष रह चुके हैं। अध्यक्ष बनने से पहले नड्डा जम्मू-कश्मीर और यूपी के प्रभारी महासचिव रह चुके हैं। 2010 में नड्डा राष्ट्रीय राजनीति में आए थे, उस वक्त नितिन गडकरी ने उन्हें पार्टी का सचिव नियुक्त किया था। हिमाचल प्रदेश जेपी नड्डा का गृह राज्य है और यहां हाल ही में हुए विधान सभा चुनाव में पार्टी की करारी हार हुई है। हिमाचल में बीजेपी की हार के बाद माना जा रहा था कि जेपी नड्डा की कुर्सी पर भी संकट के बादल छाएंगे, लेकिन ऐसा नहीं हुआ।

राष्ट्रीय कार्यकारिणी की दो दिवसीय बैठक राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली स्थित नगर पालिका परिषद् के कन्वेंशन सेंटर में सोमवार को शुरु हुई। पार्टी की कार्यकारिणी बैठक से पहले दिल्ली में मेगा रोड शो का आयोजन हुआ था जिसमें पीएम मोदी, तमाम केंद्रीय मंत्री और पार्टी के दिग्गज नेता शामिल हुए थे। आज राष्ट्रीय कार्यकारिणी बैठक का दूसरा और आखिरी दिन मंगलवार की सुबह प्रधानमंत्री मोदी कार्यकारिणी स्थल पर पहुंचे। उनके अलावा भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा सहित पार्टी के करीब 350 वरिष्ठ नेता इस कार्यकारिणी में शामिल हुए। इनमें पार्टी शासित 12 राज्यों के मुख्यमंत्री व पांच उपमुख्यमंत्री और 35 केंद्रीय मंत्री भी शामिल हुए।

भाजपा अध्यक्ष जे पी नड्डा ने 2024 के लोकसभा चुनाव से पहले इस साल होने वाले नौ राज्यों के विधानसभा चुनावों के राजनीतिक महत्व पर सोमवार को जोर दिया और देश भर के संगठन के वरिष्ठ सदस्यों से सभी राज्यों में पार्टी की जीत सुनिश्चित करने को कहा। श्री नड्डा ने पार्टी नेताओं से यह सुनिश्चित करने के लिए प्रयास करने का आह्वान किया कि नौ राज्यों में से किसी में भी चुनाव न हारे। नड्डा ने कहा कि पार्टी को उन राज्यों में सत्ता में लाने के लिए काम करना है जहां वह विपक्ष में है और जहां वह सत्ता में है। वहां अपना "अभेद्य किला" बनाने के लिए काम करना है।

त्रिपुरा, नागालैंड और मेघालय से शुरू होकर, कर्नाटक में विधानसभा चुनाव होने हैं। इसके बाद राजस्थान, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, मिजोरम में एक बार में और फिर 2023 में तेलंगाना में। जाहिर है सत्तारूढ़ पार्टी अपने संगठन को मजबूत करने के लिए कई कवायद कर रही है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि वह 2024 में तीसरे कार्यकाल के लिए केंद्र की सत्ता में वापस आए।

दलितों में पनपे असंतोष के मद्दे नजर अपने लगभग 45 मिनट के बंद दरवाजे के संबोधन में, श्री नड्डा ने राज्यपाल जैसे संवैधानिक पदों के अलावा राज्यों और केंद्र में भाजपा सरकारों में अन्य पिछड़ा वर्ग, अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के प्रतिनिधित्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के रूप में भारत को शीर्ष संवैधानिक पद पर अपना पहला आदिवासी व्यक्ति मिला है। उन्होंने कहा, "पार्टी पिछड़े वर्ग, अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के वोट प्राप्त कर रही है और उन्हें प्रतिनिधित्व दे रही है। यह सबका साथ, सबका विकास और सबका प्रयास के हमारे संकल्प को दर्शाता है।" पार्टी अध्यक्ष ने कहा कि यह दुनिया की पांचवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था, मोबाइल फोन का दूसरा सबसे बड़ा निर्माता, ऑटो क्षेत्र में तीसरा सबसे बड़ा निर्माता बन गया है, जबकि हर दिन बनने वाले राजमार्ग की लंबाई 12 किलोमीटर से बढ़कर 37 किलोमीटर हो गई है।

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