ओमिक्रॉन के सब-वैरिएंट बीएफ-7: देश के सरकारी व प्राइवेट अस्पतालों में तेज हुई मॉक ड्रिल



--राजीव रंजन नाग,
नई दिल्ली, इंडिया इनसाइड न्यूज़।

चीन में ओमिक्रॉन के सब-वैरिएंट बीएफ-7 से मची तबाही के बीच कोविड-19 से निपटने के लिए भारत सरकार के निर्देश पर आज देशभर के सरकारी व प्राइवेट अस्पतालों में मॉक ड्रिल चल रही है। ऐसा करके तैयारियों का जायजा लिया जा रहा है ताकि अगर भारत में भी कोरोना फिर बेकाबू हो जाए तो इससे कैसे निपटा जाए।

गौरतलब है कि चीन के अलावा जापान व अन्य कुछ देशों में भी एक बार फिर बड़ी संख्या में कोरोना के नए मामले लगातार बढ़ रहे हैं। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा आज सुबह तक उपलब्ध करवाई गई जानकारी के अनुसार भारत में बीते 24 घंटों में कोरोना संक्रमण वायरस के 157 नए मामले सामने आए। कल यह आंकड़ा 196 था। भारत ने सोमवार को 196 नए कोरोनोवायरस मामलों की सूचना दी है। जिससे संक्रमण की कुल संख्या 4,46,77,302 हो गई. देश ने पिछले 24 घंटों में वायरस से संबंधित दो नई मौतों को भी देखा है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री के आंकड़ों के अनुसार वर्तमान में देश में सक्रिय मामलों की संख्या 3,428 है। इस बीच दिल्ली के अधिकारियों ने सोमवार को एक आदेश जारी कर कहा कि स्कूल के शिक्षकों को शीतकालीन अवकाश के दौरान इंदिरा गांधी इंटरनेशनल (आईजीआई) एयरपोर्ट में कोविड ड्यूटी पर तैनात किया जाएगा।

उधर कोरोना के महाविस्फोट से जूझ रहे चीन नें अगले महीने से अपनी सीमाओं को फिर से खोलने और अंतर्राष्ट्रीय यात्रियों के लिए क्वारंटीन को खत्म करने का फैसला लिया है। चीन अगले साल 8 जनवरी से अंतर्राष्ट्रीय यात्रियों के लिए क्वारंटीन को खत्म करेगा। लगभग तीन वर्षों के बाद एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए चीन अपनी अंतर्राष्ट्रीय सीमाओं को फिर से खोल देगा और अंतर्राष्ट्रीय अलगाव से बाहर आ जाएगा। ये घोषणाएं ऐसे समय में आई हैं जब शी जिनपिंग ने इस महीने की शुरुआत में सरकार विरोधी प्रदर्शनों की लहर के बाद अपनी कठोर जीरो-कोविड नीति में ढील दी। इसके बाद देश ओमिक्रॉन के नए वेरिएंट के कारण कोरोनोवायरस संक्रमणों में अचानक तेजी आ गई।

उधर, केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मांडविया आज राजधानी दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल पहुंचे और यहां उन्होंने तैयारियों का जायजा भी लिया। उन्होंने कहा, आज देशभर के कई अस्पतालों में मॉक ड्रिल का आयोजन हुआ है। मैंने सफदरजंग अस्पताल में कोविड वार्ड का निरीक्षण किया और जैसी व्यवस्था यहां है वैसी ही बाकी के अस्पताल की है। मनसुख मांडविया ने कहा कि दुनिया में जिस तरह से कोरोना बढ़ रहा है, उस तरह से देश में कोरोना नहीं बढ़े, इसके लिए मॉक ड्रिल की जा रही है। देश के सभी राज्यों में ये मॉक ड्रिल की जा रही है, ताकि देश में कोविड अगर बढ़े तो उससे निपटा जा सके।

उन्होंने अस्पताल के दौरे के दौरान स्वास्थ्य कर्मियों को टेस्ट-ट्रैक-ट्रीट-टीकाकरण और कोविड गाइडलाइंस की नीति का पालन करने व संवेदनशील लोगों को सर्तकता डोज देने की भी अपील की। उन्होंने कहा, हम निरंतर सामूहिक प्रयासों से ही संक्रमण से पार पा सकते हैं। चीन में तबाही और अन्य देशों में कोविड-19 मामलों में वृद्धि के बीच, भारत ने देश में बीएफ-7 ओमिक्रॉन सब-वैरिएंट के प्रकोप को रोकने के लिए सुरक्षात्मक उपाय करना शुरू कर दिया है।

दूसरी लहर में देखी गई त्रासदियों से बचने के लिए, केंद्र सरकार और राज्य और केंद्र शासित प्रदेश की सरकारें पहले ही कार्रवाई में जुट गई हैं। देश भर के अस्पतालों ने मंगलवार को कोविड-19 मॉक ड्रिल का आयोजन किया। मॉक ड्रिल का उद्देश्य उपकरण, प्रक्रिया और जनशक्ति के संदर्भ में अस्पतालों की तैयारियों के स्तर की जांच करना है। एक मानक के रूप में, मॉक ड्रिल अन्य बातों के अलावा बिस्तर की उपलब्धता, जनशक्ति, रेफरल संसाधन, परीक्षण क्षमता, चिकित्सा रसद, टेलीमेडिसिन सेवाओं और चिकित्सा ऑक्सीजन की उपलब्धता का आकलन करती है। जैसा कि महामारी के दौरान किया गया था।

मंगलवार से दिल्ली सरकार के पोर्टल पर जनता के लिए बेड, ऑक्सीजन सिलेंडर और वेंटिलेटर की उपलब्धता पर वास्तविक समय डेटा उपलब्ध करा दिया जायेगा। स्वास्थ्य मंत्री ने इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) के सदस्यों के साथ एक बैठक की भी अध्यक्षता की। उन्होंने लोगों से बूस्टर शॉट्स लेने और कोरोनावायरस के प्रसार पर अग्रेषित संदेश पर भरोसा करने से बचने का भी आग्रह किया।

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