--राजीव रंजन नाग,
नई दिल्ली, इंडिया इनसाइड न्यूज़।
• कांग्रेस की महा रैली
भाजपा सरकार के सत्ता में आने के बाद से देश में नफरत बढ़ रही है। कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने रविवार को दिल्ली के रामलीला मैदान में मूल्य वृद्धि, बेरोजगारी और जीएसटी के खिलाफ कांग्रेस की मेगा रैली में कहा "भाजपा और आरएसएस देश को बांट रहे हैं।"
प्रधानमंत्री पर निशाना साधते हुए वायनाड के सांसद ने कहा कि सरकार से केवल दो व्यवसायी लाभान्वित हो रहे हैं। उन्होंने दो शीर्ष उद्योगपतियों के साथ पीएम मोदी की कथित दोस्ती का जिक्र किया और कहा, "चाहे हवाईअड्डा हो, बंदरगाह हो, सड़कें...सब कुछ इन दो लोगों ने अपने कब्जे में ले लिया है।"
मोदी सरकार पर रोजगार देने में असमर्थ होने और केवल दो बड़े उद्योगपतियों को लाभान्वित करने का आरोप लगाते हुए उन्होंने कहा, "प्रधानमंत्री की विचारधारा कहती है कि हमें दो लोगों को लाभ देना चाहिए। हमारी विचारधारा कहती है कि देश की प्रगति से सभी को लाभ होना चाहिए।" उन्होंने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री इन दोनों उद्योगपतियों के लिए भी 24 घंटे काम कर रहे हैं।
गांधी ने कहा, "जब से केंद्र में भाजपा की सरकार आई है, देश में नफरत और गुस्सा बढ़ता जा रहा है। मीडिया,न्यायपालिका, चुनाव आयोग जैसे संस्थानों पर दबाव है और सरकार उन सभी पर हमला कर रही है।" ''मंहगाई पर हल्ला बोल रैली'' में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच भारी भीड़ देखी गई। राहुल गांधी के आने से पहले पार्टी के कई वरिष्ठ नेताओं ने स्रोताओं को संबोधित किया और पीएम और सत्तारूढ़ भाजपा के खिलाफ बिना किसी रोक-टोक के हमले किए।
राहुल ने कहा देश ने इस तरह की कीमतों में वृद्धि कभी नहीं देखी। "आम लोग बहुत मुश्किल में हैं। विपक्ष को इन मुद्दों को संसद में उठाने की अनुमति नहीं है। चाहे वह चीन के साथ तनाव हो, मुद्रास्फीति हो या बेरोजगारी हो।" उन्होंने कहा, 'नरेंद्र मोदी देश को पीछे ले जा रहे हैं और नफरत फैला रहे हैं। इससे पाकिस्तान और चीन को फायदा हो रहा है। पीएम मोदी ने पिछले आठ साल में भारत को कमजोर किया है।'
“हल्ला बोल रैली” में जाने से पहले राहुल गांधी ट्वीटर हैन्डिल पर गए और केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए लिखा “राजा मित्रों की कमाई में व्यस्त, प्रजा महंगाई से त्रस्त”। राहुल ने कहा-आज लोगों को ज़रूरत का सामान खरीदने से पहले भी दस बार सोचना पड़ रहा है। इन तकलीफों के लिए सिर्फ प्रधानमंत्री ज़िम्मेदार हैं। हम महंगाई के खिलाफ आवाज़ें उठाते रहेंगे । राजा को सुनना ही पड़ेगा।"
केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि बेरोजगारी और महंगाई ‘मोदी सरकार के दो भाई’ हैं। उसके दो और भाई ईडी (प्रवर्तन निदेशालय) और सीबीआई (केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो) भी हैं।
कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने कहा, "आज जनता के सामने सबसे बड़ी समस्या महंगाई और बेरोजगारी है। हमने पांच अगस्त को जोरदार प्रदर्शन भी किया था। हम इस रैली से असंवेदनशील मोदी सरकार को संदेश भेजना चाहते हैं कि महंगाई व बेरोजगारी से जनता त्रस्त है, इसका समाधान निकाला जाना चाहिए।"
सात सितंबर से कन्याकुमारी से कश्मीर तक विपक्षी पार्टी कांग्रेस की 3,500 किलोमीटर की ‘भारत जोड़ो यात्रा’ शुरू हो रही है, जिसमें राहुल गांधी देश भर में यात्रा कर लोगों से मुलाकात करेंगे। महंगाई और बेरोजगारी के मुद्दों पर जोर देंगे और सांप्रदायिक सद्भाव को बढ़ावा देंगे। ‘भारत जोड़ो यात्रा’ कांग्रेस पार्टी का अब तक का सबसे बड़ा जनसंपर्क कार्यक्रम है, जहां पार्टी के नेता जमीनी स्तर पर आम लोगों तक पहुंचेंगे।
राहुल ने कहा "इस यात्रा के साथ हम आम लोगों से मिलना चाहते हैं और उन्हें सरकार द्वारा फैलाए गए झूठ के बारे में बताना चाहते हैं। केंद्रीय एजेंसियों का दुरुपयोग किया जा रहा है। यह देश दो लोगों का नहीं है, बल्कि किसानों, मजदूरों और बेरोजगार युवाओं का भी है।
अपने महत्वाकांक्षी रैली की सफलता के लिए पार्टी कार्यकर्ताओं को जुटाने के लिए कांग्रेस नेताओं ने इस सप्ताह की शुरुआत में देश भर के 22 शहरों में प्रेस कॉन्फ्रेंस की और रैली के लिए "दिल्ली चलो" का नारा दिया। राहुल गांधी ने हिंदी में एक फेसबुक पोस्ट में कहा था कि आज देश के सामने सबसे बड़ी समस्या बेरोजगारी, महंगाई और बढ़ती नफरत है। कांग्रेस ने केंद्र पर बढ़ती कीमतों के कारण आम लोगों के दर्द के प्रति "असंवेदनशील" होने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि वह मुख्य विपक्ष के तौर पर उनके हितों के लिए सड़कों पर लड़ते रहेंगे।
राहुल गांधी ने कहा कि केंद्र सरकार जांच एजेंसियों का दुरुपयोग कर रही है। उन्होंने कहा कि उनकी मां और यूपीए अध्यक्ष सोनिया गांधी से ईडी ने पूछताछ की है। उन्होंने मेरे खिलाफ 55 घंटे पूछताछ की। लेकिन 55 घंटे तो क्या 5 साल तक भी पूछताछ करेंगे तो भी मैं नहीं डरूंगा।
राहुल गांधी के साथ राज्यसभा में कांग्रेस नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने भी महंगाई पर केंद्र को जमकर घेरा। रैली को सचिन पायलट, अशोक गहलोत, कमलनाथ, आराधना मिश्रा, कुमारी शैलजा जैसे बड़े नेताओं ने भी संबोधित किया। इस रैली से पहले अधीर रंजन चौधरी के समर्थकों की पुलिस के साथ झड़प भी हुई। जिसके बाद पुलिस ने उन्हें हिरासत में लेकर रामलीला मैदान छोड़ दिया। अधीर रंजन बंग भवन से कांग्रेस मुख्यालय तक मार्च निकाल रहे थे।
राहुल ने कहा कि कांग्रेस पार्टी का कार्यकर्ता ही देश को बचा सकता है। कांग्रेस की विचारधारा देश को प्रगित के पथ पर ला सकती है। हमारे लिए सरकार ने रास्ते बंद कर दिए हैं। संसद का रास्ता बंद कर दिया। संसद में विपक्ष का माइक बंद कर दिया जाता है। हमें बोलने नहीं दिया जाता। चुनाव आयोग, न्यायपालिका पर दबाव बना हुआ है। इसीलिए जनता के बीच में जाकर, जनता को देश की सच्चाई बतानी है। भारत जोड़ो यात्रा का यही उद्देश्य है।
हमने यूपीए सरकार में 27 करोड़ लोगों को गरीबी से निकाला। भोजन का अधिकार, नरेगा, कर्जा माफी की योजनाओं के जरिए ऐसा किया। लेकिन अब मोदी सरकार ने 23 करोड़ लोगों को वापस गरीबी में धकेल दिया है। जो काम हमने 10 साल में किया, उन्होंने 8 साल में खत्म कर दिया।
राहुल गांधी ने कृषि कानूनों का हवाला दिया और कहा कि ये तीनों कानून उद्योगपतियों के लिए लाए गए थे। किसानों की ताकत ने इन कानूनों को वापस लेने पर मजबूर कर दिया।
राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा कि देश में संविधान की धज्जियां उड़ रही हैं। नरेंद्र मोदी ने 2014 में चुनाव प्रचार करते हुए 2 करोड़ लोंगो को रोजगार देने का वादा किया था। गहलोत ने कहा कि हमारी सरकार अच्छा काम कर रही थी। खाद्य सुरक्षा कानून और आरटीआई दिया। उन्होंने कहा कि आजादी के बाद पहली बार “नासो” द्वारा देश में रोजगार के आंकड़े रोके गए। नासो ने आंकड़े जारी करने का प्रयास किया तो केंद्र सरकार ने उसे रोक दिए। इसके बाद चेयरमैन को इस्तीफा देना पड़ा।
राज्यसभा में कांग्रेस नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने महंगाई पर कहा कि केंद्र सरकार उस पर चर्चा के लिए तैयार नहीं हुई और हमेशा टालती रही।
सचिन पायलट ने कहा कि पहले किसानों के खिलाफ कानून बनाए और अब एमएसपी पर बात नहीं कर रहे हैं। आज डीजल, गैस, पैट्रोल और रोजाना की चीजें बहुत महंगी हो गई हैं।
कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने महंगाई को लेकर बीजेपी और प्रधानमंत्री को घेरा। उन्होंने लिखा कि प्रधानमंत्री अपनी जिम्मेदारी से भाग नहीं सकते। उन्हें जनता की तकलीफें सुननी ही पड़ेंगी। इसके साथ ही उन्होंने एक वीडियो भी शेयर किया है।