संसद में मल्लिकार्जुन खड़गे के बयान पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का पलटवार



--राजीव रंजन नाग,
नई दिल्ली, इंडिया इनसाइड न्यूज़।

संसद में आज उस वक्त हंगामा खड़ा हो गया जब सत्ताधारी बीजेपी ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के विवादास्पद बयान पर कांग्रेस से माफी मांगने की मांग की। श्री खड़गे ने राहुल गांधी की भारत जोड़ो यात्रा को "भारत तोड़ो (भारत बांटो)" के रूप में उपहास करने के लिए भाजपा पर पलटवार करते हुए कल यह टिप्पणी की।

राजस्थान के अलवर में एक रैली में, कांग्रेस अध्यक्ष ने रविवार को कहा था कि कांग्रेस ने देश को आजादी दिलाई और देश की एकता के लिए इंदिरा और राजीव गांधी ने अपनी जान की कुर्बानी दी। हमारे पार्टी के नेताओं ने अपनी जान दी, आपने क्या किया? आपके घर में कोई देश के लिए कुत्ता तक मरा है? क्या (किसी ने) कोई कुर्बानी दी है? नहीं। उन्होंने कहा - ग्रैंड ओल्ड पार्टी ने "देश के लिए स्वतंत्रता जीती", और इंदिरा गांधी और राजीव गांधी जैसे नेताओं ने अपने जीवन का बलिदान दिया। क्या आपके घर का कुत्ता भी देश के लिए मरा है? फिर भी, वे (भाजपा) देशभक्त होने का दावा करते हैं और अगर हम कुछ कहते हैं तो हमें देशद्रोही (देशद्रोही) करार दिया जाता है।

इस बीच, कांग्रेस अध्यक्ष के बयान पर जारी बवाल के बीच आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संसद में पलटवार किया। मोदी ने कहा कि 'इतिहास सिर्फ किताबों की अटारी में पड़ा रहे तो समाज जीवन को प्रेरणा नहीं देता। हर युग में इतिहास को जानने का, इतिहास को पढ़ने का प्रयास आवश्यक होता है। उस समय हम थे या नहीं थे.. हमारे कुत्ते भी थे या नहीं थे औरों के कुत्ते हो सकते हैं। हम कुत्तों वाली परंपरा से पले बढ़े नहीं हैं। देश के कोटि-कोटि लोग थे, जब कांग्रेस पार्टी का जन्म भी नहीं हुआ था तब उन लोगों ने 1857 का स्वतंत्रा संग्राम में लड़ने का काम किया थ।

श्री खड़गे ने चीन के साथ सीमा संघर्ष पर संसद में चर्चा की अनुमति नहीं देने के लिए भी सरकार को फटकार लगाते हुए कहा: "वे (भाजपा सरकार) बाहर शेर की तरह बात करते हैं, लेकिन यदि आप देखते हैं तो वे एक चूहे की तरह काम करते हैं।" टिप्पणियों से तिलमिलाए, भाजपा ने संसद में दिन शुरू होते ही माफी मांगने की पुरजोर मांग की। राज्यसभा की कार्यवाही सुबह 11 बजे शुरू हुई। करीब 15 मिनट ही गुजरे थे। भाजपा सांसदों ने खड़गे से माफी मांगने की अपील की।

मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि आजादी के बाद महात्मा गांधी ने कहा था कि कांग्रेस को भंग कर देना चाहिए। खड़गे जी इसका जीता जागता उदाहरण हैं और देश को दिखा रहे हैं कि गांधी जी ने जो कहा वह सच था और वह एक ऐसे राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं जो बोलना नहीं जानते। जब तक वह माफी नहीं मांगते, उन्हें यहां रहने का कोई अधिकार नहीं है। हम मल्लिकार्जुन खड़गे की टिप्पणियों की निंदा करते हैं। जिस तरह से उन्होंने आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल किया और झूठ फैलाने की कोशिश की। उन्हें अलवर में आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल करने के लिए माफी मांगनी चाहिए।

उपराष्ट्रपति और राज्यसभा के सभापति जगदीप धनखड़ ने कहा कि टिप्पणी संसद के बाहर की गई थी। देश के 135 करोड़ लोग हमें देख रहे हैं। हो सकता है कि कोई बहक गया हो और बाहर कुछ कह गया हो.. तुम बच्चे नहीं हो।

श्री खड़गे ने क्षमायाचना की मांग का उपहास उड़ाते हुए अपनी टिप्पणियों पर दुहराया और उकसावे की व्याख्या की। खड़गे ने कहा, 'अगर मैं यहां खुद को दोहराता हूं, तो इन लोगों (बीजेपी) के लिए यह बहुत मुश्किल होगा, क्योंकि स्वतंत्रता संग्राम के दौरान माफी मांगने वाले आजादी के लिए लड़ने वालों से माफी मांग रहे हैं। खड़गे के कुत्ते वाले बयान पर भारी हंगामे के बीच राज्यसभा में भाजपा ने खड़गे से माफी की मांग की। उधर, खड़गे का कहना है कि उन्होंने जो कहा वह सदन के बाहर कहा था। उधर, खड़गे का कहना था कि 'मैंने राजस्थान के अलवर में भारत जोड़ो यात्रा के दौरान जो कहा वह सदन के बाहर था। मैंने जो कहा वह राजनीतिक रूप से सदन के बाहर था, भीतर नहीं। उस पर यहां चर्चा करने की जरूरत नहीं है। मैं अभी भी कह सकता हूं कि स्वतंत्रता संग्राम में भाजपा की कोई भूमिका नहीं थी।

उधर, मिली जानकारी के अनुसार संसद का विंटर सेशन समय से पहले खत्म हो सकता है। संसद का मौजूदा सत्र 23 दिसंबर को समाप्त हो सकता है। यह फैसला बिजनेस एडवाइजरी कमेटी की बैठक में लिया गया, जो लोकसभा और राज्यसभा के शेड्यूल को मैनेज करती है। शीतकालीन सत्र 7 दिसंबर को शुरू हुआ था, जो 29 दिसंबर तक चलना था।

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