जितना एलजी साहब मुझे डांटते हैं, उतना मेरी पत्नी भी नहीं डांटती: केजरीवाल



--राजीव रंजन नाग,
नई दिल्ली, इंडिया इनसाइड न्यूज़।

"जितना एलजी साहब मुझे रोज डांटते हैं, उतना मेरी पत्नी भी नहीं डांटती हैं। पिछले छह महीनों में एलजी साहब ने जितने प्रेम पत्र लिखें हैं उतनी तो मेरी पत्नी ने भी नहीं लिखा। एलजी साहेब थोड़ा शांत हो जाओ। ...और अपने “सुपर बॉस” को भी बताओ। “थोड़ा चिल” कराओ। आप पार्टी के बॉस ने हिंदी में लिखे एक ट्वीट में ये बातें कहीं।

राष्ट्रीय राजधानी में दिल्ली के उपराज्यपाल वी के सक्सेना और आम आदमी पार्टी के बीच वाकयुद्ध के बीच मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने उपराज्यपाल को संबोधित कर्कश ट्वीट में उनसे इतने सारे "प्रेम पत्र" भेजने से परहेज करने का आग्रह किया।

दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल और उनकी पार्टी ने पहले भ्रष्टाचार के एक मामले में सक्सेना के खिलाफ कई आरोप लगाए थे। अब केजरीवाल ने दिल्ली के एलजी द्वारा भेजे गए नोटिस की तुलना उनकी "पत्नी के प्रेम पत्रों" से की है। उन्होंने अपने वास को भी “थोड़ा शांत” रहने की अपील की है। दिल्ली के उपराज्यपाल से डांट को कम करने का आग्रह करते हुए केजरीवाल ने लिखा, “एलजी साहिब रोज मुझे जितना डाट देते हैं उतना तो मेरी पत्नी भी मुझे नहीं डांटती। (दिल्ली के एलजी मुझे मेरी पत्नी से ज्यादा डांटते हैं)

आम आदमी पार्टी प्रमुख ने अपने ट्वीट में लिखा, ''एलजी साहब मुझे रोज जितना डांटते हैं, मेरी पत्नी भी नहीं डांटती। पिछले छह महीनों में, मेरी पत्नी ने मुझे उतने प्रेम पत्र नहीं लिखे जितने कि एलजी साहब के प्रेम पत्र मुझे मिले हैं। एलजी साब, थोड़ा चिल करो। और अपने सुपर बॉस से भी को भी थोड़ा चिल करो।"

ज्ञात हो कि दिल्ली के एलजी ने हाल ही में दिल्ली सरकार की बिजली सब्सिडी योजना और उसकी विवादास्पद आबकारी नीति में घोर अनियमितताओं का आरोप लगाते हुए कई पत्र लिखे हैं, जिसकी अब सीबीआई द्वारा जांच की जा रही है।

सीएम केजरीवाल ने ट्विटर पर कहा, 'मेरी पत्नी भी मुझे उस तरह नहीं डांटती, जिस तरह दिल्ली के एलजी करते हैं। पिछले छह महीनों में, मेरी पत्नी ने मुझे उतने प्रेम पत्र नहीं लिखे जितने एलजी साहब ने मुझे लिखे हैं। एलजी साहब, थोड़ा “शांत” हो जाइए। और अपने सुपर बॉस को भी “थोड़ा चिल” करने के लिए कहें।"

दिल्ली सरकार और एलजी कार्यालय कई मुद्दों पर आमने-सामने रहे हैं और एक-दूसरे पर हमला करने का कोई मौका नहीं छोड़ा है। बाद में बिजली सब्सिडी योजना में कथित अनियमितताओं की जांच के आदेश के बाद दिल्ली के एलजी और आप सरकार के बीच तनातनी और तेज हो गई, जिससे आप नेता बचाव की स्थिति में आ गए हैं।

दोनों के बीच आरोप प्रत्यारोपों की चल रही घोटाला-बनाम-घोटाले श्रृंखला का यह हिस्सा। केंद्रीय एजेंसियों द्वारा “शराब घोटाले” की जांच में आरोपी – उपराज्यपाल को एक स्टिंगिंग पत्र भेजा गया था। उन्होंने लिखा, "दिल्ली के बीजेपी द्वारा संचालित नगर निकायों में ₹6,000 करोड़ का घोटाला हुआ है, लेकिन आप इसे नहीं देखते क्योंकि इसमें बीजेपी शामिल है।" उप राजपाल वी के सक्सेना ने कोई जवाब नहीं दिया। भाजपा ने घोटाले के आरोपों को "केवल राजनीतिक हताशा" बता कर खारिज कर दिया है।

उपराज्यपाल के एक ताजा शॉट तब आया जब उन्होंने मंगलवार को दिल्ली की मुफ्त बिजली योजना की जांच का आदेश दिया, जो मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और “आप पार्टी“ की सबसे बड़ा चुनावी आकर्षण है। दील्ली और पंजाब में सत्ता में आने पीछे उनका बिजली मुफ्त करने का वादा खासा असरदार साबित हुआ। पीएम नरेंद्र मोदी के गृह राज्य गुजरात में चुनाव में जीत हांसिल प्राप्त करने के लिए केजरीवाल ने एक हद तक मुफ्त बिजली देने का भरोसा दिया है। राज्य में इस साल के अंत में चुनाव होने हैं।

इस साल मई में दिल्ली के उपराज्यपाल का पदभार संभालने वाले श्री सक्सेना ने अपने कार्यकाल में उत्पाद नीति, कक्षा निर्माण और अस्पताल निर्माण सहित केजरीवाल सरकार के कार्यों की कई जांच के आदेश दिए हैं। आप ने आरोप लगाया है कि उपराज्यपाल की कार्रवाई राजनीति से प्रेरित थी और भाजपा नीत केंद्र सरकार के इशारे पर की गई थी।

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